Explore

Search

September 28, 2026 4:42 pm

Stock Market Crash: Sensex में 1124 अंकों की गिरावट, Nifty 22,800 के नीचे; निवेशकों को बड़ा नुकसान

WhatsApp
Facebook
Twitter
Email

मुंबई: भारतीय शेयर बाजार में तेज गिरावट का दौर देखने को मिला। कारोबार के दौरान सेंसेक्स और निफ्टी पर भारी बिकवाली का दबाव रहा। हालांकि, उपलब्ध ताजा बाजार रिपोर्ट में 24 सितंबर 2026 को Sensex 1,247.71 अंक गिरकर 73,580.54 और Nifty 383.70 अंक टूटकर 23,063.10 पर बंद हुआ था। इसलिए 1,124 अंक और 22,800 से नीचे के आंकड़े को अलग ट्रेडिंग सत्र का आंकड़ा मानकर ही रिपोर्ट किया जाना चाहिए।

बाजार में क्यों आई इतनी बड़ी गिरावट?

बाजार पर कई वैश्विक और घरेलू कारणों का दबाव रहा। रिपोर्टों के मुताबिक, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेज बढ़ोतरी, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और वैश्विक स्तर पर बढ़ी आर्थिक अनिश्चितता ने निवेशकों की धारणा प्रभावित की। अमेरिकी 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड 2007 के बाद के ऊंचे स्तरों तक पहुंचने की खबरों ने ब्याज दरों को लेकर चिंता बढ़ाई।

क्रूड ऑयल की बढ़ती कीमतों का असर

कच्चे तेल की कीमतों में तेजी भी भारतीय बाजार के लिए चिंता का विषय बनी। रिपोर्ट के अनुसार, ब्रेंट क्रूड 24 सितंबर को करीब 105 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। भारत अपनी तेल जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए महंगा कच्चा तेल महंगाई, चालू खाते और कंपनियों की लागत पर असर डाल सकता है।

बैंकिंग और फाइनेंशियल शेयरों पर दबाव

गिरावट का असर खासतौर पर बैंकिंग और वित्तीय कंपनियों के शेयरों पर देखने को मिला। 24 सितंबर के कारोबारी सत्र में Nifty Private Bank 2.2%, Nifty Metal 1.9% और Nifty Bank 1.7% नीचे रहा। Sensex की 30 कंपनियों में 29 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए।

इंश्योरेंस सेक्टर में भी बिकवाली

वित्तीय शेयरों पर दबाव बढ़ाने वाले कारकों में बीमा क्षेत्र से जुड़े प्रस्तावित बदलाव भी शामिल रहे। रिपोर्टों के अनुसार, इन बदलावों को लेकर बाजार में चिंता बढ़ी और कई इंश्योरेंस एवं वित्तीय कंपनियों के शेयरों में तेज बिकवाली देखने को मिली।

निवेशकों की संपत्ति में कितनी कमी?

24 सितंबर के कारोबारी सत्र में BSE पर सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण करीब ₹4.33 लाख करोड़ घटा। इससे पता चलता है कि तेज गिरावट का असर केवल प्रमुख इंडेक्स तक सीमित नहीं रहा, बल्कि व्यापक बाजार में भी बिकवाली देखी गई।

रुपया भी दबाव में

शेयर बाजार की गिरावट के बीच भारतीय रुपया भी अमेरिकी डॉलर के मुकाबले कमजोर हुआ। 24 सितंबर को रुपया करीब 23 पैसे गिरकर ₹95.96 प्रति डॉलर के स्तर पर बंद हुआ। महंगे क्रूड और मजबूत डॉलर को इसके प्रमुख कारणों में गिना गया।

आगे बाजार के लिए किन चीजों पर नजर?

आने वाले कारोबारी सत्रों में निवेशकों की नजर कच्चे तेल की कीमतों, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड, रुपये की चाल, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों और वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाक्रम पर रहेगी। बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, इन संकेतकों में बदलाव से शेयर बाजार की दिशा प्रभावित हो सकती है।

नोट: शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव सामान्य है। किसी भी निवेश संबंधी निर्णय से पहले आधिकारिक बाजार आंकड़ों और योग्य वित्तीय सलाहकार की सलाह को प्राथमिकता देना उचित है।

Rashmi Repoter
Author: Rashmi Repoter

ताजा खबरों के लिए एक क्लिक पर ज्वाइन करे व्हाट्सएप ग्रुप

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advertisement
लाइव क्रिकेट स्कोर