सीवान। बिहार के सीवान जिले के जामो थाना क्षेत्र के आलमपुर गांव में शुक्रवार शाम पटाखे बनाने के दौरान हुए भीषण विस्फोट में सात लोगों की मौत हो गई। मृतकों में पटाखा कारोबारी के परिवार के पांच सदस्य और दो मजदूर शामिल हैं। धमाका इतना जोरदार था कि मकान का एक हिस्सा ढह गया और विस्फोट की तीव्रता से शवों के टुकड़े दूर तक जा गिरे। हादसे के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई। मकान के मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका के बीच राहत एवं बचाव कार्य जारी है।
ग्रामीणों से मिली शुरुआती जानकारी के मुताबिक, हादसे में पटाखा कारोबारी अमीरुद्दीन के परिवार के पांच लोगों के मारे जाने की आशंका है। इनमें कारोबारी की तीन पोतियां और एक पोता शामिल बताए जा रहे हैं। इसके अलावा, वहां काम करने वाले दो मजदूरों के भी विस्फोट की चपेट में आने की बात सामने आई है। हालांकि, सीवान के जिलाधिकारी विजय प्रकाश मीणा ने बताया कि शुरुआती तौर पर केवल दो से तीन शव ही बरामद किए जा सके हैं। अन्य लोगों के मकान के मलबे में दबे होने की आशंका है। उन्होंने बताया कि बचाव दल घटनास्थल पर राहत एवं बचाव कार्य में जुटा है और मकान की पूरी तलाशी के बाद ही मृतकों की वास्तविक संख्या स्पष्ट हो सकेगी। विस्फोट शुक्रवार शाम करीब साढ़े पांच बजे हुआ।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, धमाके की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के घरों में रहने वाले लोग भी घबरा गए। अचानक हुए विस्फोट से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए घरों से बाहर निकलकर सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे। शुरुआत में ग्रामीणों को यह समझ नहीं आया कि धमाका कहां हुआ है। बाद में पता चला कि पटाखा कारोबारी अमीरुद्दीन के मकान में विस्फोट हुआ है। घटनास्थल पर पहुंचने के बाद लोगों ने मकान का क्षतिग्रस्त हिस्सा और चारों ओर फैला मलबा देखा। हादसे की भयावहता को देखते हुए गांव में भय और शोक का माहौल फैल गया।
जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार को भी घर के अंदर रोजाना की तरह पटाखे बनाने का काम चल रहा था। इसी दौरान अचानक आग लग गई, जिसके बाद वहां रखे पटाखों में एक के बाद एक विस्फोट होने लगे। लगातार हो रहे धमाकों के कारण मकान का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। विस्फोट की तीव्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कुछ लोगों के शव बुरी तरह क्षत-विक्षत होकर मकान के बाहर जा गिरे। घटनास्थल का दृश्य बेहद गंभीर था और आसपास के लोग इस हादसे से सहमे हुए थे। विस्फोट के बाद मकान के भीतर और आसपास मलबा फैल गया, जिससे राहत एवं बचाव कार्य में भी कठिनाइयां आने लगीं।
हादसे के दौरान पटाखा कारोबारी के परिवार की एक महिला की जान बच गई। बताया जा रहा है कि अमीरुद्दीन की बहू को जैसे ही घर में आग लगने का पता चला, वह किसी तरह बाहर निकलने में सफल रही। इस तरह उसने अपनी जान बचा ली। हालांकि, मकान के भीतर मौजूद अन्य लोगों के बारे में शुरुआती दौर में स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी। धमाकों की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और बचाव कार्य में मदद करने की कोशिश की। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंच गई और मामले की जांच शुरू कर दी।
शुरुआती जानकारी के अनुसार, मकान के बाहर तीन शवों की पुष्टि हुई है, जबकि चार अन्य लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका जताई जा रही है। घर के अंदर रखे पटाखों में रुक-रुककर हो रहे विस्फोटों के कारण बचाव दल को मकान के भीतर पहुंचने और तलाशी अभियान चलाने में परेशानी हो रही है। प्रशासन की ओर से मलबे में दबे लोगों का पता लगाने और घटनास्थल की पूरी जांच करने का प्रयास किया जा रहा है। फिलहाल मृतकों की वास्तविक संख्या और हादसे में घायल हुए लोगों की स्थिति को लेकर पूरी जानकारी सामने आना बाकी है।
इस घटना के बाद आलमपुर गांव में मातम पसरा हुआ है। स्थानीय लोग हादसे में जान गंवाने वालों को लेकर शोक में हैं, वहीं प्रभावित परिवारों के बीच चिंता का माहौल है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि मकान में पटाखे बनाने के दौरान आग किस वजह से लगी और विस्फोट किन परिस्थितियों में हुआ। प्रशासन की ओर से भी घटनास्थल की पूरी छानबीन के बाद ही हादसे से जुड़ी अन्य जानकारियां स्पष्ट होने की बात कही गई है। फिलहाल राहत एवं बचाव अभियान जारी है और मलबे की तलाशी पूरी होने के बाद ही इस भीषण हादसे में जान गंवाने वाले लोगों की सही संख्या का पता चल सकेगा।








