नई दिल्ली: मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। 24 सितंबर 2026 को CJP ने इस्तीफे की मांग करते हुए चेतावनी दी थी कि मांग पूरी नहीं होने पर देशभर में आंदोलन किया जाएगा। 48 घंटे की यह समयसीमा 26 सितंबर को पूरी हो रही है।
CJP ने क्या मांग रखी?
CJP ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे के अलावा Special Intensive Revision (SIR) से जुड़ी प्रक्रिया को रोकने और मतदाता सूची से संबंधित रिकॉर्ड की स्वतंत्र जांच की मांग भी उठाई है। संगठन ने चुनाव आयुक्त की नियुक्ति से जुड़े 2023 के कानून में बदलाव की मांग भी रखी है।
CJP की ओर से लगाए गए चुनाव प्रक्रिया से जुड़े आरोप संगठन के अपने दावे हैं। उपलब्ध रिपोर्टों में निर्वाचन आयोग की ओर से इन आरोपों पर कोई ऐसा जवाब उद्धृत नहीं है जिसे इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि माना जा सके।
SIR को लेकर विवाद
CJP का विरोध मुख्य रूप से मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर है। संगठन का आरोप है कि इस प्रक्रिया में मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं। दूसरी ओर, SIR चुनावी मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया है और इसके विभिन्न पहलुओं को लेकर राजनीतिक तथा सार्वजनिक बहस जारी है।
अल्टीमेटम के बाद आंदोलन की तैयारी
CJP ने कहा है कि यदि 48 घंटे के भीतर ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते हैं तो देशभर में प्रदर्शन शुरू किए जाएंगे। संगठन ने दिल्ली में ‘जंतर-मंतर 2.0’ जैसे आंदोलन की भी चेतावनी दी है।
25 सितंबर को CJP की ओर से यह भी कहा गया कि आंदोलन की शुरुआत 2 अक्टूबर से मुंबई से की जाएगी और बाद में इसे दूसरे शहरों तक ले जाने की योजना है।
कांग्रेस का रुख क्या है?
कांग्रेस की ओर से भी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे को लेकर बयान सामने आए हैं। हालांकि, CJP का अल्टीमेटम और कांग्रेस की राजनीतिक मांगें अलग-अलग घटनाक्रम हैं। इस मुद्दे पर अलग-अलग राजनीतिक पक्षों के बयान सामने आ रहे हैं, जबकि चुनाव आयोग से संबंधित प्रक्रियाओं पर विवाद जारी है।
अब 48 घंटे की समयसीमा पूरी होने के बाद CJP अपने घोषित अगले कदम पर क्या फैसला लेता है और इस मामले में निर्वाचन आयोग या अन्य संबंधित पक्षों की ओर से क्या प्रतिक्रिया आती है, इस पर नजर रहेगी।








