सवाई माधोपुर। देश के सुप्रसिद्ध रणथंभौर टाइगर रिजर्व ने हमेशा से बाघों का कुनबा बढ़ाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है, जहां आज बड़ी तादाद में बाघ-बाघिनों सहित अन्य वन्यजीव स्वतंत्र रूप से विचरण करते हैं। रविवार सुबह रणथंभौर टाइगर रिजर्व के जोन नंबर 8 में साढ़े चार साल की बाघिन टी 2403 अपने शावकों के साथ घूमती हुई नजर आई। वन विभाग की टीम को यह खूबसूरत नजारा देखने को मिला, जिससे वहां मौजूद पर्यटकों में भी गजब का उत्साह और रोमांच देखने को मिला। सफारी पर गए पर्यटकों को जब बाघिन और उसके शावकों के दीदार हुए, तो उनके चेहरे खिल उठे।
वन विभाग के डीएफओ मानस सिंह ने विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि रणथंभौर में साढ़े चार साल की बाघिन टी 2403 को उसके शावकों के साथ देखा गया है। प्रत्यक्ष दर्शन यानी डायरेक्ट साइटिंग के दौरान बाघिन के साथ 3 शावक नजर आए हैं, हालांकि इनकी सटीक संख्या कैमरा ट्रैप के आंकड़ों के आधार पर ही निश्चित की जाएगी।
डीएफओ ने बताया कि रणथंभौर टाइगर रिजर्व की फील्ड टीम लगातार इस बाघिन की गतिविधियों पर पैनी नजर रखे हुए है। वन विभाग की पूरी टीम बाघिन और उसके शावकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उनकी हर गतिविधि की मॉनिटरिंग में जुटी है ताकि उनके प्राकृतिक विचरण और माहौल में किसी भी प्रकार का व्यवधान उत्पन्न न हो सके।
इसके साथ ही डीएफओ मानस सिंह ने टाइगर रिजर्व में घूमने आने वाले सभी पर्यटकों से अपील की है कि वे सफारी के दौरान वन विभाग द्वारा तय किए गए निश्चित दिशा-निर्देशों का पूरी सख्ती से पालन करें। उन्होंने पर्यटकों को हिदायत दी कि वे वन्यजीवों से हमेशा उचित दूरी बनाए रखें और उनके प्राकृतिक व्यवहार में किसी भी तरह का हस्तक्षेप करने से बचें।
गौरतलब है कि हाल ही में रणथंभौर टाइगर रिजर्व में बाघिन टी 2307 की भी चार शावकों के साथ साइटिंग हुई थी, जिसके दौरान रिजर्व के जोन 8 में पर्यटकों ने बाघिन को अपने शावकों को दुलारते हुए करीब से देखा था और रोमांचित हुए थे।








