सर्राफा बाजार में आज सोने और चांदी की कीमतों में अलग-अलग रुख देखने को मिला। सोने के भाव में बड़ी गिरावट दर्ज की गई, जबकि चांदी की कीमत में तेजी देखने को मिली। सोने की कीमत करीब ₹2,150 प्रति 10 ग्राम तक नीचे आने से खरीदारी करने वाले लोगों के लिए राहत की खबर सामने आई है। वहीं चांदी के दाम बढ़ने से इस कीमती धातु में निवेश करने वालों की नजरें बाजार पर बनी हुई हैं।
सोने की कीमत में बड़ी गिरावट
हालिया कारोबार में सोने के भाव में उल्लेखनीय गिरावट देखने को मिली। करीब ₹2,150 की कमी के बाद सोना पिछले स्तर के मुकाबले सस्ता हुआ है। बाजार में कीमतों में होने वाले इस बदलाव का असर 24 कैरेट और अन्य शुद्धता वाले सोने के रेट पर भी दिखाई देता है।
सोने की कीमत में बदलाव कई अंतरराष्ट्रीय और घरेलू कारकों पर निर्भर करता है। वैश्विक बाजार में सोने की चाल, डॉलर की स्थिति, ब्याज दरों को लेकर उम्मीदें और निवेशकों की खरीद-बिक्री जैसे कारक इसकी कीमत को प्रभावित कर सकते हैं।
चांदी के भाव में तेजी
एक तरफ जहां सोना सस्ता हुआ है, वहीं चांदी की कीमतों में तेजी देखने को मिली। चांदी का इस्तेमाल आभूषणों के अलावा उद्योगों में भी बड़े पैमाने पर होता है। इसलिए इसकी मांग में बदलाव का असर कीमतों पर पड़ सकता है।
बाजार में चांदी की कीमत बढ़ने से उन ग्राहकों को ज्यादा भुगतान करना पड़ सकता है जो चांदी के आभूषण, सिक्के या अन्य सामान खरीदने की योजना बना रहे हैं।
24 कैरेट और 22 कैरेट सोने का रेट क्यों अलग?
सोने की कीमत उसकी शुद्धता के आधार पर तय होती है। 24 कैरेट सोना सबसे अधिक शुद्ध माना जाता है, जबकि आभूषणों में आमतौर पर 22 कैरेट या अन्य शुद्धता का सोना इस्तेमाल किया जाता है।
आभूषण खरीदते समय सिर्फ सोने का बाजार भाव देखना पर्याप्त नहीं होता। मेकिंग चार्ज, जीएसटी और अन्य लागू शुल्क के कारण दुकान पर अंतिम कीमत अलग हो सकती है।
खरीदारी से पहले जरूर करें रेट की जांच
सर्राफा बाजार में सोने-चांदी की कीमतें लगातार बदल सकती हैं। अलग-अलग शहरों और दुकानों पर भी अंतिम बिक्री कीमत में अंतर हो सकता है। ऐसे में आभूषण खरीदने से पहले स्थानीय सर्राफा बाजार से ताजा रेट की पुष्टि करना जरूरी है।
ग्राहकों को बिल में सोने की शुद्धता, वजन, मेकिंग चार्ज और लागू टैक्स की जानकारी भी ध्यान से देखनी चाहिए।
निवेशकों की भी बाजार पर नजर
सोने को लंबे समय से सुरक्षित निवेश विकल्पों में शामिल किया जाता रहा है। कीमत में अचानक गिरावट या तेजी निवेशकों की रणनीति को प्रभावित कर सकती है। वहीं चांदी में औद्योगिक मांग के कारण भी उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है।
फिलहाल बाजार में सोने की गिरावट और चांदी की तेजी ने कीमती धातुओं के कारोबार को चर्चा में ला दिया है। आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार और घरेलू मांग के आधार पर कीमतों में आगे भी बदलाव देखने को मिल सकता है।
नोट: सोने-चांदी के भाव शहर, शुद्धता, टैक्स और ज्वेलरी के मेकिंग चार्ज के अनुसार अलग हो सकते हैं। खरीदारी से पहले स्थानीय सर्राफा बाजार का ताजा रेट जरूर जांचें।








