बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर मुंबई के जुहू इलाके में हुई फायरिंग के मामले में जांच तेज हो गई है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने इस मामले में दो महिलाओं समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कुणाल, सुमित, राधा और बबीता के रूप में हुई है। पुलिस का आरोप है कि इन लोगों ने फायरिंग की घटना में शामिल हमलावरों तक हथियार पहुंचाने में भूमिका निभाई थी। जांच एजेंसियां अब कथित हथियार सप्लाई नेटवर्क और इस घटना के पीछे शामिल लोगों की भूमिका का पता लगाने में जुटी हैं।
कौन हैं राधा और बबीता?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 23 वर्षीय राधा उत्तर प्रदेश के सीतापुर की रहने वाली हैं, जबकि 23 वर्षीय बबीता आजमगढ़ की निवासी बताई गई हैं। पुलिस के अनुसार, दोनों को 20 अक्टूबर को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया गया। आरोप है कि दोनों ने कथित तौर पर मुंबई में हमलावरों तक हथियार पहुंचाने में मदद की थी। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि अदालत में होना बाकी है।
कुणाल और सुमित की क्या भूमिका बताई गई?
पुलिस ने इस मामले में हरियाणा के सोनीपत निवासी कुणाल और सुमित को भी गिरफ्तार किया है। जांचकर्ताओं का आरोप है कि दोनों ने हथियारों की व्यवस्था करने में भूमिका निभाई। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि इन आरोपियों का विदेश में सक्रिय बताए जा रहे गैंगस्टर अनिल पंडित से क्या संबंध था और कथित तौर पर निर्देश किसके जरिए दिए गए। अनिल पंडित के लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े होने की आशंका भी जांच का हिस्सा है।
18 अक्टूबर को हुई थी फायरिंग
यह घटना 18 अक्टूबर 2026 को मुंबई के जुहू इलाके में हुई थी। पुलिस के अनुसार, टाइगर श्रॉफ की कार पर गोलीबारी की गई। अभिनेता सुरक्षित रहे, जबकि घटना में उनके ड्राइवर और एक अन्य व्यक्ति के घायल होने की खबर सामने आई। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की और राजस्थान के कोटा से तीन कथित हमलावरों को गिरफ्तार किया था।
अब चार और गिरफ्तारियों के बाद इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या सात हो गई है। पुलिस सभी आरोपियों की भूमिका और कथित आपराधिक नेटवर्क के संबंधों की जांच कर रही है।
मुंबई पुलिस को सौंपे गए आरोपी
रिपोर्ट्स के अनुसार, चारों आरोपियों को अदालत में पेश करने के बाद मुंबई पुलिस की अपराध जांच शाखा ने उनसे पूछताछ और आगे की जांच के लिए हिरासत मांगी। अदालत ने तीन दिन की ट्रांजिट रिमांड की अनुमति दी, ताकि आरोपियों को मुंबई ले जाया जा सके। जांच एजेंसियां इस मामले में अन्य संभावित आरोपियों और घटना से जुड़े तथ्यों का पता लगाने में जुटी हैं।
फिलहाल, मामले की जांच जारी है। राधा, बबीता और अन्य आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोप पुलिस की जांच का हिस्सा हैं। अदालत में आरोप साबित होने तक सभी आरोपियों को निर्दोष माना जाना चाहिए।








