सोते समय मुंह से लार टपकना एक आम समस्या है। कई लोगों की नींद के दौरान तकिया लार से गीला हो जाता है। कभी-कभी ऐसा होना सामान्य है, लेकिन अगर यह समस्या लगातार बनी रहती है या इसके साथ दूसरे लक्षण भी दिखाई देते हैं, तो इसकी वजह जानना जरूरी है। विशेषज्ञों के अनुसार, नींद के दौरान मुंह की मांसपेशियां आराम की स्थिति में होती हैं और निगलने की प्रक्रिया भी कम सक्रिय हो सकती है। ऐसे में लार मुंह से बाहर निकल सकती है। हालांकि, नाक बंद रहने, मुंह से सांस लेने और कुछ स्वास्थ्य समस्याओं के कारण भी ऐसा हो सकता है।
सोते समय मुंह से लार क्यों निकलती है?
हमारे मुंह में लार बनाने वाली ग्रंथियां लगातार काम करती हैं। लार भोजन को निगलने, मुंह को नम रखने और पाचन प्रक्रिया में मदद करती है। सामान्य रूप से हम दिनभर लार को निगलते रहते हैं, लेकिन सोते समय निगलने की प्रक्रिया धीमी हो जाती है। यदि इस दौरान मुंह खुला रहता है, तो लार बाहर निकल सकती है।
इसके अलावा, सोने की स्थिति भी इसका एक कारण हो सकती है। करवट लेकर या पेट के बल सोने पर गुरुत्वाकर्षण के कारण लार मुंह से बाहर आने की संभावना बढ़ सकती है। यदि किसी व्यक्ति को सर्दी, एलर्जी या नाक बंद रहने की समस्या है, तो वह मुंह से सांस ले सकता है, जिससे भी लार टपकने की समस्या बढ़ सकती है।
कब लार टपकना सामान्य है और कब चिंता की बात?
कभी-कभार सोते समय लार निकलना आमतौर पर चिंता का कारण नहीं होता। यदि व्यक्ति स्वस्थ है और उसे कोई अन्य परेशानी नहीं है, तो यह नींद की सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा हो सकता है।
लेकिन यदि रोजाना बहुत अधिक लार निकलती है, अचानक समस्या शुरू हो गई है या इसके साथ निगलने में कठिनाई, बोलने में बदलाव, चेहरे की मांसपेशियों में कमजोरी अथवा सांस लेने में परेशानी होती है, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
यदि अचानक चेहरे का एक हिस्सा कमजोर पड़ जाए, बोलने में दिक्कत हो या निगलने में परेशानी शुरू हो, तो इसे आपात स्थिति मानें और तुरंत चिकित्सा सहायता लें।
किन स्वास्थ्य समस्याओं से जुड़ी हो सकती है यह परेशानी?
1. नाक बंद होना: सर्दी, एलर्जी या साइनस की समस्या के कारण नाक से सांस लेने में परेशानी हो सकती है। ऐसे में व्यक्ति मुंह खोलकर सोता है और लार बाहर निकल सकती है।
2. एसिड रिफ्लक्स: पेट का एसिड भोजन नली की ओर आने पर कुछ लोगों में लार बनने की मात्रा बढ़ सकती है। इसके साथ सीने में जलन, खट्टी डकार या गले में जलन भी हो सकती है।
3. नींद से जुड़ी समस्याएं: खर्राटे, मुंह से सांस लेना और ऑब्स्ट्रक्टिव स्लीप एपनिया जैसी स्थितियां नींद के दौरान मुंह से लार निकलने से जुड़ी हो सकती हैं। यदि तेज खर्राटों के साथ सांस रुकने या दिन में अत्यधिक नींद आने की शिकायत हो, तो जांच करानी चाहिए।
4. निगलने में कठिनाई: कुछ तंत्रिका संबंधी बीमारियों या मांसपेशियों की समस्याओं के कारण लार निगलने में परेशानी हो सकती है। ऐसी स्थिति में चिकित्सकीय जांच जरूरी है।
5. दवाओं का प्रभाव: कुछ दवाएं लार बनने या निगलने की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती हैं। यदि किसी दवा को शुरू करने के बाद समस्या बढ़ी है, तो डॉक्टर से चर्चा करें। दवा अपने आप बंद न करें।
सोते समय लार टपकने से बचाव के 11 उपाय
