ग्रेटर नोएडा: उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में स्थित एक इलेक्ट्रॉनिक चिप निर्माण कंपनी में लगी भीषण आग ने बड़ा हादसा खड़ा कर दिया। आग बुझाने और राहत-बचाव अभियान के दौरान दो फायरकर्मियों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। इस घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है और प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के मुताबिक, फैक्ट्री में अचानक आग लगने की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। आग तेजी से फैल रही थी, जिसके चलते फायरकर्मियों ने बिना समय गंवाए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। इसी दौरान आग और धुएं के बीच हुए हादसे में दो दमकल कर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। वहीं तीन अन्य घायल फायरकर्मियों का अस्पताल में इलाज चल रहा है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग इतनी भीषण थी कि फैक्ट्री परिसर से दूर-दूर तक धुएं का गुबार दिखाई दे रहा था। दमकल विभाग की टीमों ने कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। राहत और बचाव अभियान के दौरान पुलिस, प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें भी मौके पर मौजूद रहीं।
प्रशासन का कहना है कि फिलहाल आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। विशेषज्ञों की टीम फैक्ट्री के फायर सेफ्टी सिस्टम, सुरक्षा मानकों और तकनीकी व्यवस्थाओं का निरीक्षण करेगी। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आग किस वजह से लगी और हादसे के लिए कोई लापरवाही जिम्मेदार थी या नहीं।
ड्यूटी निभाते हुए जान गंवाने वाले दोनों फायरकर्मियों को विभाग और प्रशासन ने श्रद्धांजलि दी है। अधिकारियों ने कहा कि दोनों जवानों ने लोगों की जान बचाने के लिए पूरी बहादुरी और समर्पण के साथ अपना कर्तव्य निभाया। राज्य सरकार ने भी घटना पर दुख व्यक्त करते हुए घायलों के बेहतर इलाज और मृतक फायरकर्मियों के परिजनों को हरसंभव सहायता का भरोसा दिया है।
यह हादसा एक बार फिर औद्योगिक क्षेत्रों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि हाई-टेक और इलेक्ट्रॉनिक निर्माण इकाइयों में आधुनिक फायर सेफ्टी सिस्टम, नियमित सुरक्षा ऑडिट और कर्मचारियों के लिए आपातकालीन प्रशिक्षण बेहद जरूरी है, ताकि भविष्य में इस तरह की दुखद घटनाओं को रोका जा सके।
फिलहाल पुलिस और संबंधित विभाग पूरे मामले की जांच में जुटे हैं। प्रशासन का कहना है कि यदि जांच में किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आती है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।








