Explore

Search

October 18, 2026 5:31 pm

लेटेस्ट न्यूज़

लखनऊ में डेंगू ने बढ़ाई चिंता, मरीजों की संख्या 500 के पार; स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, शनिवार को 17 नए केस

WhatsApp
Facebook
Twitter
Email

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में डेंगू के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। शहर में डेंगू से संक्रमित मरीजों की संख्या 500 के पार पहुंच गई है। शनिवार को भी डेंगू के 17 नए मरीज सामने आए, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। लगातार सामने आ रहे नए मामलों के बीच लोगों को सावधानी बरतने और अपने आसपास साफ-सफाई बनाए रखने की सलाह दी जा रही है।

डेंगू के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की ओर से संक्रमण की रोकथाम के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। अस्पतालों में मरीजों के उपचार और जांच की व्यवस्था पर भी ध्यान दिया जा रहा है। स्वास्थ्य अधिकारियों के लिए अब सबसे बड़ी चुनौती नए संक्रमण को फैलने से रोकना और लोगों को मच्छरों से होने वाली बीमारियों के प्रति जागरूक करना है।

शनिवार को मिले 17 नए संक्रमित

लखनऊ में शनिवार को डेंगू के 17 नए मामले सामने आने की जानकारी मिली है। मरीजों की कुल संख्या 500 के पार पहुंचने से स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है। हालांकि, नए मरीजों की स्थिति, अस्पतालों में भर्ती मरीजों की संख्या और गंभीर मामलों से संबंधित विस्तृत जानकारी के लिए आधिकारिक स्वास्थ्य बुलेटिन महत्वपूर्ण होगा।

डेंगू के मामले बढ़ने के पीछे मच्छरों के प्रजनन के लिए अनुकूल परिस्थितियां एक प्रमुख कारण हो सकती हैं। घरों, छतों, कूलर, गमलों, पुराने टायरों और अन्य स्थानों पर जमा साफ पानी में डेंगू फैलाने वाले मच्छर पनप सकते हैं। इसलिए संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए आसपास पानी जमा नहीं होने देना जरूरी है।

डेंगू से बचाव के लिए सावधानी जरूरी

डेंगू से बचाव के लिए लोगों को अपने घरों और आसपास के क्षेत्रों में साफ-सफाई बनाए रखने की जरूरत है। पानी की टंकियों और बर्तनों को ढककर रखें। कूलर का पानी नियमित रूप से बदलें और गमलों, टायरों तथा अन्य पात्रों में पानी जमा न होने दें। मच्छरों से बचने के लिए पूरी बांह के कपड़े पहनना और मच्छरदानी या अन्य सुरक्षित मच्छर-रोधी उपायों का इस्तेमाल करना भी उपयोगी है।

डेंगू के प्रमुख लक्षणों में तेज बुखार, सिरदर्द, शरीर और जोड़ों में दर्द, मतली तथा त्वचा पर चकत्ते शामिल हो सकते हैं। यदि बुखार के साथ पेट में तेज दर्द, लगातार उल्टी, नाक या मसूड़ों से खून आना, अत्यधिक कमजोरी या सांस लेने में परेशानी हो, तो तुरंत चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए। डेंगू की आशंका होने पर डॉक्टर की सलाह के बिना दवाइयां नहीं लेनी चाहिए। विशेष रूप से एस्पिरिन और आइबुप्रोफेन जैसी दवाएं रक्तस्राव का खतरा बढ़ा सकती हैं।

स्वास्थ्य विभाग के सामने संक्रमण रोकने की चुनौती

लखनऊ में डेंगू के मरीजों का आंकड़ा 500 के पार पहुंचना स्वास्थ्य विभाग के लिए सतर्कता बढ़ाने वाला संकेत है। संक्रमण पर नियंत्रण के लिए समय पर जांच, मरीजों की निगरानी, मच्छरों के प्रजनन स्थलों को खत्म करना और लोगों को जागरूक करना जरूरी है।

फिलहाल, शनिवार को मिले 17 नए मामलों के बाद डेंगू की रोकथाम पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। लोगों की सतर्कता और स्वास्थ्य विभाग की प्रभावी कार्रवाई से संक्रमण के प्रसार को कम करने में मदद मिल सकती है। मरीजों की कुल संख्या, नए मामलों और आगे की स्थिति के बारे में आधिकारिक स्वास्थ्य विभाग की ताजा जानकारी पर नजर रखना जरूरी होगा।

Rashmi Repoter
Author: Rashmi Repoter

ताजा खबरों के लिए एक क्लिक पर ज्वाइन करे व्हाट्सएप ग्रुप

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advertisement
लाइव क्रिकेट स्कोर