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March 10, 2026 4:23 pm

भारतीय वायुसेना का बड़ा अपग्रेड: AMCA के बाद मिनी 6th जेन जेट की योजना, 114 राफेल की एंट्री से बढ़ेगी आसमान में ताकत

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नई दिल्ली: भारतीय वायुसेना (IAF) आने वाले वर्षों में अपनी ताकत को बड़े पैमाने पर बढ़ाने की तैयारी कर रही है। स्वदेशी 5वीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान AMCA (Advanced Medium Combat Aircraft) के विकास के साथ-साथ भविष्य में “मिनी 6th जेनरेशन” क्षमताओं वाले फाइटर जेट पर भी विचार किया जा रहा है। इसके साथ ही 114 नए राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद से भारत की हवाई शक्ति में बड़ा इजाफा होने वाला है।

सबसे पहले, सरकार ने मल्टी-रोल फाइटर एयरक्राफ्ट (MRFA) प्रोग्राम के तहत 114 राफेल जेट खरीदने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इस सौदे की कीमत लगभग ₹3.25 लाख करोड़ (करीब 40 अरब डॉलर) बताई जा रही है, जो भारत के इतिहास की सबसे बड़ी रक्षा खरीद में से एक होगी। ()

114 राफेल से बढ़ेगी वायुसेना की ताकत

इन नए विमानों के आने से भारतीय वायुसेना की स्क्वाड्रन संख्या और ऑपरेशनल क्षमता दोनों मजबूत होंगी। जानकारी के अनुसार:

  • 114 राफेल में से कुछ विमान सीधे फ्रांस से आएंगे।

  • अधिकांश जेट भारत में ही बनाए जाने की योजना है।

  • इन विमानों में भारतीय हथियारों और सिस्टम को भी जोड़ा जाएगा। ()

विशेषज्ञों का मानना है कि इससे वायुसेना को चीन और पाकिस्तान जैसे दो-फ्रंट खतरे से निपटने में बड़ी रणनीतिक बढ़त मिलेगी। ()

AMCA: भारत का 5वीं पीढ़ी का स्टील्थ फाइटर

राफेल के साथ-साथ भारत स्वदेशी AMCA परियोजना पर भी तेजी से काम कर रहा है। यह भारत का पहला 5वीं पीढ़ी का स्टील्थ मल्टी-रोल फाइटर जेट होगा, जिसका उद्देश्य एयर सुपीरियरिटी, ग्राउंड अटैक और इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर जैसे मिशनों को अंजाम देना है। ()

योजना के अनुसार:

  • AMCA का प्रोटोटाइप दशक के अंत तक उड़ान भर सकता है।

  • 2030 के दशक के मध्य से इसका उत्पादन शुरू करने का लक्ष्य है। ()

‘मिनी 6th जेनरेशन’ फाइटर की भी तैयारी

रक्षा क्षेत्र के विश्लेषकों के अनुसार, AMCA के बाद भारत ऐसी तकनीकों पर भी काम कर सकता है जिन्हें “मिनी 6th जेनरेशन” कहा जा रहा है। इसमें शामिल हो सकते हैं:

  • आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित युद्ध प्रणाली

  • मानव रहित ड्रोन के साथ टीमिंग (Manned-Unmanned Teaming)

  • उन्नत सेंसर और नेटवर्क-सेंट्रिक युद्ध क्षमता

इसके अलावा भारत भविष्य में 6वीं पीढ़ी के वैश्विक प्रोजेक्ट्स में भागीदारी की संभावनाएं भी तलाश रहा है। ()

वायुसेना का बड़ा लक्ष्य

भारतीय वायुसेना का लक्ष्य आने वाले वर्षों में अपनी लड़ाकू क्षमता को तेजी से बढ़ाकर 42 स्क्वाड्रन तक पहुंचाना है। इसके लिए राफेल, तेजस, AMCA और उन्नत ड्रोन सिस्टम मिलकर भविष्य की एयर पावर का आधार बनेंगे। ()

निष्कर्ष:
114 राफेल जेट की एंट्री और AMCA जैसी स्वदेशी परियोजनाओं के साथ भारत की वायु शक्ति अगले दशक में नई ऊंचाइयों पर पहुंच सकती है। अगर “मिनी 6th जेन” तकनीक पर भी काम आगे बढ़ता है, तो भारतीय वायुसेना भविष्य की हाई-टेक हवाई लड़ाइयों के लिए और भी मजबूत हो जाएगी।

Rashmi
Author: Rashmi

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