भारत ने पैरा एशियन गेम्स के पांचवें दिन शानदार प्रदर्शन करते हुए पदकों का शतक पूरा कर लिया। शुक्रवार को भारतीय खिलाडिय़ों ने कई स्पर्धाओं में दमदार प्रदर्शन किया और स्वर्ण पदक अपने नाम किए। हनी ने भाला फेंक में विश्व रिकॉर्ड बनाया, जबकि संदीप ने भी रिकॉर्ड प्रदर्शन के साथ भारत को बड़ी उपलब्धि दिलाई।
भारतीय खिलाडिय़ों ने तीरंदाजी, बैडमिंटन, एथलेटिक्स और निशानेबाजी में पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया। हरविंदर सिंह और विजय सुंडी ने रिकर्व तीरंदाजी में स्वर्ण पदक जीता। बैडमिंटन में नीतेश कुमार और नवीन शिवकुमार ने अपने-अपने मुकाबले जीतकर स्वर्ण पदक हासिल किए। वहीं, महिला युगल स्पर्धा में थुलासिमथि मुरुगेसन और मानसी गिरिशचंद्र जोशी की जोड़ी ने भी स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
बैडमिंटन के पुरुष एकल एसएल3 वर्ग के फाइनल में नीतेश कुमार ने अपने ही देश के प्रमोद भगत को सीधे गेमों में 21-18, 21-16 से हराया। इस जीत के साथ उन्होंने स्वर्ण पदक हासिल किया। नीतेश के पास मिश्रित युगल एसएल3-एसयू5 वर्ग में भी स्वर्ण जीतने का अवसर है। वहीं, महिला एसयू5 वर्ग में थुलासिमथि मुरुगेसन को रजत पदक से संतोष करना पड़ा। फाइनल में उन्हें चीन की यांग क्यूशिया ने हराया।
पुरुष एकल एसएल4 वर्ग में नवीन शिवकुमार ने शानदार खेल दिखाते हुए इंडोनेशिया के फ्रेडी सेटियावान को सीधे गेमों में 21-9, 21-17 से हराकर स्वर्ण पदक जीता। एसएल4 वर्ग में ऐसे खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं, जिनके पैरों में मामूली या मध्यम स्तर की विकलांगता होती है और वे खड़े होकर मुकाबला करते हैं।
तीरंदाजी में हरविंदर सिंह और विजय सुंडी की जोड़ी ने रिकर्व पुरुष युगल के फाइनल में चीन को 5-1 से हराकर स्वर्ण पदक जीता। पहला सेट 35-35 से बराबर रहने के बाद भारतीय जोड़ी ने दूसरा सेट 37-36 और तीसरा सेट 38-36 से अपने नाम किया। इसके साथ ही भारत ने मुकाबला 5-1 से जीत लिया। हरविंदर और विजय इससे पहले सितंबर में विश्व तीरंदाजी प्रतियोगिता में भी स्वर्ण पदक जीत चुके हैं। दूसरी ओर, महिला रिकर्व युगल वर्ग में भावना चौधरी और पूजा जाटयान को रजत पदक मिला। फाइनल में चीन की गाओ जिहान और वांग शुएचियान ने भारतीय जोड़ी को 6-0 से हराया।
एथलेटिक्स में हनी ने पुरुष भाला फेंक एफ37/38 स्पर्धा में 60.49 मीटर का थ्रो करके स्वर्ण पदक जीता। इस प्रदर्शन के साथ उन्होंने विश्व रिकॉर्ड बनाया। हनी को अपने प्रदर्शन के लिए 1,116 अंक मिले। उनकी इस उपलब्धि ने भारतीय दल के पदकों की संख्या बढ़ाने के साथ प्रतियोगिता में देश की स्थिति भी मजबूत की।
संदीप ने भी एथलेटिक्स में शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत को एक और बड़ी उपलब्धि दिलाई। उन्होंने पुरुषों की 400 मीटर टी64 स्पर्धा में 52.28 सेकेंड का समय लेकर स्वर्ण पदक जीता। अजय कुमार ने 53.61 सेकेंड में दौड़ पूरी करके कांस्य पदक हासिल किया। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, संदीप ने टी44 वर्ग में भी विश्व रिकॉर्ड बनाया। इस वर्ग में ऐसे खिलाड़ी शामिल होते हैं, जिनके पैर घुटने के नीचे प्रभावित होते हैं और वे कृत्रिम अंगों का इस्तेमाल नहीं करते।
निशानेबाजी में मोना अग्रवाल ने महिलाओं की 50 मीटर राइफल थ्री पोजिशन एसएच1 स्पर्धा में विश्व रिकॉर्ड बनाते हुए स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने 357.5 अंक हासिल किए और स्वीडन की अन्ना बेन्सन के 356 अंकों के विश्व रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। मोना ने दक्षिण कोरिया की ली यूनरी के 355.7 अंकों के एशियाई रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया। चीन की झांग कुइपिंग ने 353.7 अंकों के साथ रजत और दक्षिण कोरिया की किम मियॉन्ग ने 344.4 अंकों के साथ कांस्य पदक जीता। भारत की अवनि लेखरा 333.2 अंक हासिल करके चौथे स्थान पर रहीं।
भारत ने पांचवें दिन की स्पर्धाओं में कुल 21 पदक जीते, जिनमें आठ स्वर्ण, आठ रजत और पांच कांस्य पदक शामिल रहे। प्रतियोगिता में भारतीय दल के कुल पदकों की संख्या 108 हो गई और पदक तालिका में भारत पांचवें स्थान पर पहुंच गया। भारतीय खिलाडिय़ों के रिकॉर्डतोड़ प्रदर्शन ने पैरा एशियन गेम्स में देश के अभियान को नई मजबूती दी है।








