नई दिल्ली। अरुणाचल प्रदेश में भारत और चीन के सैनिकों के बीच टकराव की खबरों के बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र सरकार से सवाल किए हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से देश के सामने वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की मांग करते हुए कहा कि चीन को क्लीन चिट देना बंद किया जाना चाहिए। खरगे ने राष्ट्रीय सुरक्षा, आर्थिक सुरक्षा और कूटनीतिक जवाबदेही से जुड़े तीन अहम सवाल उठाए हैं और सरकार से इनका जवाब देने को कहा है।
भारत और चीन के बीच अरुणाचल प्रदेश की सीमा पर कथित टकराव को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। शुक्रवार, 23 अक्टूबर को खरगे ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया साझा करते हुए कहा कि सरकार को चीन को क्लीन चिट देना बंद करना चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से देश के सामने सच्चाई रखने की मांग की। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि सीमा पर मौजूदा स्थिति को लेकर सरकार को जवाब देना चाहिए और देश को अंधेरे में नहीं रखा जाना चाहिए।
खरगे ने राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए भारत-चीन सीमा पर जारी तनाव को लेकर चिंता जताई।
उन्होंने कहा कि भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के महानिदेशक ने अरुणाचल प्रदेश में चीनी सेना के साथ टकराव की पुष्टि की है, जो गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने सवाल किया कि क्या डोकलाम और गलवान के बाद भारत और चीन के बीच एक बार फिर टकराव की स्थिति पैदा हुई है।
कांग्रेस अध्यक्ष ने यह भी कहा कि अगस्त में अरुणाचल प्रदेश के त्सांगिंग क्षेत्र के पास चीनी घुसपैठ की खबरें सामने आई थीं। इसके बावजूद वाचा-दमाई में कोर कमांडर स्तर की बातचीत के 47 दिन बीत जाने के बाद भी टकराव जारी रहने की बात सामने आ रही है। खरगे ने सवाल किया कि क्या इस स्थिति में भारत के गश्त करने के अधिकारों से कोई समझौता हुआ है। उन्होंने सरकार से यह भी पूछा कि सीमा पर जारी घटनाक्रम के बारे में देश को स्पष्ट जानकारी क्यों नहीं दी जा रही है।
आर्थिक सुरक्षा के मुद्दे पर भी खरगे ने केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने भारत और चीन के बीच बढ़ते व्यापार तथा आयात पर सवाल उठाते हुए कहा कि वित्त वर्ष 2020-21 में गलवान घाटी में भारतीय सेना के 20 जवानों के सर्वोच्च बलिदान के बाद से चीन से होने वाले आयात में 102 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। उनके अनुसार, इसी अवधि में चीन के साथ भारत का व्यापार घाटा 155 प्रतिशत बढक़र 112.16 अरब डॉलर तक पहुंच गया है।
खरगे ने इन आंकड़ों का हवाला देते हुए सरकार की ‘मेक इन इंडिया’ पहल पर सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि क्या देश में विनिर्माण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू की गई यह पहल अब चीन से आयात पर बढ़ती निर्भरता में बदलती जा रही है। उन्होंने आर्थिक सुरक्षा को राष्ट्रीय हित से जोड़ते हुए सरकार से भारत-चीन व्यापार संबंधों की स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।
गौरतलब है कि आईटीबीपी के महानिदेशक शत्रुजीत कपूर ने हाल ही में भारत और चीन के बीच लंबे समय से जारी टकराव का उल्लेख किया था। उनके बयान में अरुणाचल प्रदेश की सीमा पर दोनों देशों के सैनिकों के आमने-सामने आने की बात भी सामने आई। इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में विवाद शुरू हो गया है और कांग्रेस ने सीमा सुरक्षा तथा चीन के साथ भारत के संबंधों को लेकर केंद्र सरकार से जवाब मांगा है।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र सरकार के सामने तीन प्रमुख मुद्दे रखे हैं। इनमें अरुणाचल प्रदेश की सीमा पर सुरक्षा की स्थिति, चीन के साथ बढ़ता व्यापार घाटा और सीमा पर हो रही घटनाओं को लेकर सरकार की जवाबदेही शामिल है। कांग्रेस का कहना है कि प्रधानमंत्री को इन सवालों पर देश के सामने स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।








