जयपुर में चोरी की वारदातों का खुलासा करते हुए पुलिस ने 10 हजार रुपये के इनामी आरोपी मोसिन को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर आरोप है कि वह कबाड़ी बनकर दुकानों के आसपास घूमता और उनकी रेकी करता था। इसके बाद मौका देखकर चोरी की वारदात को अंजाम देता था। पुलिस ने चोरी का माल खरीदने के आरोप में एक कबाड़ी को भी पकड़ा है। मामले में पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर चोरी की अन्य वारदातों के संबंध में जानकारी जुटाने में लगी है।
राजधानी जयपुर में चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। इसी कड़ी में पुलिस ने चोरी करने के कथित अनोखे तरीके का खुलासा करते हुए इनामी आरोपी मोसिन को गिरफ्तार किया है। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद चोरी की वारदातों से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी ने अब तक कितनी दुकानों को निशाना बनाया और उसके साथ इस काम में अन्य कौन-कौन लोग शामिल थे।
कबाड़ी बनकर दुकानों की करता था रेकी
पुलिस के अनुसार, आरोपी मोसिन कथित तौर पर कबाड़ी बनकर दुकानों के आसपास घूमता था। इस दौरान वह दुकानों की गतिविधियों और आसपास के माहौल पर नजर रखकर रेकी करता था। इस तरीके से वह दुकानों की स्थिति का जायजा लेता और फिर मौका मिलने पर चोरी की वारदात को अंजाम देता था।
कबाड़ी के रूप में घूमने के कारण उस पर आसानी से किसी को शक नहीं होता था। इसी तरीके का फायदा उठाकर वह दुकानों को निशाना बनाता था। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर यह जानने का प्रयास कर रही है कि वह चोरी करने से पहले किस तरह रेकी करता था और वारदातों को अंजाम देने के लिए किन परिस्थितियों का फायदा उठाता था।
10 हजार रुपये का इनामी आरोपी गिरफ्तार
इस मामले में पुलिस ने मोसिन को गिरफ्तार किया है, जिस पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित था। इनामी आरोपी की गिरफ्तारी को चोरी की घटनाओं की जांच में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर उसके आपराधिक रिकॉर्ड और संभावित रूप से जुड़ी अन्य वारदातों की जानकारी जुटा रही है।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपी ने चोरी की वारदातों को अंजाम देने के बाद चोरी किए गए सामान को कहां और किसे बेचा। इस तरह की जांच से चोरी के मामलों में शामिल अन्य संदिग्धों तक पहुंचने में मदद मिल सकती है।
चोरी का माल खरीदने वाला कबाड़ी भी पकड़ा गया
पुलिस ने कार्रवाई के दौरान चोरी का माल खरीदने के आरोप में एक कबाड़ी को भी पकड़ा है। जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि आरोपी मोसिन से कबाड़ी ने कौन-कौन सा सामान खरीदा और क्या वह पहले भी चोरी के सामान की खरीद-फरोख्त में शामिल रहा है।
चोरी का सामान खरीदने वालों की भूमिका भी ऐसे मामलों में महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि चोरी किए गए सामान को बेचने का रास्ता मिलने पर अपराधियों को फायदा हो सकता है। पुलिस अब दोनों आरोपियों से पूछताछ कर कथित नेटवर्क और सामान की बरामदगी से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है।
अन्य चोरी की वारदातों का भी हो सकता है खुलासा
मोसिन की गिरफ्तारी के बाद पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ में चोरी की अन्य घटनाओं से जुड़े अहम सुराग मिल सकते हैं। पुलिस आरोपी के पुराने रिकॉर्ड, संभावित साथियों और चोरी के सामान की बिक्री से संबंधित जानकारियों की जांच कर सकती है।
फिलहाल मामले में जांच जारी है। पुलिस की आगे की कार्रवाई और पूछताछ के आधार पर ही यह स्पष्ट होगा कि आरोपी कितनी वारदातों में शामिल था और चोरी के सामान की खरीद-फरोख्त में अन्य लोगों की क्या भूमिका रही।
जयपुर में हुई इस कार्रवाई के बाद दुकानदारों के लिए भी सतर्क रहना जरूरी है। दुकानों में सीसीटीवी कैमरे लगाना, कीमती सामान को सुरक्षित रखना और किसी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को देना चोरी की घटनाओं को रोकने में मददगार हो सकता है।








