दक्षिण अमेरिकी देश पेरू में आए 5.5 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप ने भारी तबाही मचा दी है। भूकंप के तेज झटकों से कई शहरों और ग्रामीण इलाकों में दर्जनों मकान धराशायी हो गए, जबकि कई इमारतों, चर्चों और सार्वजनिक ढांचों को गंभीर नुकसान पहुंचा है। इस प्राकृतिक आपदा में कम से कम 5 लोगों की मौत हो गई है और 20 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। प्रशासन के अनुसार, 300 से ज्यादा लोग बेघर हो गए हैं और उन्हें अस्थायी राहत शिविरों में शरण लेनी पड़ रही है।
भूकंप का केंद्र पेरू के एंडीज पर्वतीय क्षेत्र में स्थित था। झटके इतने तेज थे कि लोग घबराकर अपने घरों से बाहर निकल आए। कई इलाकों में कच्चे और पुराने मकान पलभर में मलबे में बदल गए। सड़कें क्षतिग्रस्त होने से राहत और बचाव कार्यों में शुरुआती दिक्कतें आईं, जबकि कुछ क्षेत्रों में बिजली और संचार सेवाएं भी प्रभावित हुईं।
स्थानीय प्रशासन, सेना और राहत एजेंसियों ने प्रभावित इलाकों में बचाव अभियान तेज कर दिया है। मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए भारी मशीनों और बचाव दलों की मदद ली जा रही है। बेघर हुए परिवारों के लिए अस्थायी राहत शिविर बनाए गए हैं, जहां उन्हें भोजन, पीने का पानी, दवाइयां और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
भूकंप के बाद कई आफ्टरशॉक (हल्के झटके) भी महसूस किए गए, जिससे लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ है। प्रशासन ने लोगों से क्षतिग्रस्त इमारतों से दूर रहने और केवल सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में और झटके महसूस हो सकते हैं, इसलिए सतर्कता बरतना जरूरी है।
गौरतलब है कि पेरू प्रशांत महासागर के ‘रिंग ऑफ फायर’ क्षेत्र में स्थित है, जो दुनिया के सबसे अधिक भूकंप प्रभावित इलाकों में से एक माना जाता है। यहां टेक्टोनिक प्लेटों की लगातार हलचल के कारण अक्सर भूकंप आते रहते हैं। इस ताजा आपदा ने एक बार फिर पेरू में आपदा प्रबंधन और भूकंप-रोधी बुनियादी ढांचे की आवश्यकता को उजागर कर दिया है।
फिलहाल राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। प्रशासन का कहना है कि प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है और नुकसान का विस्तृत आकलन किया जा रहा है। मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका से भी इनकार नहीं किया गया है, क्योंकि कई प्रभावित इलाकों में खोज और बचाव अभियान अभी भी जारी है।








