Explore

Search

September 3, 2026 6:46 pm

इमरान मसूद हुए भावुक! दामाद के सपा में जाने पर बोले- ‘सियासत के लिए किसी का घर बर्बाद करना ठीक नहीं’

WhatsApp
Facebook
Twitter
Email

कांग्रेस सांसद इमरान मसूद उत्तर प्रदेश की राजनीति और 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर मथुरा में आयोजित ‘पंचायत आजतक’ के मंच पर खुलकर बोले। इस दौरान जब उनसे उनके सगे दामाद शायान मसूद के समाजवादी पार्टी में शामिल होने और अखिलेश यादव के हालिया सहारनपुर दौरे के दौरान उनकी गैरमौजूदगी को लेकर सवाल किया गया, तो वह भावुक नजर आए। उन्होंने बातचीत के दौरान अपने परिवार से जुड़ा दर्द भी साझा किया।

दामाद के सपा में जाने पर छलका दर्द

इमरान मसूद ने कहा कि राजनीति जिंदगी की हर चीज नहीं हो सकती। उन्होंने अपनी बेटी का जिक्र करते हुए कहा कि वह पिछले करीब छह महीने से उनके घर पर रह रही है और अपने छोटे बच्चे के साथ है। मसूद ने इस स्थिति को अपने लिए बेहद पीड़ादायक बताया।

उन्होंने कहा कि सियासत के लिए किसी का घर बर्बाद करना ठीक नहीं है। उनके मुताबिक, राजनीति अपनी जगह है, लेकिन पारिवारिक रिश्तों और लोगों की निजी जिंदगी को इसकी वजह से प्रभावित नहीं होना चाहिए।

मसूद ने यह भी कहा कि समाजवादी पार्टी में जाना अपने आप में कोई गुनाह नहीं है। उनका विरोध या दर्द उस पारिवारिक स्थिति को लेकर है, जिसका उन्होंने मंच से जिक्र किया।

‘मेरी बेटी 6 महीने से मेरे घर पर है’

कार्यक्रम के दौरान इमरान मसूद ने कहा कि जिस पिता की बेटी अपने छोटे बच्चे के साथ घर पर बैठी हो, वह उसके दर्द को बेहतर समझ सकता है। उन्होंने इस पूरे मामले के लिए किसी एक व्यक्ति को जिम्मेदार ठहराने के बजाय परिस्थितियों को जिम्मेदार बताया।

उनके बयान से साफ था कि मामला केवल राजनीतिक दल बदलने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर उनके परिवार पर भी पड़ा है। हालांकि, परिवार से जुड़े निजी विवादों की पूरी स्थिति सार्वजनिक रूप से स्पष्ट नहीं है, इसलिए उनके बयान को उसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए।

2022 के विवाद का भी किया जिक्र

इमरान मसूद ने बातचीत के दौरान 2022 की राजनीतिक परिस्थितियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उस समय उनके साथ जो व्यवहार हुआ और जिस वजह से परिस्थितियां बिगड़ीं, उसका असर बाद तक रहा।

उन्होंने यह भी कहा कि मुश्किल परिस्थितियां किसी व्यक्ति को कमजोर करने के बजाय मजबूत बना सकती हैं। मसूद के मुताबिक, उन्होंने अपने राजनीतिक सफर में आने वाली चुनौतियों से पीछे हटने के बजाय उनका सामना किया है।

2027 चुनाव और सपा-कांग्रेस गठबंधन पर भी बोले

‘पंचायत आजतक’ में इमरान मसूद ने केवल पारिवारिक मुद्दे पर ही बात नहीं की। उन्होंने 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव और कांग्रेस-सपा के संभावित गठबंधन को लेकर भी अपना रुख स्पष्ट किया।

उन्होंने कहा कि अगर बीजेपी को चुनाव में चुनौती देनी है तो विपक्षी दलों को समय रहते सीट बंटवारे पर बातचीत शुरू करनी होगी। उनका कहना था कि चुनाव के काफी करीब जाकर सीटों का बंटवारा करने से गठबंधन को नुकसान हो सकता है।

मसूद ने यह भी कहा कि कांग्रेस गठबंधन में रहकर चुनाव लड़ना चाहती है, लेकिन पार्टी अपनी राजनीतिक स्थिति और संगठन की ताकत के अनुरूप सम्मानजनक हिस्सेदारी की उम्मीद करती है।

‘बीजेपी को हराना आसान नहीं’

इमरान मसूद ने बीजेपी की चुनावी तैयारियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बीजेपी बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने पर काम कर रही है और विपक्ष को भी उसी स्तर की तैयारी करनी होगी।

उनके मुताबिक, केवल बड़े नेताओं की रैलियों या दफ्तरों में बैठकर चुनाव नहीं जीते जा सकते। जमीनी स्तर पर संगठन, कार्यकर्ताओं की सक्रियता और सीटों को लेकर रणनीति पहले से तैयार करना जरूरी होगा।

कांग्रेस की हिस्सेदारी पर क्या बोले?

