रेल से सफर करने वाले यात्रियों के लिए खाने की गुणवत्ता और साफ-सफाई को लेकर एक अहम खबर सामने आई है। भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (IRCTC) ने ट्रेनों और रेलवे स्टेशनों पर मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता सुधारने के लिए नई पहल की है। 15 अक्टूबर 2026 को भारतीय गुणवत्ता परिषद (QCI) के साथ हुए समझौते के तहत अब खानपान सेवाओं की जांच के लिए स्वतंत्र और तकनीक आधारित ऑडिट व्यवस्था शुरू की जाएगी। इसका उद्देश्य यात्रियों को सुरक्षित, स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना है।
IRCTC और QCI के बीच हुआ समझौता
इस नई व्यवस्था के तहत भारतीय गुणवत्ता परिषद के प्रमाणित विशेषज्ञ ट्रेनों में चलने वाली खानपान इकाइयों और रेलवे स्टेशनों पर मौजूद संबंधित फूड यूनिट्स का निरीक्षण करेंगे। जांच के लिए पहले से सूचना दिए बिना भी निरीक्षण किया जाएगा। इसके अलावा, निर्धारित समय पर तिमाही और छमाही ऑडिट किए जाएंगे, ताकि खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता से जुड़े मानकों का पालन सुनिश्चित किया जा सके।
खाने की गुणवत्ता से लेकर रसोई की सफाई तक होगी जांच
नई व्यवस्था में केवल यात्रियों को परोसे जाने वाले खाने की ही जांच नहीं होगी, बल्कि भोजन तैयार करने और उसे सुरक्षित रखने की प्रक्रिया पर भी ध्यान दिया जाएगा। निरीक्षण के दौरान कई महत्वपूर्ण पहलुओं की जांच की जाएगी।
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भोजन की गुणवत्ता: यात्रियों को परोसे जाने वाले खाने की सुरक्षा और निर्धारित मानकों का पालन।
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रसोई की साफ-सफाई: भोजन तैयार करने वाली जगहों की स्वच्छता और सफाई व्यवस्था।
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खाद्य सामग्री का भंडारण: कच्चे खाद्य पदार्थों को सही तरीके से अलग रखना और भोजन को उचित तापमान पर सुरक्षित रखना।
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कर्मचारियों की स्वच्छता: कर्मचारियों की मेडिकल फिटनेस और जरूरी सुरक्षा उपकरणों के इस्तेमाल की जांच।
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कीट नियंत्रण: रसोई और खाद्य सामग्री रखने वाली जगहों पर कीटों से बचाव की व्यवस्था।
इन जांचों का मकसद खानपान सेवाओं में लापरवाही की पहचान करना और कमियों को जल्द दूर कराना है।
डिजिटल तरीके से होगी निगरानी, 24 घंटे में रिपोर्ट
इस पहल की खास बात यह है कि निरीक्षण प्रक्रिया में डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। निरीक्षक मोबाइल ऐप के माध्यम से जांच से जुड़े रिकॉर्ड तैयार करेंगे। इसमें लोकेशन की जानकारी, समय का रिकॉर्ड और तस्वीरें शामिल होंगी, ताकि निरीक्षण की प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे।
रिपोर्ट जमा करने के लिए 24 घंटे की समयसीमा निर्धारित की गई है। इससे जांच में सामने आने वाली कमियों की पहचान कर संबंधित खानपान सेवा प्रदाताओं के खिलाफ सुधारात्मक कार्रवाई की निगरानी की जा सकेगी। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित लाइसेंसधारकों के विरुद्ध लागू प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है।
यात्रियों को क्या होगा फायदा?
ट्रेन में लंबी दूरी का सफर करने वाले यात्रियों के लिए भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता बेहद महत्वपूर्ण होती है। नई ऑडिट व्यवस्था से खानपान सेवाओं की निगरानी अधिक व्यवस्थित होने और शिकायतों पर तेजी से कार्रवाई करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
इससे भोजन तैयार करने वाली रसोई से लेकर ट्रेन में यात्रियों को खाना परोसने तक की प्रक्रिया पर बेहतर निगरानी रखी जा सकेगी। साथ ही, खानपान सेवा प्रदाताओं की जवाबदेही बढ़ाने में भी मदद मिल सकती है।
नियमों का उल्लंघन करने वालों पर रहेगी नजर
रेलवे और IRCTC पहले भी ट्रेनों तथा स्टेशनों पर अनधिकृत खाद्य पदार्थों की बिक्री और स्वच्छता से जुड़े मामलों में निरीक्षण करते रहे हैं। नई व्यवस्था के तहत स्वतंत्र ऑडिट और डिजिटल रिकॉर्ड से निगरानी को और मजबूत करने की योजना है।
कुल मिलाकर, IRCTC और भारतीय गुणवत्ता परिषद के बीच हुआ यह समझौता रेल यात्रियों को बेहतर खानपान सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। अब निरीक्षण, डिजिटल रिपोर्टिंग और कमियों पर सुधारात्मक कार्रवाई के जरिए ट्रेनों तथा रेलवे स्टेशनों पर भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता को बेहतर बनाने पर जोर दिया जाएगा।








