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October 23, 2026 5:16 pm

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सामंथा ने विजय को बताया अपना ‘लकी चार्म’, दीं 3 हिट फिल्में; करियर के शिखर पर सिनेमा छोडऩे के फैसले की भी की तारीफ

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दक्षिण भारतीय सिनेमा की लोकप्रिय अभिनेत्री सामंथा रुथ प्रभु ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और सुपरस्टार सी. जोसेफ विजय की जमकर तारीफ की है। सामंथा इन दिनों ‘सेलिब्रिटी मास्टरशेफ तमिल’ की मेजबानी कर रही हैं। शो के दौरान उन्होंने विजय को अपना पसंदीदा सितारा बताते हुए उन्हें अपना ‘लकी चार्म’ कहा। अभिनेत्री ने विजय की मेहनत, उनके व्यक्तित्व और राजनीति में प्रवेश करने के फैसले की सराहना करते हुए कहा कि अपने करियर के शिखर पर पहुंचने के बाद फिल्मों से दूरी बनाकर जनसेवा का रास्ता चुनना आसान निर्णय नहीं होता।

कार्यक्रम के आगामी एपिसोड में ‘हीरो बनाम विलेन’ चुनौती के दौरान जब आरजे विजय ने सामंथा से उनके पसंदीदा सितारे के बारे में पूछा, तो उन्होंने बिना किसी झिझक के विजय का नाम लिया। सामंथा ने कहा कि विजय के प्रति उनकी पसंद किसी से छिपी नहीं है। उन्होंने बताया कि विजय उनके लिए बेहद खास हैं और उनके साथ काम करना हमेशा यादगार रहा है। अभिनेत्री के मुताबिक, उन्होंने विजय के साथ तीन ऐसी फिल्मों में काम किया, जिन्हें दर्शकों ने खूब पसंद किया और जिन्होंने बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन किया।

सामंथा और विजय की जोड़ी ‘कथ्थी’ (2014), ‘थेरी’ (2016) और ‘मर्सल’ (2017) जैसी फिल्मों में नजर आई थी। इन तीनों फिल्मों को व्यावसायिक स्तर पर बड़ी सफलता मिली। रिपोर्ट के अनुसार, तीनों फिल्मों ने दुनियाभर में 100 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार किया, जबकि ‘मर्सल’ की कमाई 250 करोड़ रुपये से भी ज्यादा रही। इन फिल्मों की सफलता ने विजय की लोकप्रियता को और मजबूत किया और सामंथा के साथ उनकी जोड़ी को भी दर्शकों के बीच पहचान दिलाई।

विजय की मेहनत और व्यक्तित्व से प्रभावित हैं सामंथा

सामंथा ने केवल विजय की फिल्मों की सफलता की ही चर्चा नहीं की, बल्कि उनके व्यक्तित्व और कार्यशैली की भी प्रशंसा की। अभिनेत्री ने कहा कि विजय एक प्रेरणादायक इंसान हैं। उनके करोड़ों प्रशंसक हैं और उन्होंने इतनी बड़ी लोकप्रियता के बावजूद नेतृत्व तथा शासन की जिम्मेदारी संभालने का रास्ता चुना। सामंथा के अनुसार, विजय पर्दे के पीछे भी शांत, एकाग्र और बेहद मेहनती तरीके से काम करते हैं।

अभिनेत्री ने कहा कि किसी कलाकार के लिए अपने करियर के सबसे सफल दौर में सिनेमा से दूरी बनाकर राजनीति में प्रवेश करना आसान फैसला नहीं होता। इसके लिए दृढ़ इच्छाशक्ति और एक स्पष्ट उद्देश्य की जरूरत होती है। सामंथा ने विजय के इस कदम की सराहना करते हुए यह भी कहा कि उन्होंने राजनीति में प्रवेश करने के लिए सही समय चुना।

फिल्मी दुनिया से राजनीति तक विजय का सफर

विजय ने अपने अभिनय करियर की शुरुआत बाल कलाकार के रूप में वर्ष 1984 में तमिल फिल्म ‘वेत्त्री’ से की थी। इस फिल्म का निर्देशन उनके पिता एस.ए. चंद्रशेखर ने किया था। इसके बाद वर्ष 1992 में उन्होंने ‘नालैय्या थीरपू’ के जरिए मुख्य अभिनेता के रूप में अपनी शुरुआत की। इस फिल्म का निर्देशन उनके पिता ने किया था, जबकि उनकी मां शोभा ने इसका निर्माण किया था।

विजय को व्यावसायिक स्तर पर बड़ी सफलता वर्ष 1996 में आई फिल्म ‘कोयंबटूर मापिल्लई’ से मिली। इसके बाद उनका फिल्मी करियर लगातार आगे बढ़ता गया और वह तमिल सिनेमा के प्रमुख सितारों में शामिल हो गए। समय के साथ उनकी लोकप्रियता का दायरा बढ़ता गया और उनकी फिल्मों को देश-विदेश में दर्शक मिलने लगे। उनके करियर की चर्चित फिल्मों में ‘लियो’ भी शामिल है, जिसने बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन किया और तमिल सिनेमा की सबसे अधिक कमाई करने वाली फिल्मों में जगह बनाई।

अपने सफल फिल्मी करियर के बीच विजय ने राजनीति में कदम रखने का फैसला किया। वर्ष 2024 में उन्होंने आधिकारिक तौर पर राजनीति में प्रवेश की घोषणा की और अपनी पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) की शुरुआत की। फिल्मों में लंबे समय तक काम करने के बाद उनका राजनीति की ओर रुख करना तमिलनाडु के राजनीतिक परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम के रूप में देखा गया।

रिपोर्ट के अनुसार, उनकी पार्टी ने राज्य की राजनीति में उल्लेखनीय सफलता हासिल की और विजय ने इसी वर्ष मई में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के रूप में कार्यभार संभाला। इस तरह उन्होंने अभिनय की दुनिया से निकलकर राज्य के शासन की जिम्मेदारी तक का सफर तय किया।

विजय की आखिरी फिल्म को लेकर भी रही चर्चा

राजनीति में सक्रिय होने के बाद विजय की फिल्मी यात्रा भी चर्चा का विषय बनी रही। उनकी अंतिम फिल्म ‘जना नायकन’ को पोंगल के अवसर पर सिनेमाघरों में रिलीज किया जाना था, लेकिन केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड से जुड़ी प्रक्रिया के कारण इसकी रिलीज में देरी हुई। बाद में यह फिल्म जुलाई में सिनेमाघरों में पहुंची। आलोचकों की मिली-जुली प्रतिक्रियाओं के बावजूद फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन किया।

विजय के राजनीतिक सफर और फिल्मों से दूरी बनाने के फैसले पर सामंथा की टिप्पणी ने एक बार फिर उनके व्यक्तित्व और करियर को चर्चा में ला दिया है। अभिनेत्री ने जिस तरह उनके परिश्रम, नेतृत्व और समय पर लिए गए फैसले की तारीफ की, उससे स्पष्ट है कि वह विजय को केवल एक सफल अभिनेता के रूप में नहीं, बल्कि एक ऐसे व्यक्ति के रूप में भी देखती हैं, जिसने लोकप्रियता के शिखर पर रहते हुए अपने लिए एक नया रास्ता चुना।

Rajesh Bhagtani
Author: Rajesh Bhagtani

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