मेरठ। देश की सुरक्षा और समाज सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले भारतीय सेना के वरिष्ठ अधिकारी कर्नल नरेश कुमार को प्रतिष्ठित ‘योद्धा सेवा सम्मान-2026’ से सम्मानित किया गया है। इस सम्मान के मिलने से न केवल मेरठ बल्कि पूरे क्षेत्र में गर्व और खुशी का माहौल है। सैन्य सेवा के प्रति उनके समर्पण, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्रहित में किए गए उत्कृष्ट कार्यों को देखते हुए उन्हें इस प्रतिष्ठित सम्मान के लिए चुना गया।
सम्मान समारोह में देशभर से सेना के अधिकारी, पूर्व सैनिक, सामाजिक कार्यकर्ता और विभिन्न क्षेत्रों की प्रमुख हस्तियां मौजूद रहीं। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कर्नल नरेश कुमार के अनुशासित जीवन, उत्कृष्ट नेतृत्व और राष्ट्र सेवा में उनके योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि कर्नल नरेश कुमार ने अपने पूरे सैन्य जीवन में कठिन परिस्थितियों में भी कर्तव्य को सर्वोपरि रखा और युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बने।
कर्नल नरेश कुमार ने सम्मान प्राप्त करने के बाद इसे अपनी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि भारतीय सेना के प्रत्येक जवान और अधिकारी के समर्पण का सम्मान बताया। उन्होंने कहा कि देश की सेवा करना उनके लिए सबसे बड़ा सौभाग्य है और यह सम्मान उन्हें भविष्य में भी पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने की प्रेरणा देगा। उन्होंने अपने परिवार, साथियों और वरिष्ठ अधिकारियों का भी आभार व्यक्त किया, जिनके सहयोग से वे अपने दायित्वों का सफलतापूर्वक निर्वहन कर सके।
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने कहा कि भारतीय सेना के अधिकारी सीमाओं की सुरक्षा के साथ-साथ आपदा राहत, मानवीय सहायता और सामाजिक जिम्मेदारियों का भी पूरी निष्ठा से निर्वहन करते हैं। ऐसे सम्मान उन वीर सैनिकों के मनोबल को बढ़ाने के साथ-साथ युवाओं को भी राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित करते हैं।
मेरठ के लोगों ने भी कर्नल नरेश कुमार को मिली इस उपलब्धि पर खुशी जताई और इसे पूरे शहर के लिए गौरव का क्षण बताया। सामाजिक संगठनों और पूर्व सैनिकों ने उन्हें शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनका सम्मान पूरे समाज के लिए प्रेरणा है।
‘योद्धा सेवा सम्मान-2026’ को देश के उन सैन्य अधिकारियों और वीर जवानों को दिया जाता है जिन्होंने अपने उत्कृष्ट कार्य, नेतृत्व और राष्ट्र के प्रति समर्पण से विशेष पहचान बनाई हो। कर्नल नरेश कुमार का इस सम्मान के लिए चयन उनके लंबे सैन्य अनुभव, अनुकरणीय सेवा और राष्ट्रहित में किए गए उल्लेखनीय योगदान का प्रमाण माना जा रहा है। यह सम्मान निश्चित रूप से उनके सैन्य जीवन की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत भी रहेगा।








