मुंबई। बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के मामले में जांच एजेंसियों को कथित हथियार सप्लाई नेटवर्क से जुड़ी अहम जानकारी मिली है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने इस मामले में दो महिलाओं समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में राधा, बबीता, कुणाल और सुमित शामिल हैं। पुलिस का आरोप है कि इन लोगों ने फायरिंग की घटना में शामिल हमलावरों तक हथियार पहुंचाने में भूमिका निभाई थी। मामले की जांच अब हथियारों की सप्लाई और आरोपियों के बीच संपर्कों पर केंद्रित है।
राधा और बबीता पर क्या हैं आरोप?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उत्तर प्रदेश के सीतापुर की रहने वाली राधा और आजमगढ़ की निवासी बबीता पर कथित तौर पर हथियार लेकर मुंबई पहुंचने और उसे आगे सौंपने में मदद करने का आरोप है। पुलिस का दावा है कि दोनों 15 अक्टूबर को दिल्ली से मुंबई के लिए रवाना हुई थीं। जांचकर्ताओं के मुताबिक, यात्रा के दौरान राधा के बैग में पिस्टल थी और दोनों मुंबई पहुंचने के बाद दादर इलाके में एक होटल में ठहरी थीं।
पुलिस के अनुसार, 17 अक्टूबर को होटल के पास एक नाबालिग लड़का राधा से बैग लेकर गया था। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि बैग किसे सौंपा गया और उसका फायरिंग की घटना से क्या संबंध था। फिलहाल, ये सभी आरोप जांच का हिस्सा हैं और अदालत में साबित होना बाकी है।
कुणाल और सुमित की भूमिका भी जांच के घेरे में
इस मामले में हरियाणा के सोनीपत निवासी कुणाल और सुमित को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के मुताबिक, कुणाल ने कथित तौर पर अमृतसर से हथियार और कारतूस जुटाए थे। जांचकर्ताओं का आरोप है कि वह अनिल पंडित नाम के व्यक्ति के संपर्क में था और उसके निर्देशों पर काम कर रहा था।
मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी बताया गया है कि कुणाल और राधा के बीच परिचय था। पुलिस का आरोप है कि कुणाल ने राधा को हथियार मुंबई ले जाने के लिए तैयार किया। जांच एजेंसियां अब चारों आरोपियों के बीच संपर्क, उनकी कथित भूमिका और पूरे नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही हैं।
18 अक्टूबर को हुई थी टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग
मुंबई के जुहू इलाके में 18 अक्टूबर की शाम टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग की घटना सामने आई थी। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की और राजस्थान के कोटा से तीन कथित हमलावरों को गिरफ्तार किया। बाद में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने हथियारों की कथित सप्लाई से जुड़े चार अन्य लोगों को पकड़ा।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, चारों आरोपियों को अदालत में पेश किए जाने के बाद मुंबई पुलिस को पूछताछ के लिए तीन दिन की ट्रांजिट रिमांड मिली। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि फायरिंग की साजिश में किन लोगों की भूमिका थी और हथियार हमलावरों तक कैसे पहुंचे।
लॉरेंस बिश्नोई गैंग से कथित संबंधों की जांच
इस मामले में कथित तौर पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े नेटवर्क की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपियों का अनिल पंडित से क्या संपर्क था और क्या इस घटना में किसी बड़े आपराधिक नेटवर्क की भूमिका रही। जांच एजेंसियां डिजिटल संपर्कों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की कड़ियां जोड़ रही हैं।
फिलहाल, जांच जारी है। राधा, बबीता और अन्य आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष अदालत की प्रक्रिया के बाद ही निकाला जा सकेगा। मामले में आगे की पूछताछ से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि हथियारों की कथित सप्लाई और फायरिंग की घटना के बीच क्या संबंध था।








