दिल्ली पुलिस के ACP विवेक भगत को प्रमोशन मिला है। उन्हें अब ADCP (Additional Deputy Commissioner of Police) के पद पर नियुक्त किया गया है। विवेक भगत का प्रमोशन ऐसे समय हुआ है, जब उनका नाम जंतर-मंतर से जुड़े एक मामले को लेकर चर्चा में है। इस मामले में उन पर छेड़खानी के आरोप लगाए गए थे।
विवेक भगत के प्रमोशन की खबर सामने आने के बाद पुलिस महकमे में इसे लेकर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, किसी अधिकारी को प्रमोशन मिलना विभागीय प्रक्रिया और निर्धारित सेवा नियमों के तहत होने वाली प्रशासनिक कार्रवाई का हिस्सा होता है। ऐसे में प्रमोशन को किसी मामले में आरोपों की पुष्टि या खारिज किए जाने के तौर पर नहीं देखा जा सकता।
जंतर-मंतर मामले को लेकर चर्चा में आए थे विवेक भगत
विवेक भगत का नाम जंतर-मंतर पर सामने आए छेड़खानी के आरोपों के बाद चर्चा में आया था। आरोपों को लेकर संबंधित स्तर पर शिकायत और जांच की प्रक्रिया की बात सामने आई थी। ऐसे मामलों में आरोपों की वास्तविक स्थिति का निर्धारण जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही किया जाता है।
इस मामले के बीच अब विवेक भगत को ACP से ADCP पद पर प्रमोशन दिया गया है। प्रमोशन के बाद उनकी जिम्मेदारियां भी बढ़ेंगी और उन्हें पुलिस प्रशासन से जुड़ी अधिक महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालनी होंगी।
ACP से ADCP बनने के बाद बढ़ेंगी जिम्मेदारियां
ADCP का पद दिल्ली पुलिस की व्यवस्था में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों वाला पद माना जाता है। ADCP स्तर के अधिकारी अपने संबंधित जिले या यूनिट में कानून-व्यवस्था, पुलिस प्रशासन और अन्य महत्वपूर्ण मामलों की निगरानी में भूमिका निभाते हैं। नई जिम्मेदारी के साथ विवेक भगत से भी प्रशासनिक स्तर पर अधिक दायित्व निभाने की अपेक्षा होगी।
आरोप और प्रमोशन अलग-अलग प्रक्रियाएं
विवेक भगत को प्रमोशन मिलने के बाद सबसे ज्यादा चर्चा इसी बात को लेकर है कि यह फैसला उस समय आया है, जब उनके खिलाफ आरोपों का मामला सार्वजनिक चर्चा में है। हालांकि, किसी अधिकारी के खिलाफ लगे आरोप और उसकी विभागीय पदोन्नति दो अलग-अलग प्रक्रियाएं हैं। आरोप अपने आप में दोष सिद्ध होने के बराबर नहीं होते। अंतिम स्थिति संबंधित जांच या कानूनी प्रक्रिया के निष्कर्ष से तय होती है।
फिलहाल विवेक भगत को ACP से ADCP के पद पर प्रमोशन मिल चुका है। जंतर-मंतर से जुड़े आरोपों की स्थिति और आगे की कार्रवाई संबंधित जांच एवं आधिकारिक रिकॉर्ड के आधार पर स्पष्ट होगी।








