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September 3, 2026 6:42 pm

स्वरा भास्कर के बयान पर आगरा में बवाल! प्रदर्शनकारियों ने जलाए पोस्टर, ‘जुबान काटने’ पर ₹1.51 लाख के इनाम का ऐलान

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फिल्म अभिनेत्री स्वरा भास्कर के फिल्म ‘पद्मावत’ में जौहर के चित्रण को लेकर दिए गए बयान पर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। अब यह मामला विरोध-प्रदर्शन तक पहुंच गया है। आगरा में योगी यूथ ब्रिगेड के कार्यकर्ताओं ने स्वरा भास्कर के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस दौरान उनके पोस्टर जलाए गए और कुछ प्रदर्शनकारियों ने पोस्टरों को पैरों तले रौंदकर अपना विरोध जताया।

विवाद उस समय और बढ़ गया जब प्रदर्शन के दौरान संगठन के प्रदेश अध्यक्ष कुंवर अजय तोमर की ओर से स्वरा भास्कर के खिलाफ बेहद आपत्तिजनक और हिंसक इनाम की घोषणा किए जाने की खबर सामने आई। रिपोर्टों के मुताबिक, उनकी जुबान काटने वाले को ₹1.51 लाख का इनाम देने की बात कही गई। ऐसी धमकी या हिंसा का आह्वान स्वीकार्य नहीं है और इसे बयानबाजी के बजाय कानूनी दायरे में देखा जाना चाहिए।

क्या है पूरा विवाद?

दरअसल, स्वरा भास्कर ने हाल ही में दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘पद्मावत’ के जौहर वाले दृश्य को लेकर अपनी पुरानी आपत्ति को फिर सामने रखा था। उन्होंने फिल्म में इस ऐतिहासिक प्रसंग के चित्रण और उसके संदेश पर सवाल उठाए थे। उनके मुताबिक, ऐसे संवेदनशील प्रसंगों को इस तरह पेश करने से आधुनिक दर्शकों के बीच अलग तरह का संदेश जा सकता है।

इसके बाद सोशल मीडिया पर उनके बयान की कुछ क्लिप तेजी से वायरल हुईं। आलोचकों ने आरोप लगाया कि स्वरा ने रानी पद्मावती और जौहर करने वाली महिलाओं के सम्मान पर सवाल उठाया। इसको लेकर राजपूत संगठनों और दूसरे समूहों की ओर से भी विरोध सामने आया।

स्वरा भास्कर ने दी सफाई

बढ़ते विवाद के बीच स्वरा भास्कर ने अपनी स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से समझा गया है और उन्होंने रानी पद्मावती को कायर नहीं कहा। उनका कहना था कि उनकी आपत्ति फिल्म में जौहर के चित्रण और उसे लेकर बनने वाले संदेश से थी।

स्वरा की सफाई के बावजूद विवाद शांत नहीं हुआ और उनके खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। आगरा में हुए प्रदर्शन ने इस पूरे मामले को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है।

आगरा में प्रदर्शन, पोस्टर जलाकर जताया विरोध

आगरा में योगी यूथ ब्रिगेड के कार्यकर्ताओं ने स्वरा भास्कर के खिलाफ प्रदर्शन किया। रिपोर्टों के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने उनके पोस्टर जलाए और कुछ पोस्टरों को पैरों से रौंदकर विरोध जताया। प्रदर्शन का नेतृत्व संगठन के प्रदेश अध्यक्ष कुंवर अजय तोमर ने किया।

प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि स्वरा ने राजपूत इतिहास और रानी पद्मावती से जुड़े प्रसंग पर टिप्पणी करते समय ऐतिहासिक और सांस्कृतिक भावनाओं का पर्याप्त ध्यान नहीं रखा। वहीं स्वरा का कहना है कि उनके बयान का उद्देश्य किसी समुदाय या ऐतिहासिक पात्र का अपमान करना नहीं था।

