नेपाल में एक बार फिर भारी बारिश के बीच बाढ़ और भूस्खलन ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। ताजा घटनाओं में कम से कम 6 लोगों की मौत की खबर है। कई जगह घर और पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं, जबकि हाईवे और दूसरे प्रमुख रास्तों पर आवाजाही प्रभावित हुई है। यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है जब नेपाल अभी पिछले महीने आई विनाशकारी बाढ़ के असर से पूरी तरह उबर भी नहीं पाया है।
26 अगस्त को आई पिछली बड़ी आपदा में 26 सितंबर तक 1,453 लोगों की मौत दर्ज की गई थी और 5,285 लोग अब भी लापता बताए गए हैं। नेपाल के राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (NDRRMA) के मुताबिक, राहत और बचाव अभियान के साथ-साथ सड़क और पुलों को दोबारा चालू करने का काम भी जारी है।
फिर बिगड़े हालात, बाढ़ और भूस्खलन से नुकसान
ताजा बारिश के बाद कई इलाकों में नदियों और जलधाराओं का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ की स्थिति बनी है। भूस्खलन के कारण सड़क संपर्क प्रभावित हुआ और कुछ स्थानों पर घरों तथा पुलों को नुकसान पहुंचने की खबर सामने आई है।
स्थानीय स्तर पर प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां प्रभावित इलाकों में स्थिति पर नजर रख रही हैं। खराब मौसम और रास्ते बाधित होने की वजह से राहत एवं बचाव कार्यों में भी चुनौतियां सामने आ सकती हैं।
एक महीने पहले आई आपदा में 1453 मौतें
नेपाल में 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ का असर बेहद व्यापक रहा था। सीमा क्षेत्र में हुई घटना के बाद बाढ़ का पानी और मलबा तेजी से नीचे की ओर आया, जिससे कई बस्तियां, सड़कें, पुल और जलविद्युत परियोजनाएं प्रभावित हुईं।
26 सितंबर तक NDRRMA के आंकड़ों के अनुसार, 1,451 शव बरामद किए जा चुके थे और दो लोगों की इलाज के दौरान मौत हुई, जिससे कुल मृतकों की संख्या 1,453 हो गई। इस आपदा में 13,795 लोगों को बचाया गया, जबकि 5,285 लोग अब भी लापता थे।
हजारों लोगों की तलाश अब भी जारी
पिछली आपदा के बाद सबसे बड़ी चुनौती लापता लोगों की तलाश और मृतकों की पहचान बनी हुई है। कई शवों की पहचान नहीं हो पाने के कारण नेपाल पुलिस DNA प्रोफाइलिंग की मदद ले रही है।
रिपोर्ट के मुताबिक, बरामद 1,453 शवों में से केवल 112 की पहचान कर उन्हें परिवारों को सौंपा जा सका था। पुलिस ने लापता लोगों के परिजनों के DNA नमूने भी लिए हैं, ताकि बरामद अवशेषों की पहचान की जा सके।
सड़क और पुलों को भारी नुकसान
पिछली बाढ़ ने नेपाल के सड़क नेटवर्क को भी बुरी तरह प्रभावित किया था। विभागीय आंकड़ों के अनुसार, करीब 40 किलोमीटर सड़क और 41 मोटरेबल पुल क्षतिग्रस्त हुए थे। कई इलाकों का नियमित सड़क संपर्क टूट गया था।
प्रशासन ने संपर्क बहाल करने के लिए अस्थायी सड़कें और बेली ब्रिज लगाने का काम शुरू किया। कुछ मार्गों पर अस्थायी पुलों के जरिए आवाजाही दोबारा शुरू की गई है, जबकि कुछ महत्वपूर्ण रास्तों को पूरी तरह बहाल करने में अभी समय लग रहा है।
राहत और बचाव के सामने बड़ी चुनौती
दुर्गम पहाड़ी इलाकों में सड़कें टूटने और पुल बहने के कारण राहत सामग्री पहुंचाना मुश्किल रहा। कुछ दूरदराज के क्षेत्रों तक पहुंचने के लिए हेलीकॉप्टर, ड्रोन और अस्थायी रास्तों का इस्तेमाल किया गया।
नेपाल सरकार और सुरक्षा एजेंसियां प्रभावित क्षेत्रों में राहत, बचाव, सड़क बहाली और लापता लोगों की तलाश पर काम कर रही हैं। पिछली आपदा के दौरान बड़ी संख्या में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया था और हजारों लोगों को चिकित्सा सहायता भी दी गई।
अभी भी सतर्क रहने की जरूरत
लगातार बारिश के बीच बाढ़ और भूस्खलन की नई घटनाएं नेपाल के लिए चिंता बढ़ाने वाली हैं। पिछले महीने की आपदा से बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान के कारण कई इलाकों की स्थिति पहले ही संवेदनशील बनी हुई है।
ताजा घटनाओं में 6 लोगों की मौत की खबर के बीच प्रशासन के सामने चुनौती है कि प्रभावित इलाकों में राहत पहुंचाई जाए और सड़क संपर्क जल्द से जल्द बहाल किया जाए। वहीं, पिछले महीने की आपदा में लापता हजारों लोगों की तलाश और मृतकों की पहचान का काम भी जारी है।








