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May 5, 2026 8:48 pm

स्वास्थ्य

एसएमएस ट्रॉमा सेंटर में आग का तांडव: 8 मरीजों की जान गई, लापरवाही पर सवाल

राजस्थान के सवाई मान सिंह (एसएमएस) अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में रविवार रात शॉर्ट सर्किट से लगी आग ने न केवल आठ मरीजों की जान

‘अपने हाथों से भाई की बॉडी निकाली’: पिंटू गुर्जर के भाई की दिल दहलाने वाली आपबीती

अपने हाथ से अपने भाई की बॉडी बाहर निकाली’, जयपुर अग्निकांड की आपबीती प्रत्यक्षदर्शियों की जुबानी जयपुर के एसएमएस अस्पताल में आग लगने से 7

SMS अस्पताल में आग का कहर: 8 मरीजों की मौत, परिजनों का लापरवाही का आरोप

जयपुर के SMS अस्पताल में लगी भीषण आग, ICU में आठ मरीजों की दर्दनाक मौत जयपुर के सवाई मान सिंह (एसएमएस) अस्पताल के आईसीयू वार्ड

घातक डीईजी की मिलावट: श्रीसन फार्मा के सिरप से मचा हड़कंप, कई राज्यों में प्रतिबंध

Cough Syrup बना मौत का सिरप! कई राज्यों में लगा बैन, शुरू से आखिर तक जानें क्या है पूरा मामला मध्य प्रदेश और राजस्थान में

500 करोड़ के सरकारी अस्पताल निजी हाथों में: जयपुर के स्वास्थ्य सपने चूर-चूर

Rajasthan: 500 करोड़ के सरकारी अस्पताल निजी हाथों में, आंखों के सामने धूमिल हो गए जनता के सपने, सरकारी योजनाओं में इलाज ठप सरकारों ने

जयपुर फुट की मानवीय पहल: त्रिनिदाद में 800 विकलांगों को मुफ्त कृत्रिम पैर

जयपुर फुट ने त्रिनिडाड में लाई नई उम्मीद, 800 विकलांगों को मिलेंगे मुफ्त कृत्रिम पैर त्रिनिडाड और टोबैगो की राजधानी पोर्ट ऑफ स्पेन में भारत

राजस्थान में कफ सिरप सुरक्षित: लैब टेस्ट में कोई गड़बड़ी नहीं, जांच जारी महाराष्ट्र में बड़ी कार्रवाई: 147 करोड़ की कोडीन सिरप और ड्रग्स नष्ट स्वास्थ्य मंत्री की सफाई:

कफ सिरप विवाद: तमिलनाडु ने लगाया बैन, राजस्थान में ड्रग कंट्रोलर सस्पेंड और आज से डोर-टू-डोर शुरू होगा सर्वे मध्य प्रदेश और राजस्थान में बच्चों

रॉल्स और उनकी पत्नी का आरोप था कि डॉक्टरों ने कभी ये नहीं बताया कि ऑपरेशन में ऐसी नौबत भी आ सकती है. थेलेमा का कहना था कि कम से कम इतना तो कह सकते थे कि ये भी संभावना है. हम पहले से सोच-समझकर फैसला ले पाते. डॉक्टरों ने क्या कहा Advertisement सर्जन का दावा था कि उन्हें शक हुआ कैंसर पेनिस तक फैल गया है, इसलिए उन्होंने तुरंत ये बड़ा कदम उठा लिया, लेकिन हकीकत तब सामने आई जब पैथोलॉजी रिपोर्ट में पता चला कि पेनिस टिश्यू पूरी तरह कैंसर-फ्री था.इस पूरे मामले में जिन दो डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगा-जॉन एस. ड्राइडन और फरीद खौरी. उन्होंने किसी भी तरह की गलती मानने से साफ इनकार कर दिया. डॉक्टरों के वकील जोएल स्टीड ने दावा किया कि रॉल्स को पहले ही बता दिया गया था कि अगर कैंसर ब्लैडर से फैलता है, तो उनका पेनिस हटाना पड़ सकता है. डॉक्टरों का बचाव स्टीड का कहना था कि सर्जरी के दौरान दोनों डॉक्टरों को ऐसा टिश्यू दिखाई दिया, जिससे उन्हें लगा कि कैंसर ब्लैडर से यूरेथ्रा तक फैल चुका है. इस वजह से उन्होंने पेनिस हटाने का फैसला किया, ताकि मरीज की जान बच सके.रॉल्स ने Clinics of North Texas पर मेडिकल नेग्लिजेंस का मुकदमा ठोक दिया. यह मामला 2003 में ट्रायल से पहले ही कोर्ट से बाहर सुलझा लिया गया. ये केस आज भी मेडिकल नेग्लिजेंस और पेशेंट कंसेंट पर गंभीर सवाल खड़ा करता है.

कैंसर ऑपरेशन में डॉक्टरों की चूक… मरीज का प्राइवेट पार्ट गलती से हटाया, रिपोर्ट आई तो उड़ गए होश डॉक्टरों के वकील जोएल स्टीड का

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