Explore

Search

November 5, 2026 12:24 pm

ईरान जंग ने छीना ट्रम्प की पार्टी का बहुमत! हार मानी, लेकिन बोले- मौका मिला तो फिर करूंगा हमला

WhatsApp
Facebook
Twitter
Email

वॉशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने मिडटर्म चुनाव में अपनी रिपब्लिकन पार्टी की करारी हार के बाद ईरान युद्ध को लेकर बड़ा बयान दिया है। ट्रम्प ने माना कि ईरान के साथ जारी युद्ध का असर चुनावी नतीजों पर पड़ा और इसकी वजह से उनकी पार्टी को भारी नुकसान उठाना पड़ा। हालांकि, चुनावी झटके के बावजूद ट्रम्प अपने फैसले पर कायम हैं। उन्होंने साफ कहा कि अगर उन्हें दोबारा मौका मिला तो वह ईरान पर फिर हमला करेंगे।

अमेरिका के मिडटर्म चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी ने बड़ी जीत दर्ज करते हुए प्रतिनिधि सभा (हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स) और सीनेट, दोनों पर नियंत्रण हासिल कर लिया। इसके साथ ही रिपब्लिकन पार्टी ने कांग्रेस के दोनों सदनों में अपना बहुमत गंवा दिया। यह नतीजा ट्रम्प के लिए राजनीतिक रूप से बड़ा झटका माना जा रहा है।

ट्रम्प ने मानी ईरान युद्ध की भूमिका

रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रम्प ने फॉक्स न्यूज और वॉल स्ट्रीट जर्नल को दिए इंटरव्यू में स्वीकार किया कि ईरान युद्ध उनकी पार्टी की चुनावी हार की एक वजह रहा। उन्होंने कहा कि युद्ध के कारण पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी हुई, जिसका असर आम अमेरिकी मतदाताओं पर पड़ा।

ट्रम्प ने यह भी माना कि उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की यह बात काफी हद तक सही है कि ईरान युद्ध ने रिपब्लिकन पार्टी को चुनाव में नुकसान पहुंचाया।

हार के बाद भी हमले के फैसले पर कायम ट्रम्प

चुनावी हार के बावजूद ट्रम्प ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई को सही ठहराया। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें दोबारा ऐसा फैसला लेने का मौका मिलता तो वह फिर वही कदम उठाते।

ट्रम्प के मुताबिक, ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना जरूरी है। उन्होंने दलील दी कि लंबे समय के लिहाज से यह कार्रवाई जरूरी थी और अमेरिका के पास दूसरा विकल्प नहीं था।

जेडी वेंस ने भी युद्ध को बताया हार की वजह

अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी रिपब्लिकन पार्टी की हार के लिए ईरान युद्ध को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि युद्ध की वजह से ट्रम्प का समर्थन करने वाले कई मतदाता रिपब्लिकन उम्मीदवारों से दूर हो गए।

वेंस के बयान के बाद अमेरिका में इस बात पर बहस तेज हो गई है कि ईरान युद्ध की राजनीतिक और आर्थिक कीमत कितनी भारी पड़ी है।

आगे ट्रम्प के सामने क्या चुनौती?

दोनों सदनों में बहुमत गंवाने के बाद ट्रम्प प्रशासन के लिए आने वाले समय में अपने विधायी एजेंडे को आगे बढ़ाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। डेमोक्रेट्स अब कांग्रेस में मजबूत स्थिति में होंगे और सरकार के फैसलों पर ज्यादा प्रभाव डाल सकेंगे।

वहीं, ईरान के साथ जारी संघर्ष और उससे जुड़ी महंगाई का मुद्दा भी ट्रम्प प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती बना हुआ है। चुनावी हार के बाद भी ट्रम्प का ईरान पर सख्त रुख यह संकेत देता है कि फिलहाल उनकी रणनीति में बड़े बदलाव के संकेत नहीं हैं।

Rashmi Repoter
Author: Rashmi Repoter

ताजा खबरों के लिए एक क्लिक पर ज्वाइन करे व्हाट्सएप ग्रुप

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advertisement
लाइव क्रिकेट स्कोर