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September 26, 2026 1:22 pm

पाकिस्तान को IMF का बड़ा झटका! 7 अरब डॉलर के लोन के लिए संसद में पेश करने होंगे 174 संशोधन

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इस्लामाबाद: पाकिस्तान के 7 अरब डॉलर के IMF कार्यक्रम के तहत सरकार को करीब 174 विधायी संशोधन संसद के सामने रखने होंगे। पाकिस्तान के वित्त सचिव इमदादुल्लाह बोसल ने नेशनल असेंबली की वित्त एवं राजस्व संबंधी स्थायी समिति को इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इन संशोधनों को संसद की मंजूरी के लिए पेश किया जाएगा।

टैक्स से लेकर ऊर्जा क्षेत्र तक बदलाव

रिपोर्टों के मुताबिक, प्रस्तावित बदलाव कई महत्वपूर्ण आर्थिक क्षेत्रों से जुड़े हैं। इनमें टैक्स व्यवस्था, ऊर्जा क्षेत्र, निजीकरण, सॉवरेन वेल्थ फंड, चीनी नीति, इस्लामिक बैंकिंग और राजकोषीय सुधार शामिल हैं। सरकार का कहना है कि इन बदलावों को IMF कार्यक्रम के तहत किए गए प्रतिबद्धताओं के अनुरूप आगे बढ़ाया जाएगा।

वित्त सचिव ने समिति को बताया कि इन संशोधनों को पारित करना संसद का अधिकार है और सरकार प्रस्तावित बदलाव संसद के सामने रखेगी। यानी अंतिम मंजूरी संसदीय प्रक्रिया के जरिए ही होगी।

IMF कार्यक्रम की चौथी समीक्षा

यह प्रक्रिया IMF के 7 अरब डॉलर के Extended Fund Facility (EFF) कार्यक्रम की चौथी समीक्षा से जुड़ी है। पाकिस्तान के वित्त विभाग के अनुसार यह कार्यक्रम 2024 में मंजूर हुआ था और इसका उद्देश्य भुगतान संतुलन की जरूरतों तथा व्यापक आर्थिक स्थिरता को समर्थन देना है। कार्यक्रम के तहत टैक्स संग्रह, राजकोषीय अनुशासन, ऊर्जा क्षेत्र, सरकारी कंपनियों और निजीकरण से जुड़े सुधार शामिल हैं।

पाकिस्तान की संसद की समिति के सामने यह भी बताया गया कि कार्यक्रम के तहत तीन समीक्षा पूरी हो चुकी हैं। अब अगली समीक्षा के दौरान सरकार की ओर से उठाए गए कदमों और बाकी प्रतिबद्धताओं पर चर्चा होगी।

ऊर्जा और निजीकरण पर भी चर्चा

IMF कार्यक्रम के तहत पाकिस्तान के ऊर्जा क्षेत्र में सुधार भी प्रमुख मुद्दा है। इसमें बिजली वितरण कंपनियों यानी DISCOs में निजी क्षेत्र की भागीदारी और ऊर्जा क्षेत्र के वित्तीय दबाव से जुड़े मुद्दे शामिल हैं। समिति में इन सुधारों के आर्थिक प्रभावों और आगे की रणनीति पर भी चर्चा हुई।

इसके अलावा सॉवरेन वेल्थ फंड के संचालन और उससे जुड़े शासन तंत्र में बदलाव भी प्रस्तावित एजेंडे का हिस्सा हैं। सरकार इन बदलावों के जरिए संबंधित संस्थाओं के संचालन और जवाबदेही से जुड़े ढांचे को मजबूत करने की प्रक्रिया में है।

चीनी नीति और अन्य आर्थिक सुधार भी एजेंडे में

पाकिस्तान में चीनी क्षेत्र की नीति में बदलाव भी IMF समीक्षा के दौरान चर्चा का विषय है। वित्त सचिव के मुताबिक तीन प्रांत चीनी नीति को लेकर सहमत हैं, जबकि एक प्रांत की ओर से कुछ आपत्तियां हैं। इसके साथ ही रेमिटेंस, टैक्स नीति और सरकारी खर्च में अनुशासन जैसे मुद्दों पर भी बातचीत जारी है।

इस तरह 174 प्रस्तावित विधायी बदलाव पाकिस्तान के IMF कार्यक्रम के व्यापक सुधार एजेंडे का हिस्सा हैं। इन पर आगे की प्रक्रिया संसद में होगी और इनके वास्तविक प्रभाव इस बात पर निर्भर करेंगे कि प्रस्तावित संशोधनों को किस रूप में मंजूरी मिलती है और उन्हें कैसे लागू किया जाता है।

Rashmi Repoter
Author: Rashmi Repoter

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