नई दिल्ली. भारत ने वैश्विक आर्थिक मंच पर एक और बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली है. 4,180 अरब अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था के साथ भारत अब दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है. इस उपलब्धि के साथ भारत ने जापान को पीछे छोड़ते हुए मजबूत विकास का संदेश दिया है. चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना भारत सरकारी बयान के मुताबिक, भारत ने मौजूदा वित्तीय वर्ष में तेज आर्थिक प्रगति दर्ज की है. मजबूत वृद्धि दर और स्थिर घरेलू मांग के दम पर भारत ने जापान को पीछे छोड़ दिया है. अमेरिका दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना हुआ है, जबकि चीन दूसरे स्थान पर है. भारत अब चौथे स्थान पर पहुंच चुका है और आने वाले वर्षों में इसकी रफ्तार और तेज होने की उम्मीद है. यह उपलब्धि ऐसे समय पर आई है, जब वैश्विक अर्थव्यवस्था कई तरह की अनिश्चितताओं से गुजर रही है. GDP ग्रोथ ने बढ़ाया भरोसा वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही में भारत की वास्तविक जीडीपी वृद्धि 8.2 प्रतिशत दर्ज की गई है. यह आंकड़ा पहली तिमाही के 7.8 प्रतिशत और पिछले वित्त वर्ष की चौथी तिमाही के 7.4 प्रतिशत से ज्यादा है. यह वृद्धि छह तिमाहियों का उच्चतम स्तर मानी जा रही है. घरेलू खपत, निजी निवेश और सेवाओं की मजबूत मांग ने आर्थिक विस्तार को सहारा दिया है. सरकार का कहना है कि वैश्विक व्यापार में चुनौतियों के बावजूद भारत की आंतरिक मजबूती अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ा रही है






