Explore

Search

March 9, 2026 3:33 pm

देश कैंसर सहित महिला स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में मजबूत कदम: सरकार ने महिला सशक्तिकरण को स्वास्थ्य केंद्र में रखा, कैंसर रोकथाम पर जोर

WhatsApp
Facebook
Twitter
Email

नई दिल्ली, 8 मार्च 2026: अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2026 के अवसर पर देश महिला स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर मजबूत संकल्प दिखा रहा है। अब सरकार स्तर पर केवल सशक्तिकरण की बातें नहीं हो रही हैं, बल्कि महिला स्वास्थ्य—विशेषकर कैंसर की रोकथाम, मासिक धर्म स्वच्छता और बुनियादी स्वास्थ्य जरूरतों—को सशक्तिकरण का केंद्र बनाकर गंभीर पहल की जा रही हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की कई योजनाओं से साफ है कि महिलाओं की सेहत अब राष्ट्रीय प्राथमिकता है।

भारत में हर वर्ष लगभग 16 लाख नए कैंसर मामले सामने आते हैं, जिनमें करीब 50% यानी 8 लाख महिलाएं प्रभावित होती हैं। महिलाओं में स्तन कैंसर सबसे प्रमुख है—2025 में इसके नए मामले 2.4 लाख तक पहुंच गए हैं (2021 में 2.13 लाख से 13% की बढ़ोतरी)। इसके बाद गर्भाशय ग्रीवा (सर्वाइकल) कैंसर (79,000+ मामले), डिम्बग्रंथि (ओवरी) कैंसर (49,500+ मामले), गर्भाशय और फेफड़ों के कैंसर प्रमुख हैं। मौतों में भी बढ़ोतरी देखी गई—स्तन कैंसर से 1.03 लाख+ मौतें (2021 में 91,700 से वृद्धि)।

सरकार की प्रमुख पहलें:

  • एचपीवी टीकाकरण अभियान: फरवरी 2026 में प्रधानमंत्री ने 14 वर्ष की 1.15 करोड़ लड़कियों के लिए राष्ट्रव्यापी निशुल्क एचपीवी वैक्सीनेशन शुरू किया, जिससे सर्वाइकल कैंसर (महिलाओं में दूसरा सबसे आम) को रोका जा सकता है।
  • आयुष्मान भारत और स्क्रीनिंग: 30+ उम्र की महिलाओं के लिए स्तन, सर्वाइकल और ओरल कैंसर की फ्री जांच। 2025 तक लाखों स्क्रीनिंग हो चुकी हैं—स्तन कैंसर जांच 8.37 करोड़+, सर्वाइकल 15.23 करोड़+।
  • मासिक धर्म स्वच्छता: ‘सुविधा’ योजना के तहत सैनिटरी नैपकिन सस्ते/मुफ्त उपलब्ध, जिससे संक्रमण और संबंधित स्वास्थ्य जोखिम कम हो रहे हैं।
  • राष्ट्रीय कैंसर नियंत्रण कार्यक्रम: रोकथाम, शीघ्र निदान और उपचार पर फोकस। विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर जांच से 70-80% मामलों में बचाव संभव है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने हाल ही में कहा कि “स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार” अब सरकार की प्रतिबद्धता है। महिलाओं में कैंसर का खतरा उम्र, लाइफस्टाइल, हार्मोनल बदलाव और देर से जांच से बढ़ता है, लेकिन जागरूकता और स्क्रीनिंग से इसे काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।

Rashmi
Author: Rashmi

ताजा खबरों के लिए एक क्लिक पर ज्वाइन करे व्हाट्सएप ग्रुप

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advertisement
लाइव क्रिकेट स्कोर