भारतीय क्रिकेट टीम के बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने सलामी बल्लेबाज संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा की जमकर तारीफ की है। उन्होंने दोनों खिलाडय़िों की उन खूबियों के बारे में बताया, जिनकी वजह से टीम प्रबंधन लगातार उन पर भरोसा जता रहा है। कोटक के मुताबिक, ताकत, प्रतिभा और खेलने के इरादे के अलावा संजू और अभिषेक में अपने मन पर नियंत्रण रखने की भी गजब की क्षमता है। यही गुण उन्हें दबाव की परिस्थितियों में भी निडर होकर बल्लेबाजी करने में मदद करते हैं। दूसरी ओर, सोशल मीडिया पर 15 वर्षीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को प्लेइंग इलेवन में शामिल करने की मांग लगातार उठ रही है। इसके बावजूद टीम प्रबंधन जिस तरह संजू और अभिषेक को लगातार समर्थन दे रहा है, कोटक ने उसके फैसले का बचाव किया है।
वैभव सूर्यवंशी को एशियाई खेलों के बाद से खेलने का मौका नहीं मिला है। हालांकि, न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे टी20 मुकाबले से ईशान किशन के चोटिल होने के कारण बाहर होने के बाद वैभव को टीम में अवसर मिलने की संभावनाएं बढ़ गई हैं। ऐसे में सलामी बल्लेबाजों के चयन को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। क्रिकेट प्रशंसकों का एक वर्ग चाहता है कि वैभव को प्लेइंग इलेवन में शामिल किया जाए, लेकिन टीम प्रबंधन फिलहाल संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा की जोड़ी पर भरोसा बनाए हुए है।
कोटक ने तीनों सलामी बल्लेबाजों को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि प्रशंसकों को यह समझना चाहिए कि टीम प्रबंधन जो भी निर्णय लेता है, वह टीम के हित को ध्यान में रखकर लिया जाता है। प्लेइंग इलेवन का चयन लोगों की व्यक्तिगत पसंद या सोशल मीडिया पर उठने वाली मांगों के आधार पर नहीं किया जा सकता। टीम में किस खिलाड़ी को मौका देना है, इसका फैसला खिलाडिय़ों के प्रदर्शन, टीम की जरूरत और रणनीति को ध्यान में रखकर किया जाता है।
भारतीय बल्लेबाजी कोच ने संजू सैमसन की खास तौर पर प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि संजू एक दमदार खिलाड़ी हैं और पहले मैच में उन्होंने जिस अंदाज में बल्लेबाजी की, वह तारीफ के काबिल थी। टीम के सामने बड़ा लक्ष्य था और ऐसी स्थिति में आक्रामक शुरुआत करना आसान नहीं होता। कोटक ने उदाहरण देते हुए कहा कि यदि किसी बल्लेबाज से पारी के शुरुआती दो ओवरों में तीन या चार छक्के लगाने की अपेक्षा की जाए, तो उसके ऊपर दबाव होना स्वाभाविक है। ऐसे में विकेट गंवाने का डर भी मन में आ सकता है, लेकिन संजू ने अपने इरादों से प्रभावित किया।
कोटक ने आगे कहा कि यदि कोई बल्लेबाज लगातार दो या तीन मैचों में जल्दी आउट हो जाता है, तो उसके मन में टीम से बाहर किए जाने का डर पैदा हो सकता है। इसके बावजूद भारतीय टीम के दोनों सलामी बल्लेबाजों ने अपने खेलने के अंदाज से मजबूत इरादे दिखाए हैं। उन्होंने कहा कि संजू और अभिषेक का मानसिक संतुलन और दबाव में खुद को संभालने की क्षमता उन्हें दूसरे खिलाडिय़ों से अलग बनाती है। दोनों बल्लेबाज निडर होकर खेलते हैं और आक्रामक रवैया अपनाने से पीछे नहीं हटते।
कोटक के बयान से साफ है कि टीम प्रबंधन फिलहाल संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा की सलामी जोड़ी को पर्याप्त अवसर देना चाहता है। दोनों खिलाडिय़ों की ताकत, प्रतिभा, आक्रामक इरादे और मानसिक मजबूती टीम के भरोसे की प्रमुख वजह हैं। वहीं, वैभव सूर्यवंशी जैसे युवा प्रतिभाशाली खिलाड़ी को मौका देने का फैसला टीम की जरूरतों और रणनीति को ध्यान में रखकर ही लिया जाएगा। ऐसे में प्रशंसकों को वैभव के अंतरराष्ट्रीय पदार्पण के लिए अभी इंतजार करना पड़ सकता है, हालांकि ईशान किशन की अनुपलब्धता के बाद उनके चयन की संभावनाओं पर चर्चा जरूर तेज हुई है।








