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August 30, 2026 1:18 pm

ताशकंद पहुंचे PM मोदी, राष्ट्रपति मिर्जियोयेव ने किया गर्मजोशी से स्वागत; दो दिन के दौरे पर कई अहम मुद्दों पर होगी चर्चा

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को दो दिवसीय आधिकारिक दौरे पर उज्बेकिस्तान की राजधानी ताशकंद पहुंचे। यहां राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव ने उनकी गर्मजोशी से अगवानी की। दोनों नेताओं की मुलाकात को भारत और उज्बेकिस्तान के बीच बढ़ते रणनीतिक और मैत्रीपूर्ण संबंधों के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी की यह उज्बेकिस्तान यात्रा ऐसे समय हो रही है, जब भारत मध्य एशिया के साथ अपने रणनीतिक, आर्थिक और सुरक्षा संबंधों को और मजबूत करने पर जोर दे रहा है। दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, रक्षा, ऊर्जा, डिजिटल कनेक्टिविटी और क्षेत्रीय सहयोग जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है।

राष्ट्रपति मिर्जियोयेव ने की अगवानी

ताशकंद पहुंचने पर राष्ट्रपति मिर्जियोयेव ने खुद प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत किया। दोनों नेताओं के बीच गर्मजोशी और दोस्ताना माहौल देखने को मिला। रिपोर्टों के मुताबिक, दोनों नेताओं ने एक साथ कार में यात्रा भी की, जिसे भारत-उज्बेकिस्तान के करीबी संबंधों के प्रतीक के तौर पर देखा गया।

पीएम मोदी ने ताशकंद पहुंचने के बाद यांगी उज्बेकिस्तान स्मारक पर राष्ट्रपति मिर्जियोयेव के साथ पुष्पांजलि भी अर्पित की। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह स्मारक उज्बेकिस्तान के लोगों की आकांक्षाओं और देश की प्रगति को दर्शाता है।

व्यापार और निवेश पर रहेगा फोकस

दो दिवसीय यात्रा के दौरान भारत और उज्बेकिस्तान के बीच आर्थिक सहयोग को आगे बढ़ाने पर खास जोर रहने की संभावना है। दोनों देश व्यापार और निवेश के नए अवसर तलाशने के साथ-साथ कारोबारी संबंधों को और मजबूत करने पर चर्चा कर सकते हैं।

भारत के लिए मध्य एशिया ऊर्जा, खनिज संसाधनों, व्यापार मार्गों और नए बाजारों के लिहाज से महत्वपूर्ण क्षेत्र है। ऐसे में उज्बेकिस्तान के साथ आर्थिक साझेदारी बढ़ाना भारत की व्यापक मध्य एशिया नीति का अहम हिस्सा है।

रक्षा और रणनीतिक सहयोग भी अहम

दौरे के एजेंडे में रक्षा और रणनीतिक सहयोग भी प्रमुख मुद्दों में शामिल है। भारत और उज्बेकिस्तान के बीच सुरक्षा सहयोग को आगे बढ़ाने के साथ क्षेत्रीय स्थिरता और आतंकवाद से जुड़े मुद्दों पर भी विचार-विमर्श की संभावना है। प्रधानमंत्री मोदी पहले ही इस बात पर जोर दे चुके हैं कि क्षेत्र को आतंकवाद, अलगाववाद और चरमपंथ से मुक्त बनाने के लिए देशों के बीच सहयोग जरूरी है।

डिजिटल और ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग

दोनों देशों के बीच डिजिटल कनेक्टिविटी और ऊर्जा सहयोग को भी नई दिशा देने पर बातचीत हो सकती है। भारत अपनी डिजिटल क्षमताओं और तकनीकी अनुभव को मध्य एशियाई देशों के साथ साझा करने की दिशा में लगातार काम कर रहा है।

ऊर्जा सुरक्षा भी इस क्षेत्र में भारत की प्राथमिकताओं में शामिल है। ऐसे में उज्बेकिस्तान के साथ ऊर्जा और संबंधित क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के रास्तों पर चर्चा महत्वपूर्ण हो सकती है।

ताशकंद के बाद किर्गिस्तान जाएंगे PM मोदी

उज्बेकिस्तान के दो दिवसीय दौरे के बाद प्रधानमंत्री मोदी किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक जाएंगे, जहां 31 अगस्त और 1 सितंबर को होने वाले शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। इस दौरान क्षेत्रीय सुरक्षा, कनेक्टिविटी, आर्थिक सहयोग और आतंकवाद जैसे मुद्दे प्रमुखता से उठ सकते हैं।

इस तरह प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा सिर्फ द्विपक्षीय संबंधों तक सीमित नहीं है, बल्कि मध्य एशिया में भारत की रणनीतिक भूमिका को मजबूत करने के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है। ताशकंद में मिर्जियोयेव के साथ होने वाली बातचीत से भारत-उज्बेकिस्तान संबंधों को नई गति मिलने की उम्मीद है।

Rashmi Repoter
Author: Rashmi Repoter

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