तेहरान/दुबई: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंचता दिखाई दे रहा है। खार्ग आइलैंड के पास एक ईरानी ऑयल टैंकर को अमेरिकी हमले में निशाना बनाए जाने की खबर सामने आई है। शुरुआती रिपोर्टों में इलाके में कई धमाकों की आवाज सुनाई देने की बात कही गई थी। बाद में अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने पुष्टि की कि अमेरिकी सेना ने तीन ईरानी तेल टैंकरों के खिलाफ कार्रवाई की, जिनमें एक खार्ग आइलैंड के तट के पास था।
खार्ग आइलैंड के पास क्या हुआ?
ईरानी मीडिया ने शुरुआती तौर पर बताया कि खार्ग आइलैंड के पास एक छोटे ईरानी ऑयल टैंकर को अमेरिकी मिसाइलों से निशाना बनाया गया। ईरानी एजेंसी तस्नीम ने स्थानीय सूत्रों के हवाले से दावा किया कि टैंकर पर चार प्रोजेक्टाइल दागे गए और चालक दल को सुरक्षित बाहर निकालने की प्रक्रिया शुरू की गई। शुरुआती रिपोर्टों में किसी के हताहत होने की जानकारी नहीं थी।
इसके बाद अमेरिकी CENTCOM ने कहा कि खार्ग आइलैंड के पास एक ईरानी तेल वाहक समेत कुल तीन टैंकरों पर कार्रवाई की गई। अमेरिकी पक्ष के मुताबिक यह कदम ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) द्वारा अमेरिकी नौसैनिक जहाजों पर मिसाइल हमले के बाद उठाया गया।
अमेरिका ने तीन ईरानी टैंकरों पर की कार्रवाई
अमेरिकी सेना के अनुसार खार्ग आइलैंड के पास मौजूद एक तेल वाहक और जास्क के पास एक अन्य टैंकर को निष्क्रिय किया गया। तीसरे, खाली तेल टैंकर को ओमान की खाड़ी में निशाना बनाए जाने की बात कही गई है। अमेरिका का दावा है कि ये जहाज ऐसे नेटवर्क का हिस्सा थे, जिससे IRGC और उससे जुड़े क्षेत्रीय समूहों को आर्थिक मदद मिलती थी।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रमुख एडमिरल ब्रैड कूपर ने कहा कि अमेरिकी सैन्य बल अपने सैनिकों की सुरक्षा के लिए कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेंगे। हालांकि, ईरान की ओर से अमेरिकी कार्रवाई और उसके कारणों को लेकर अलग दावे किए गए हैं।
अमेरिकी जहाजों पर हमले का भी दावा
अमेरिकी पक्ष का कहना है कि ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड ने क्षेत्र में मौजूद दो अमेरिकी नौसैनिक जहाजों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार इन हमलों में कोई अमेरिकी कर्मी घायल नहीं हुआ। इसके बाद अमेरिकी सेना ने ईरान के तेल टैंकरों को निशाना बनाया।
ईरान ने भी अमेरिकी कार्रवाई के बाद जवाबी कार्रवाई की धमकी दी है। ईरानी सैन्य अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिकी हमले और समुद्री कार्रवाई जारी रहती है तो अमेरिकी सैन्य जहाजों के खिलाफ कार्रवाई और तेज हो सकती है।
क्यों महत्वपूर्ण है खार्ग आइलैंड?
खार्ग आइलैंड ईरान के लिए बेहद महत्वपूर्ण तेल निर्यात केंद्र है। ईरान के कच्चे तेल के बड़े हिस्से का निर्यात इसी क्षेत्र से होता है। इसलिए खार्ग आइलैंड के आसपास किसी भी सैन्य गतिविधि का असर केवल ईरान-अमेरिका संबंधों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी पड़ सकता है।
इसी वजह से खार्ग आइलैंड के आसपास किसी टैंकर पर हमला अंतरराष्ट्रीय बाजार के लिए भी चिंता का विषय माना जा रहा है।
बढ़ सकता है खाड़ी क्षेत्र में तनाव
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने का सीधा असर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर भी पड़ सकता है। यह समुद्री मार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। क्षेत्र में सैन्य तनाव बढ़ने से जहाजों की आवाजाही, बीमा लागत और ऊर्जा आपूर्ति पर दबाव बढ़ने की आशंका रहती है।
रिपोर्टों के मुताबिक हालिया घटनाक्रम के बाद दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया है। ईरान ने अमेरिकी कार्रवाई को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी है, जबकि अमेरिका ने अपने सैनिकों और नौसैनिक जहाजों की सुरक्षा को कार्रवाई का आधार बताया है।
आगे क्या होगा?
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यह है कि ईरान अमेरिकी हमले का किस तरह जवाब देता है और क्या इसके बाद खाड़ी क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां और बढ़ती हैं। शुरुआती रिपोर्टों में खार्ग आइलैंड के पास टैंकर पर हमले में किसी के हताहत होने की पुष्टि नहीं हुई थी। बाद की अमेरिकी पुष्टि ने इस घटना को व्यापक अमेरिकी कार्रवाई का हिस्सा बताया है।
ऐसे में आने वाले दिनों में अमेरिका-ईरान तनाव के साथ-साथ स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और वैश्विक तेल आपूर्ति पर भी दुनिया की नजर रहेगी।
कुल मिलाकर, खार्ग आइलैंड के पास ईरानी ऑयल टैंकर पर अमेरिकी कार्रवाई ने पहले से तनावपूर्ण स्थिति को और गंभीर बना दिया है। हालांकि दोनों पक्ष घटना को अलग-अलग तरीके से पेश कर रहे हैं, लेकिन तीन ईरानी तेल टैंकरों पर अमेरिकी कार्रवाई की पुष्टि अमेरिकी सेना ने की है। अब सबकी नजर ईरान की अगली प्रतिक्रिया पर है।








