नई दिल्ली, 19 अक्टूबर 2026 कैंसर मरीजों और उनके परिवारों के लिए बहुत बड़ी राहत भरी खबर आई है। राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (NPPA) ने कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली 137 जरूरी दवाओं के ट्रेड मार्जिन को अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) के 30 प्रतिशत तक सीमित कर दिया है।
इस फैसले से इन दवाओं की कीमतों में 20 से 70 प्रतिशत तक कमी आने की उम्मीद है। नई दरें 9 नवंबर 2026 से पूरे देश में लागू होंगी।
क्या है यह फैसला?
NPPA ने ड्रग्स (प्राइसेस कंट्रोल) ऑर्डर, 2013 के पैराग्राफ 19 के तहत यह कदम उठाया है। इससे पहले 2019 में 42 कैंसर दवाओं पर ट्रेड मार्जिन सीमित करने का पायलट प्रोजेक्ट चलाया गया था, जिसमें कीमतें 90% तक घटी थीं। अब उसी सफलता को आगे बढ़ाते हुए 137 दवाओं को शामिल किया गया है।
किन दवाओं पर असर पड़ेगा?
सूची में शामिल प्रमुख दवाएं:
- इम्यूनोथेरेपी दवाएं – 20 से ज्यादा तरह के कैंसर में इस्तेमाल
- पेम्ब्रोलिजुमैब (Keytruda)
- डुरवालुमैब (Imfinzi)
- ओसिमर्टिनिब (Tagrisso)
- डेनोसुमैब (स्तन और प्रोस्टेट कैंसर)
- पेगफिल्ग्रास्टिम (कीमोथेरेपी के साइड इफेक्ट से बचाव)
- बेवासिजुमैब (कोलन, ओवेरियन और सर्वाइकल कैंसर)
इनमें से कई पेटेंट वाली महंगी दवाएं भी शामिल हैं, जिनकी एक डोज की कीमत पहले लाखों रुपये तक होती थी।
कितनी बचत होगी?
सरकार के अनुमान के मुताबिक, इस कदम से मरीजों को सालाना करीब ₹2500 करोड़ की बचत होने की उम्मीद है। कई दवाओं की कीमत आधी से भी कम हो सकती है।
मरीजों के लिए क्या जरूरी है?
- नई कीमतें 9 नवंबर 2026 से लागू होंगी।
- दवा कंपनियों को 7 दिन के अंदर नई कीमतें NPPA को बतानी होंगी।
- अस्पताल और मेडिकल स्टोर को नई दरों पर ही दवाएं बेचनी होंगी।
- मरीज फार्मा सही दाम ऐप या NPPA की वेबसाइट पर नई कीमतें चेक कर सकते हैं।
यह फैसला कैंसर जैसे गंभीर रोग के इलाज को आम आदमी की पहुंच में लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने भी सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है।