मसूद ने 2017 और 2024 के चुनावी अनुभवों का हवाला देते हुए कहा कि कांग्रेस अब उत्तर प्रदेश में पहले की तुलना में मजबूत स्थिति में है। उन्होंने संकेत दिया कि 2027 में पार्टी सीट बंटवारे के दौरान अपनी राजनीतिक ताकत के हिसाब से हिस्सेदारी की मांग करेगी।

उनका कहना था कि गठबंधन का मकसद बीजेपी को चुनौती देना है, लेकिन इसके लिए सभी सहयोगी दलों के बीच स्पष्ट रणनीति और समय पर निर्णय जरूरी है।

पेपर लीक और नौकरियों के मुद्दे पर सरकार को घेरा

इमरान मसूद ने उत्तर प्रदेश में पेपर लीक और रोजगार के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने परीक्षा व्यवस्था और संविदा कर्मचारियों से जुड़े सवाल उठाते हुए कहा कि युवाओं के लिए स्थायी रोजगार और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया जरूरी है।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी व्यवस्था में संविदा पर निर्भरता बढ़ने से कई तरह की समस्याएं पैदा हो रही हैं। ये उनके राजनीतिक आरोप हैं और इन्हें सरकार के खिलाफ उनके बयान के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।

मुस्लिम और दलित मुद्दों पर भी रखी बात

कांग्रेस सांसद ने खुद को केवल किसी एक समुदाय की राजनीति तक सीमित किए जाने पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सभी वर्गों और वंचित लोगों की आवाज उठाने वाली पार्टी है।

मल्लिकार्जुन खड़गे से जुड़े विवाद का जिक्र करते हुए उन्होंने दलित सम्मान और संविधान में दिए गए समानता के अधिकार की बात कही। मसूद ने कहा कि राजनीति में हर व्यक्ति और हर वर्ग का सम्मान होना चाहिए।

राहुल गांधी और 2024 की जीत का भी जिक्र

इमरान मसूद ने 2024 के लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में कांग्रेस-सपा गठबंधन के प्रदर्शन का श्रेय राहुल गांधी की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ से बने राजनीतिक माहौल को भी दिया। उन्होंने कहा कि यात्रा ने जनता के बीच संविधान और सामाजिक न्याय जैसे मुद्दों को लेकर चर्चा बढ़ाई।

उन्होंने 2027 में भी विपक्षी एकजुटता को महत्वपूर्ण बताया, लेकिन साथ ही यह संकेत दिया कि गठबंधन में सीटों और रणनीति को लेकर पहले से स्पष्टता जरूरी होगी।

परिवार और सियासत के बीच खड़ा बड़ा सवाल

इमरान मसूद के बयान का सबसे भावुक हिस्सा उनके परिवार को लेकर था। दामाद के राजनीतिक रूप से अलग रास्ता चुनने के सवाल पर उन्होंने अपनी बेटी और नाती का जिक्र किया और कहा कि राजनीति के कारण पारिवारिक रिश्तों पर असर नहीं पड़ना चाहिए।

उनका बयान ऐसे समय आया है जब उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियां धीरे-धीरे तेज हो रही हैं और सपा-कांग्रेस के रिश्ते भी राजनीतिक चर्चा के केंद्र में हैं। ऐसे में इमरान मसूद का यह बयान राजनीतिक के साथ-साथ निजी स्तर पर भी काफी चर्चा में आ गया है।

कुल मिलाकर, इमरान मसूद ने ‘पंचायत आजतक’ के मंच से एक तरफ जहां 2027 के चुनाव, सपा-कांग्रेस गठबंधन और बीजेपी को चुनौती देने की रणनीति पर खुलकर अपनी राय रखी, वहीं दूसरी तरफ दामाद के सपा में जाने से जुड़े पारिवारिक दर्द को भी सार्वजनिक किया। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि राजनीति अपनी जगह है, लेकिन किसी परिवार की निजी जिंदगी पर उसका नकारात्मक असर नहीं पड़ना चाहिए।

Rashmi Repoter
Author: Rashmi Repoter

ताजा खबरों के लिए एक क्लिक पर ज्वाइन करे व्हाट्सएप ग्रुप

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advertisement
लाइव क्रिकेट स्कोर