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January 15, 2026 2:22 pm

उत्तर भारत की महिलाओं के बारे में डीएमके सांसद के बयान पर विवाद, बीजेपी ने कहा- डीएनए में है अलगाववाद

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चेन्नई सेंट्रल लोकसभा सीट से चार बार के डीएमके सांसद दयानिधि मारन ने हाल ही में एक कार्यक्रम में उत्तर भारत और तमिलनाडु की महिलाओं की तुलना करते हुए विवादित बयान दिया है, जिससे राजनीतिक घमासान मच गया है।

यह बयान चेन्नई के क़ायद-ए-मिल्लत गवर्नमेंट कॉलेज फॉर विमेन में छात्राओं को संबोधित करते हुए आया, जहां लैपटॉप वितरण कार्यक्रम चल रहा था। मारन ने कहा कि तमिलनाडु में लड़कियों को पढ़ाई और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया जाता है, जबकि उत्तर भारत में उनसे अपेक्षा की जाती है कि वे घर पर रहें, रसोई संभालें और बच्चे पैदा करें। उन्होंने तमिलनाडु को “द्रविड़ राज्य” बताते हुए डीएमके की नीतियों की सराहना की, जिसमें शिक्षा और महिला सशक्तिकरण पर जोर है।

बीजेपी ने इस बयान की कड़ी निंदा की है। तमिलनाडु की पूर्व राज्यपाल और बीजेपी नेता तमिलिसाई सुंदरराजन ने कहा कि “अलगाववादी मानसिकता डीएमके के डीएनए में है।” बीजेपी प्रवक्ता नारायणन तिरुपति ने इसे उत्तर भारतीयों का अपमान बताया और कहा कि मारन में “कॉमन सेंस” की कमी है, साथ ही माफी की मांग की। अन्य बीजेपी नेताओं ने इसे विभाजनकारी राजनीति करार दिया।

वहीं, डीएमके के वरिष्ठ नेता टीकेएस एलंगोवन ने मारन के बयान का बचाव करते हुए कहा कि उनकी पार्टी हमेशा से महिलाओं की तरक्की के लिए काम करती रही है। उन्होंने दावा किया कि उत्तर भारत में कोई भी महिलाओं की लड़ाई नहीं लड़ता, जबकि तमिलनाडु में शिक्षा, रोजगार और सशक्तिकरण पर फोकस है। एलंगोवन ने कांग्रेस शासित राज्यों में भी महिलाओं के सशक्तिकरण की बात कही।

DIYA Reporter
Author: DIYA Reporter

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