भारत और श्रीलंका की सह-मेजबानी में फरवरी-मार्च 2026 में होने वाले आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप के लिए ऑस्ट्रेलिया ने 1 जनवरी को अपनी 15 सदस्यीय प्रारंभिक टीम की घोषणा कर दी है। मिचेल मार्श की कप्तानी वाली इस टीम में एशियाई पिचों को ध्यान में रखते हुए स्पिन गेंदबाजी पर खास जोर दिया गया है। अनुभवी लेग स्पिनर एडम जाम्पा के साथ लेफ्ट आर्म स्पिनर मैथ्यू कुह्नमैन को शामिल किया गया है, जबकि ग्लेन मैक्सवेल, ट्रेविस हेड, कूपर कोनोली और मैथ्यू शॉर्ट जैसे पार्ट-टाइम स्पिनर भी टीम में मौजूद हैं। इससे ऑस्ट्रेलिया की टीम स्पिन विकल्पों से भरपूर नजर आ रही है।
चोट से उबर रहे तेज गेंदबाज पैट कमिंस और जोश हेजलवुड के साथ-साथ पावर हिटर टिम डेविड को भी टीम में जगह मिली है। चयनकर्ताओं का मानना है कि ये तीनों खिलाड़ी टूर्नामेंट तक पूरी तरह फिट हो जाएंगे। चयन समिति के अध्यक्ष जॉर्ज बेली ने कहा, “टी20 टीम की हालिया सफलताओं ने हमें भारत और श्रीलंका की विविध परिस्थितियों के लिए संतुलित टीम चुनने की आजादी दी। हमें विश्वास है कि कमिंस, हेजलवुड और डेविड उपलब्ध रहेंगे। यह प्रारंभिक टीम है, जरूरत पड़ने पर बदलाव किए जा सकते हैं।”
ऑस्ट्रेलिया की 15 सदस्यीय टीम:
- मिचेल मार्श (कप्तान)
- जेवियर बार्टलेट
- कूपर कोनोली
- पैट कमिंस
- टिम डेविड
- कैमरन ग्रीन
- नाथन एलिस
- जोश हेजलवुड
- ट्रेविस हेड
- जोश इंग्लिस (विकेटकीपर)
- मैथ्यू कुह्नमैन
- ग्लेन मैक्सवेल
- मैथ्यू शॉर्ट
- मार्कस स्टोइनिस
- एडम जाम्पा
मुख्य बातें:
- स्पिन पर फोकस: श्रीलंका में टी20 मैचों में स्पिनरों की भूमिका अहम रहती है। जाम्पा और कुह्नमैन मुख्य स्पिनर हैं, जबकि मैक्सवेल और अन्य पार्ट-टाइमर अतिरिक्त विकल्प देंगे।
- सरप्राइज सेलेक्शन: कूपर कोनोली की वापसी चौंकाने वाली है, क्योंकि उन्होंने पिछले 12 टी20 इंटरनेशनल नहीं खेले थे। वहीं, मैथ्यू शॉर्ट, कुह्नमैन और बार्टलेट वर्ल्ड कप डेब्यू कर सकते हैं।
- बाहर रहने वाले: हॉबर्ट हरिकेन्स के ऑलराउंडर मिचेल ओवेन सबसे बड़ा नाम है जो बाहर रहे, несмотря на हाल के 13 टी20 मैच खेलने के बावजूद।
- फिटनेस चिंता: कमिंस की पीठ, हेजलवुड की हैमस्ट्रिंग और डेविड की चोट पर नजर रहेगी। आईसीसी नियमों के तहत 31 जनवरी तक बदलाव संभव हैं।
- तैयारी: वर्ल्ड कप से पहले पाकिस्तान के खिलाफ तीन टी20 मैचों की सीरीज खेली जाएगी, उसकी टीम बाद में घोषित होगी।
ऑस्ट्रेलिया ग्रुप स्टेज में श्रीलंका में अपने सभी मैच खेलेगा, जहां स्पिन-Friendly पिचें उनकी रणनीति को सूट करेंगी। क्या कंगारू टीम स्पिन के दम पर खिताब बचा पाएगी? यह देखना रोचक होगा!