1. सोने की स्थिति पर ध्यान दें: यदि करवट लेकर सोने पर लार अधिक निकलती है, तो अपनी सोने की स्थिति में बदलाव करके देखें। पीठ के बल सोना कुछ लोगों के लिए मददगार हो सकता है, लेकिन यह हर व्यक्ति के लिए उपयुक्त नहीं होता।
2. नाक की समस्या का इलाज कराएं: यदि नाक अक्सर बंद रहती है, तो एलर्जी, सर्दी या साइनस की समस्या के लिए डॉक्टर से सलाह लें।
3. मुंह से सांस लेने की आदत पर ध्यान दें: लगातार मुंह से सांस लेना नाक या सांस से जुड़ी समस्या का संकेत हो सकता है। इसका कारण पता करना जरूरी है।
4. एलर्जी से बचाव करें: धूल, धुएं और उन चीजों से दूरी रखें जिनसे आपको एलर्जी होती है। कमरे की नियमित सफाई भी मदद कर सकती है।
5. सोने का नियमित समय रखें: पर्याप्त और नियमित नींद लेने से नींद की गुणवत्ता बेहतर हो सकती है। हालांकि, केवल सोने का समय बदलने से हर मामले में लार टपकना बंद नहीं होता।
6. एसिड रिफ्लक्स के लक्षणों पर ध्यान दें: यदि रात में सीने में जलन या खट्टी डकार आती है, तो डॉक्टर से सलाह लें। जरूरत पड़ने पर भोजन और सोने के समय में बदलाव करने की सलाह दी जा सकती है।
7. सोने से ठीक पहले भारी भोजन न करें: रात में बहुत अधिक भोजन करने से कुछ लोगों में एसिड रिफ्लक्स बढ़ सकता है। हल्का भोजन और नियमित समय पर खाना उपयोगी हो सकता है।
8. मुंह और दांतों की सफाई रखें: दिन में दो बार ब्रश करें और नियमित रूप से दांतों की जांच कराएं। मुंह की अच्छी स्वच्छता समग्र मौखिक स्वास्थ्य के लिए जरूरी है।
9. खर्राटों को नजरअंदाज न करें: यदि तेज खर्राटे आते हैं, नींद में सांस रुकती है या दिनभर थकान रहती है, तो डॉक्टर से जांच कराएं।
10. दवाओं की समीक्षा कराएं: यदि समस्या किसी दवा के सेवन के बाद शुरू हुई है, तो डॉक्टर को बताएं। बिना चिकित्सकीय सलाह के दवा की खुराक न बदलें।
11. समस्या लगातार बनी रहे तो विशेषज्ञ से मिलें: यदि लार रोजाना अधिक निकलती है, निगलने में परेशानी होती है या समस्या अचानक बढ़ गई है, तो डॉक्टर से जांच कराएं। जरूरत के अनुसार नाक-कान-गला विशेषज्ञ या अन्य चिकित्सक से परामर्श लिया जा सकता है।
क्या घरेलू उपायों से पूरी तरह ठीक हो सकती है समस्या?
यदि लार टपकने की वजह सोने की स्थिति या अस्थायी नाक बंद होना है, तो संबंधित बदलावों से राहत मिल सकती है। लेकिन यदि इसके पीछे निगलने की समस्या, एसिड रिफ्लक्स या नींद से जुड़ी कोई बीमारी है, तो केवल घरेलू उपाय पर्याप्त नहीं होंगे। इलाज का तरीका समस्या के वास्तविक कारण पर निर्भर करता है।
मुंह पर टेप लगाकर सोने जैसे उपाय बिना चिकित्सकीय सलाह के नहीं अपनाने चाहिए, खासकर यदि नाक बंद रहती है, खर्राटे आते हैं या सांस लेने में परेशानी होती है।
निष्कर्ष
सोते समय मुंह से लार टपकना अक्सर सामान्य होता है, लेकिन लगातार या अचानक बढ़ने वाली समस्या को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। नाक से सांस लेने में परेशानी, खर्राटे, एसिड रिफ्लक्स और निगलने से जुड़ी समस्याएं इसके संभावित कारण हो सकते हैं। सही कारण की पहचान करके ही उचित उपचार किया जा सकता है। यदि समस्या नियमित रूप से हो रही है या इसके साथ दूसरे लक्षण दिखाई देते हैं, तो डॉक्टर से सलाह लेना सबसे बेहतर कदम है।
डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के लिए है, किसी बीमारी का निदान या इलाज नहीं। व्यक्तिगत लक्षणों के आधार पर डॉक्टर की सलाह लें।








