हिंदू धर्म में करवा चौथ के व्रत का विशेष महत्व है, जो इस साल 29 अक्टूबर 2026 को मनाया जाएगा। इस दिन सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और सुखद वैवाहिक जीवन की कामना के लिए निर्जला व्रत रखती हैं और शाम को विधि-विधान से भगवान शिव, माता पार्वती, भगवान गणेश तथा करवा माता की पूजा करती हैं। चंद्रमा के दर्शन और अर्घ्य देने के बाद ही इस कठिन व्रत का पारण किया जाता है। पूजा को सुचारू रूप से संपन्न करने के लिए सही सामग्री का होना बहुत जरूरी है।
करवा चौथ की संपूर्ण पूजन सामग्री लिस्ट:
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करवा और ढक्कन: जल भरने के लिए मिट्टी या तांबे का करवा और उसके ऊपर रखने के लिए ढक्कन।
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सीक: पूजा में उपयोग होने वाली 7 या 13 सीकें।
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दीपक और बाती: मिट्टी का दीपक, शुद्ध घी और रुई की बाती।
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छलनी: चंद्रमा और पति का चेहरा देखने के लिए उपयोग होने वाली छलनी।
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जल का पात्र: तांबे या पीतल का लोटा।
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रोली और चंदन: तिलक लगाने के लिए कुमकुम, रोली और चंदन।
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अक्षत: पूजा के लिए बिना टूटे हुए चावल।
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फूल और माला: ताजे फूल, पुष्प माला और भगवान गणेश के लिए दूर्वा।
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भोग सामग्री: ऋतुफल और विभिन्न प्रकार की मिठाइयां।
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कलावा: करवे पर बांधने के लिए कच्चा सूत या मौली (कलावा)।
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व्रत कथा की पुस्तक: करवा चौथ व्रत की कथा पढ़ने के लिए पुस्तक।
सोलह श्रृंगार की सामग्री: करवा चौथ के दिन सुहागिन स्त्रियों के लिए सोलह श्रृंगार करना बेहद शुभ माना जाता है। इसके लिए आवश्यक सामान इस प्रकार है:
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सुहाग की वस्तुएं: सिंदूर, आलता या महावर, और लाल बिंदी।
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चूड़ियां: सुहागिनों के लिए विशेष रूप से लाल और हरे रंग की कांच की चूड़ियां।
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मेहंदी: हाथों पर रचाने के लिए ताजी मेहंदी।
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वस्त्र: लाल, पीले, गुलाबी या हरे रंग के पारंपरिक वस्त्र (जैसे साड़ी या लहंगा)।
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आभूषण: मंगलसूत्र, पायल, बिछिया, कान के कुंडल, नथ और अन्य पसंदीदा गहने।
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मेकअप का सामान: काजल, लिपस्टिक, नेल पॉलिश, इत्र और कंघी आदि।
चंद्रमा को अर्घ्य देने की सामग्री:
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चंद्रमा को देखने के लिए छलनी।
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जल अर्पित करने के लिए लोटा या गड़वा।
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छलनी पर या पूजा स्थल पर रखने के लिए छोटा दीया।
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करवे और लोटे पर बांधने के लिए कलावा।
करवा चौथ ‘बायना’ (बाया) सामग्री: सास या घर की किसी बुजुर्ग महिला को भेंट किए जाने वाले बायने में मुख्य रूप से ये चीजें शामिल होती हैं:
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आटे या मैदे से बने हुए मीठे पुए, मठरी या शक्करपारे।
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बादाम, काजू और किशमिश जैसे सूखे मेवे।
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सुहाग का संपूर्ण सामान।
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फल या मिठाई।
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सामर्थ्य अनुसार वस्त्र और दक्षिणा।
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मिट्टी या धातु का करवा।








