नई दिल्ली । लगातार बढ़ती ऑपरेटिंग लागत (संचालन खर्च) से जूझ रहे देश भर के रसोई गैस वितरकों के लिए राहत भरी खबर आई है। सार्वजनिक क्षेत्र की प्रमुख तेल विपणन कंपनियों (OMCs)—इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOCL), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (HPCL)—ने LPG डिस्ट्रीब्यूटर्स के डीलरशिप कमीशन में अंतरिम बढ़ोतरी की संयुक्त रूप से सिफारिश करने पर सहमति जता दी है। ऑल इंडिया एचपी गैस डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन (AIHPGDA) के चेयरमैन राजेंद्र बी द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार, मुंबई में हुई बैठक के बाद यह फैसला लिया गया है, हालांकि कमीशन संशोधन का यह प्रस्ताव अंतिम मंजूरी के लिए पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय (MoPNG) के पास विचाराधीन है।
वर्तमान व्यवस्था के तहत वितरकों को 14.2 किलोग्राम वाले प्रति घरेलू LPG सिलेंडर पर लगभग रुपये 73 का कमीशन मिलता है, जिसमें से करीब रुपये 30 से रुपये 35 केवल डिलीवरी शुल्क के रूप में तय होते हैं। डिस्ट्रीब्यूटर्स लंबे समय से इस कमीशन को बढ़ाने की मांग कर रहे थे। एसोसिएशन के मुताबिक, पिछले कुछ वर्षों में डिलीवरी कर्मचारियों के वेतन, वाहनों के पेट्रोल-डीजल के दाम और गोदामों के किराए में भारी वृद्धि हुई है, जिससे मौजूदा कमीशन दर पर काम करना वितरकों के लिए वित्तीय रूप से नुकसानदेह साबित हो रहा था।
तेल विपणन कंपनियों के निदेशकों ने एक निश्चित समय-सीमा के भीतर कमीशन में अंतरिम बढ़ोतरी की संयुक्त सिफारिश मंत्रालय को भेजने का आश्वासन दिया है। जैसे ही पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की ओर से इस प्रस्ताव को हरी झंडी मिल जाएगी, डिस्ट्रीब्यूटर्स के लिए नई बढ़ी हुई कमीशन दरें देश भर में लागू कर दी जाएंगी। इससे गैस एजेंसियों को डिलीवरी व्यवस्था सुचारू रखने और बढ़ते प्रशासनिक खर्चों से निपटने में काफी मदद मिलेगी।








