बीकानेर: हाईवे पर चलती बस में अचानक आग लगने से बड़ा हादसा होते-होते टल गया। बस में 29 बच्चे सवार थे, जो एजुकेशन टूर पर जा रहे थे। आग लगने की घटना के बाद बस में अफरा-तफरी मच गई। हालात को देखते हुए ड्राइवर और स्टाफ ने तुरंत सूझबूझ दिखाई और बच्चों को बस से सुरक्षित बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू शुरू किया। देखते ही देखते आग ने पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया और करीब 10 मिनट में बस जलकर राख हो गई।
चलती बस में अचानक भड़की आग
जानकारी के अनुसार, बच्चों से भरी बस हाईवे से गुजर रही थी। इसी दौरान बस में अचानक आग लग गई। आग की लपटें उठती देख ड्राइवर और स्टाफ सतर्क हो गए। उन्होंने तत्काल बस को रोककर बच्चों को बाहर निकालने की कार्रवाई शुरू की। घटना के कारण हाईवे पर कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
बस में 29 बच्चे सवार होने के कारण स्थिति बेहद संवेदनशील थी। ऐसे में ड्राइवर और स्टाफ ने बिना देर किए बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालने पर ध्यान दिया। समय रहते की गई इस कार्रवाई से एक बड़ी अनहोनी टल गई।
10 मिनट में आग ने पूरी बस को लिया चपेट में
बस में लगी आग तेजी से फैलती चली गई। कुछ ही मिनटों में आग ने पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया। करीब 10 मिनट के भीतर बस जलकर राख हो गई। आग इतनी तेजी से फैली कि बस को बचाने का मौका नहीं मिल पाया।
घटना के दौरान सबसे बड़ी चुनौती बस में सवार सभी बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालना था। ड्राइवर और स्टाफ ने रेस्क्यू करते हुए बच्चों को बस से बाहर निकाला। बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए तत्काल कदम उठाए गए।
एजुकेशन टूर के दौरान हुआ हादसा
बस में सवार बच्चे एजुकेशन टूर पर जा रहे थे। इस दौरान हाईवे पर हुई आग की घटना ने बच्चों और उनके साथ मौजूद स्टाफ को घबराहट में डाल दिया। हालांकि, ड्राइवर और स्टाफ की सतर्कता से बच्चों को सुरक्षित निकालने में मदद मिली।
इस तरह की घटनाएं स्कूलों और शैक्षणिक संस्थानों की यात्राओं के दौरान वाहन सुरक्षा की अहमियत को सामने लाती हैं। बच्चों को लेकर लंबी दूरी की यात्रा करने वाली बसों में अग्निशमन उपकरण, आपातकालीन निकास और सुरक्षा व्यवस्था का दुरुस्त होना बेहद जरूरी है।
बस में आग लगने की वजह का पता लगाना जरूरी
चलती बस में आग लगने के पीछे तकनीकी खराबी, शॉर्ट सर्किट या कोई अन्य कारण हो सकता है। हालांकि, घटना की वास्तविक वजह की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकती है। ऐसे मामलों में वाहन की तकनीकी स्थिति और सुरक्षा इंतजामों की जांच महत्वपूर्ण होती है।
हाईवे पर हुए इस हादसे में बस का पूरी तरह जल जाना बड़ा नुकसान है, लेकिन सबसे राहत की बात यह रही कि ड्राइवर और स्टाफ ने समय रहते बच्चों को बाहर निकालने की कोशिश की। घटना ने एक बार फिर स्कूली बसों और एजुकेशन टूर के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन करने की जरूरत को रेखांकित किया है।








