बेंगलुरु: कर्नाटक में बिजली संकट को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। बीजेपी ने राज्य की कांग्रेस सरकार पर बिजली आपूर्ति व्यवस्था संभालने में नाकाम रहने का आरोप लगाया है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आर. अशोक ने मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार और ऊर्जा मंत्री के.जे. जॉर्ज पर निशाना साधते हुए राज्य में अघोषित बिजली कटौती का मुद्दा उठाया।
BJP ने लगाए अघोषित कटौती के आरोप
आर. अशोक ने दावा किया कि राज्य के कई हिस्सों में रोजाना 2 से 3 घंटे तक अघोषित लोड शेडिंग हो रही है। उन्होंने ग्रामीण इलाकों में बिजली कटौती का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इससे किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और सिंचाई के लिए इस्तेमाल होने वाले पंप सेट प्रभावित हो रहे हैं। हालांकि, ये आंकड़े बीजेपी नेता के आरोप हैं।
दक्षिण कर्नाटक में भी सामने आई बिजली की परेशानी
इससे पहले दक्षिण कर्नाटक के कुछ हिस्सों में अचानक बिजली कटौती की खबरें सामने आई थीं। रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य में पवन ऊर्जा उत्पादन में करीब 2,000 मेगावाट की गिरावट से बिजली ग्रिड पर दबाव बढ़ा था। इसके चलते कुछ इलाकों में बीच-बीच में बिजली आपूर्ति बाधित हुई। अधिकारियों के मुताबिक, अतिरिक्त बिजली की व्यवस्था कर स्थिति को नियंत्रित किया गया।
सरकार ने क्या कहा?
बिजली संकट के बीच कर्नाटक के ऊर्जा मंत्री के.जे. जॉर्ज ने कहा था कि कमजोर मानसून और जलविद्युत उत्पादन पर असर के बावजूद सरकार निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कदम उठा रही है। जरूरत पड़ने पर दूसरे राज्यों और खुले बाजार से बिजली खरीदने की भी बात कही गई है।
ऐसे में बिजली कटौती का मुद्दा अब सिर्फ बिजली आपूर्ति तक सीमित नहीं रहा, बल्कि कर्नाटक की राजनीति में भी बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है। बीजेपी जहां सरकार को घेर रही है, वहीं सरकार की ओर से बिजली की जरूरत पूरी करने के लिए अतिरिक्त बिजली खरीद और वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों पर जोर दिया जा रहा है।








