जयपुर-मुंबई सेंट्रल सुपरफास्ट एक्सप्रेस में जुलाई 2023 में हुई गोलीबारी के मामले में एक प्रत्यक्षदर्शी ने सोमवार को अदालत में बताया कि रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के जवान ने घटना के बाद कहा था, ‘यह 2008 का बदला है’। प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि उसने ट्रेन में एक दाढ़ी वाले व्यक्ति को खून से लथपथ हालत में देखा और पास में आरपीएफ का जवान राइफल लेकर खड़ा था। आरोपी आरपीएफ के पूर्व आरक्षी चेतन सिंह चौधरी है, जिस पर 31 जुलाई 2023 को महाराष्ट्र के पालघर स्टेशन के पास ट्रेन में अपने वरिष्ठ सहयोगी सहायक उप-निरीक्षक टीका राम मीणा और तीन यात्रियों की गोली मारकर हत्या करने का आरोप है।
चौधरी को घटना के तुरंत बाद गिरफ्तार किया गया था। प्रत्यक्षदर्शी जीएसटी विभाग में अधिकारी हैं। वह उसी ट्रेन के एस-6 कोच में यात्रा कर रहे थे। उन्होंने अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश वाईबी पठान (डिंडोशी कोर्ट) के समक्ष गवाही दी। उन्होंने बताया कि वह छुट्टी से मुंबई लौट रहे थे। गवाह ने कहा कि भयावह दृश्य देखकर वह डर गया और डिब्बे के दूसरी ओर जाने लगा, तभी उसने आरपीएफ जवान को यह कहते सुना, ‘यह 2008 का बदला है’। 26/11 हमले के संदर्भ में बयान अभियोजन के अनुसार, आरोपी का यह बयान 26/11 मुंबई आतंकवादी हमले के संदर्भ में था। उस हमले में दस पाकिस्तानी आतंकवादियों ने 60 घंटे तक चलाए गए हमलों में 166 लोगों की हत्या कर दी थी। अभियोजन पक्ष का कहना है कि चौधरी ने चलती ट्रेन में यात्रियों की हत्या करते समय कई सांप्रदायिक बयान दिए थे।






