न्यूयॉर्क: भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) को लेकर बातचीत काफी आगे बढ़ चुकी है, लेकिन अंतिम फैसला अभी बाकी है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा है कि दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते को लेकर व्यापक स्तर पर समझ बनी है, हालांकि अमेरिकी टैरिफ नीति में बदलाव और अमेरिका की Section 301 प्रक्रिया ने समझौते को अंतिम रूप देने के समय को जटिल बना दिया है।
जयशंकर ने न्यूयॉर्क में एशिया सोसाइटी के एक कार्यक्रम में भारत-अमेरिका संबंधों और मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों पर चर्चा की। उन्होंने संकेत दिया कि व्यापार समझौता आगे बढ़ने की स्थिति में दोनों देशों के रिश्तों को भी बेहतर दिशा मिल सकती है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि व्यापार से जुड़े मतभेद अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुए हैं।
समझौता आगे बढ़ा, लेकिन टैरिफ बना अहम मुद्दा
भारत और अमेरिका के बीच कई महीनों से व्यापार समझौते को लेकर बातचीत चल रही है। दोनों पक्षों ने बाजार पहुंच, टैरिफ और व्यापार से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा की है। जयशंकर के ताजा बयान से संकेत मिलता है कि बातचीत में काफी प्रगति हुई है, लेकिन समझौते को अंतिम रूप देने के लिए कुछ अहम मुद्दों पर सहमति जरूरी है।
अमेरिकी टैरिफ नीति में हालिया बदलाव इस प्रक्रिया को प्रभावित कर रहे हैं। इसके अलावा Section 301 से जुड़ी प्रक्रिया भी बातचीत के समय और शर्तों को लेकर महत्वपूर्ण कारक बनी हुई है।
भारत की ओर से व्यापार समझौते में अपने निर्यातकों के लिए प्रतिस्पर्धी और संतुलित टैरिफ व्यवस्था की मांग प्रमुख मुद्दों में रही है। सितंबर में वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने भी कहा था कि भारत किसी तय समयसीमा के दबाव में बातचीत नहीं करता और समझौते के पहले चरण में कुछ बिंदुओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
पीयूष गोयल फिर अमेरिका जाएंगे
इसी बीच वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल 29 सितंबर से 5 अक्टूबर 2026 तक अमेरिका के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वह G20 ट्रेड मिनिस्टर्स बैठक में हिस्सा लेने के साथ अमेरिकी अधिकारियों के साथ द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत करेंगे। Reuters के अनुसार, दोनों देश अभी तक समझौते पर अंतिम सहमति तक नहीं पहुंच पाए हैं और आगामी बातचीत का उद्देश्य अंतरिम समझौते की दिशा में आगे बढ़ना है।
गोयल की अमेरिकी यात्रा ऐसे समय हो रही है जब व्यापार समझौते के कई हिस्सों पर बातचीत आगे बढ़ चुकी है, लेकिन टैरिफ ढांचे को लेकर अभी भी चर्चा जारी है। इस बैठक को दोनों देशों के बीच लंबित मुद्दों पर आगे की बातचीत के एक महत्वपूर्ण अवसर के तौर पर देखा जा रहा है।
आतंकवाद को लेकर जयशंकर ने क्या कहा?
व्यापार के साथ-साथ जयशंकर ने भारत-अमेरिका संबंधों में सुरक्षा से जुड़े मुद्दों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत के लिए सीमा पार आतंकवाद एक महत्वपूर्ण सुरक्षा चिंता है और भारत चाहता है कि उसके प्रमुख साझेदार इस चिंता को पूरी तरह समझें।
जयशंकर के मुताबिक, अगर भारत की प्राथमिक सुरक्षा चिंताओं को पर्याप्त समझ या संवेदनशीलता नहीं मिलती है, तो इसका असर द्विपक्षीय संबंधों पर पड़ सकता है। उन्होंने भारत की सुरक्षा प्राथमिकताओं और आतंकवाद के मुद्दे को विदेश नीति के महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में रेखांकित किया।
व्यापार और सुरक्षा—दोनों मोर्चों पर बातचीत जरूरी
भारत और अमेरिका के संबंध केवल व्यापार तक सीमित नहीं हैं। दोनों देशों के बीच रक्षा, तकनीक, निवेश, ऊर्जा और रणनीतिक सहयोग जैसे कई क्षेत्रों में भी लगातार संपर्क बना हुआ है। ऐसे में व्यापार समझौते से जुड़े मतभेदों के साथ सुरक्षा और क्षेत्रीय मुद्दों पर दोनों देशों की अलग-अलग प्राथमिकताएं भी बातचीत के व्यापक माहौल को प्रभावित कर सकती हैं।
जयशंकर ने कहा कि भारत-अमेरिका संबंधों को आगे बढ़ाना भारत की प्राथमिकता है, लेकिन इसके लिए दोनों पक्षों को एक-दूसरे की चिंताओं और प्राथमिकताओं को समझना होगा।
Section 301 क्या है?
अमेरिकी Section 301 एक ऐसा कानूनी प्रावधान है जिसके तहत अमेरिका दूसरे देशों की कुछ व्यापार नीतियों या प्रथाओं की जांच कर सकता है और परिस्थितियों के आधार पर व्यापारिक कार्रवाई कर सकता है। भारत से जुड़े मौजूदा संदर्भ में Section 301 की प्रक्रिया भी व्यापार समझौते की समयसीमा और टैरिफ से जुड़ी चर्चा का हिस्सा बनी हुई है।
भारत सरकार के अनुसार, जुलाई 2026 में अमेरिका ने भारत से जुड़े Section 301 उपायों के तहत अतिरिक्त 10 प्रतिशत शुल्क तय किया था। सरकार ने कहा था कि शुरुआती प्रस्तावित 12.5 प्रतिशत की तुलना में अंतिम दर कम रही।
अब आगे क्या?
फिलहाल भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को लेकर बातचीत जारी है। जयशंकर के बयान से यह संकेत मिलता है कि व्यापक समझ काफी हद तक बन चुकी है, लेकिन अंतिम निर्णय के लिए टैरिफ व्यवस्था और अमेरिकी व्यापार नीतियों से जुड़े मुद्दों पर स्पष्टता जरूरी है। वहीं, पीयूष गोयल की अमेरिका यात्रा के दौरान दोनों पक्ष इन मुद्दों पर आगे चर्चा करेंगे।
इसलिए समझौते को लेकर तस्वीर यह है कि बातचीत काफी आगे बढ़ी है, लेकिन अंतिम सहमति अभी बाकी है। व्यापारिक शर्तों के साथ भारत की सुरक्षा चिंताओं को लेकर भी दोनों देशों के बीच संवाद महत्वपूर्ण बना हुआ है।








