भारतीय सिनेमा के चर्चित निर्देशक एसएस राजामौली की आगामी फिल्म ‘वाराणसी’ को लेकर दर्शकों की उत्सुकता लगातार बढ़ रही है। महेश बाबू, प्रियंका चोपड़ा और पृथ्वीराज सुकुमारन अभिनीत यह फिल्म केवल समय यात्रा और रोमांच तक सीमित नहीं है, बल्कि इसकी कहानी में प्रेम, पारिवारिक रिश्तों और भावनाओं को भी महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। राजामौली ने हाल ही में ब्राजील में आयोजित एक फिल्म समारोह के दौरान फिल्म की कहानी के भावनात्मक पक्ष पर बात की। उन्होंने बताया कि अलग-अलग दुनियाओं और समय कालों से गुजरने वाले इस रोमांचक सफर के केंद्र में पिता-पुत्र का रिश्ता और एक पुरुष तथा महिला के बीच का प्रेम है।
राजामौली हाल ही में ब्राजील में आयोजित 50वें साओ पाउलो अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में शामिल हुए थे। इस दौरान उन्हें सिनेमा में उनके योगदान के लिए लियोन काकॉफ करियर अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। समारोह में उनकी चर्चित फिल्म ‘आरआरआर’ का पुर्तगाली उपशीर्षकों के साथ प्रदर्शन भी किया गया। इसके अलावा उन्होंने अपनी अगली फिल्म ‘वाराणसी’ की झलक भी पेश की। इस फिल्म में महेश बाबू रुद्र के किरदार में दिखाई देंगे, जबकि प्रियंका चोपड़ा मंदाकिनी और पृथ्वीराज सुकुमारन खलनायक कुंभा की भूमिका निभाएंगे।
फिल्म समारोह के दौरान यूट्यूब चैनल ALMANAQUE21 से बातचीत में राजामौली ने बताया कि उन्होंने अब तक ‘वाराणसी’ की पूरी कहानी सार्वजनिक क्यों नहीं की है। उन्होंने कहा कि कुछ फिल्मों का व्यापक स्वरूप केवल शब्दों के जरिए समझाना मुश्किल होता है। ऐसे में कहानी का विस्तार बताने के बजाय उसकी दुनिया की झलक दिखाना अधिक प्रभावी रहता है। इसी सोच के तहत फिल्म की एक झलक जारी की गई, जिससे दर्शक बिना कहानी के रहस्य जाने उसके अलग-अलग संसारों और अनुभवों का अंदाजा लगा सकें।
राजामौली के मुताबिक, ‘वाराणसी’ में दर्शकों को कई अलग-अलग स्थानों और समय कालों की यात्रा देखने को मिलेगी। फिल्म का रोमांच अंटार्कटिका से लेकर अफ्रीका और वाराणसी शहर तक फैला हुआ है। इसकी कहानी अलग-अलग समय क्षेत्रों से गुजरती है और पौराणिक काल की दुनिया में भी प्रवेश करती है। इस दौरान दर्शकों को विशालकाय प्राणियों, देवी-देवताओं और पौराणिक घटनाओं से जुड़े दृश्य देखने को मिलेंगे। हालांकि, निर्देशक ने स्पष्ट किया कि इन तमाम रोमांचक घटनाओं के पीछे भावनात्मक रिश्तों की अहम भूमिका है। पिता और पुत्र के बीच का संबंध तथा एक पुरुष और महिला के बीच प्रेम ही इस पूरे साहसिक सफर को आगे बढ़ाने वाली मुख्य शक्ति है।
फिल्म के कथानक में पौराणिक तत्वों और समय यात्रा का मेल इसे एक बड़े स्तर का सिनेमाई अनुभव बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राजामौली ने दर्शकों को फिल्म की जारी झलक देखने की सलाह देते हुए संकेत दिया कि इसके संसार को समझने के लिए केवल कहानी के शब्दों पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं होगा। फिल्म में अलग-अलग युगों, भौगोलिक स्थानों और पौराणिक संदर्भों को एक साथ जोड़ने का प्रयास किया गया है। इसके बावजूद निर्देशक का जोर इस बात पर है कि कहानी की असली बुनियाद मानवीय भावनाएं और रिश्ते हैं।
‘वाराणसी’ का निर्देशन एसएस राजामौली कर रहे हैं। फिल्म की पटकथा में उनके पिता वी. विजयेंद्र प्रसाद और उनके चचेरे भाई एसएस कांची का भी योगदान है। इसका निर्माण श्री दुर्गा आर्ट्स और शोइंग बिजनेस के बैनर तले किया जा रहा है। फिल्म में महेश बाबू, प्रियंका चोपड़ा और पृथ्वीराज सुकुमारन प्रमुख भूमिकाओं में हैं। वर्ष 2022 में रिलीज हुई ‘आरआरआर’ की सफलता के बाद यह राजामौली की अगली फिल्म है, इसलिए इसे लेकर दर्शकों की अपेक्षाएं काफी ऊंची हैं। फिल्म की झलक में महेश बाबू के भगवान राम के रूप में दिखाई देने के संकेत ने भी दर्शकों के बीच चर्चा बढ़ाई है।
राजामौली ने हाल ही में एम्पायर फिल्म पॉडकास्ट पर भारतीय महाकाव्यों पर आधारित फिल्मों को लेकर भी अपनी राय रखी थी। उन्होंने कहा था कि अब तक रामायण और महाभारत जैसे महाकाव्यों के जितने रूपांतरण बने हैं, उनसे वह पूरी तरह संतुष्ट नहीं रहे हैं। महाभारत पर फिल्म बनाने की उनकी लंबे समय से इच्छा है, हालांकि इस महत्वाकांक्षी परियोजना को साकार होने में अभी समय लग सकता है। फिलहाल ‘वाराणसी’ में रामायण से जुड़ा एक छोटा दृश्य शामिल किया गया है, जिसमें भगवान राम और कुंभकर्ण के बीच युद्ध दिखाया जाएगा।
फिल्म की रिलीज तारीख भी तय कर दी गई है। ‘वाराणसी’ सात अप्रैल 2027 को उगादी के अवसर पर सिनेमाघरों में प्रदर्शित होगी। समय यात्रा, पौराणिक संसार, एक्शन और पारिवारिक भावनाओं के मेल के साथ राजामौली इस फिल्म के जरिए दर्शकों को एक अलग सिनेमाई अनुभव देने की तैयारी में हैं। अब दर्शकों की निगाहें फिल्म के अगले प्रचार अभियान और इससे जुड़ी नई जानकारियों पर टिकी हैं।