₹1.51 लाख के इनाम की घोषणा से बढ़ा विवाद

प्रदर्शन के दौरान सामने आया कथित ₹1.51 लाख का इनाम वाला बयान अब विवाद का सबसे संवेदनशील हिस्सा बन गया है। रिपोर्टों के अनुसार, यह इनाम स्वरा भास्कर को नुकसान पहुंचाने वाली हिंसक कार्रवाई के लिए घोषित किया गया था।

हालांकि किसी भी व्यक्ति के बयान या फिल्म को लेकर असहमति जताना लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन किसी व्यक्ति को शारीरिक नुकसान पहुंचाने की धमकी देना या उसके लिए इनाम घोषित करना अलग और गंभीर विषय है। ऐसे मामलों में कानून-व्यवस्था और कानूनी प्रक्रिया महत्वपूर्ण हो जाती है।

‘पद्मावत’ को लेकर पहले भी हुआ था बड़ा विवाद

संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘पद्मावत’ रिलीज से पहले और बाद में भी लंबे समय तक विवादों में रही थी। फिल्म में रानी पद्मावती से जुड़े प्रसंगों को लेकर कई संगठनों ने आपत्ति जताई थी। अब वर्षों बाद जौहर के दृश्य पर स्वरा भास्कर की टिप्पणी ने इस पुराने विवाद को फिर चर्चा में ला दिया है।

इस बार बहस केवल फिल्म के दृश्य तक सीमित नहीं है। एक तरफ इतिहास और राजपूत परंपराओं के सम्मान का मुद्दा उठाया जा रहा है, तो दूसरी तरफ फिल्म में ऐतिहासिक घटनाओं के चित्रण और उनके सामाजिक संदेश को लेकर सवाल किए जा रहे हैं।

दूसरे कलाकारों और संगठनों की प्रतिक्रिया भी सामने आई

स्वरा की टिप्पणी के बाद फिल्म इंडस्ट्री से भी प्रतिक्रियाएं आई हैं। अभिनेता रणवीर शौरी ने स्वरा की टिप्पणी की आलोचना की है। वहीं ‘पद्मावत’ के सह-लेखक प्रकाश कपाड़िया ने भी फिल्म में जौहर के चित्रण का बचाव किया और इसे उस दौर की ऐतिहासिक परिस्थितियों से जोड़कर देखा।

वहीं करणी सेना से जुड़े नेताओं की ओर से भी स्वरा के बयान की आलोचना की गई है। उनका कहना है कि राजपूत इतिहास और परंपराओं पर टिप्पणी करने से पहले ऐतिहासिक संदर्भ को समझना जरूरी है।

अब आगे क्या?

स्वरा भास्कर के बयान पर विवाद फिलहाल थमता नजर नहीं आ रहा है। एक ओर अभिनेत्री अपनी टिप्पणी की व्याख्या और सफाई दे रही हैं, तो दूसरी ओर विरोध करने वाले संगठन इसे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक भावनाओं से जोड़कर देख रहे हैं।

हालांकि इस पूरे विवाद में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि असहमति और विरोध अपनी जगह हो सकते हैं, लेकिन किसी व्यक्ति के खिलाफ हिंसा की धमकी या नुकसान पहुंचाने की अपील को सही नहीं ठहराया जा सकता। अब नजर इस बात पर रहेगी कि इस मामले में प्रशासन और पुलिस की ओर से कोई कानूनी कार्रवाई होती है या नहीं और विवाद पर आगे स्वरा भास्कर की क्या प्रतिक्रिया आती है।

निष्कर्ष

‘पद्मावत’ के जौहर दृश्य को लेकर शुरू हुई बहस अब आगरा के विरोध प्रदर्शन और कथित ₹1.51 लाख के इनाम की घोषणा तक पहुंच गई है। स्वरा भास्कर ने अपने बयान पर सफाई देते हुए कहा है कि उन्होंने रानी पद्मावती को कायर नहीं कहा था। दूसरी ओर प्रदर्शनकारी उनके बयान को ऐतिहासिक और सांस्कृतिक भावनाओं से जोड़कर विरोध कर रहे हैं।

फिलहाल यह मामला बयान बनाम विरोध से आगे बढ़कर कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक बहस का विषय बन गया है।

Rashmi Repoter
Author: Rashmi Repoter

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