मणिपुर में सोमवार, 24 अगस्त को एक बार फिर तनाव बढ़ गया। सेनापति जिले के ताफौ इलाके में आगजनी और गोलीबारी की घटनाओं के बाद हालात बिगड़ गए। रिपोर्टों के मुताबिक, इस घटनाक्रम में कम से कम दो घरों को आग के हवाले किया गया, जबकि दो समूहों के बीच हुई गोलीबारी में एक CRPF जवान घायल हो गया। प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रभावित इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है।
ताफौ इलाके में सुबह-सुबह आगजनी
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, हिंसा की शुरुआत तड़के हुई। पड़ोसी कांगपोकपी जिले के ताफौ कुकी गांव में एक मकान में आग लगा दी गई। इसके कुछ समय बाद सेनापति जिले के ताफौ नागा गांव में भी एक अन्य मकान को जला दिया गया। इन घटनाओं के बाद इलाके में तनाव बढ़ गया और लोगों में डर का माहौल बन गया।
स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा बलों ने स्थिति पर नजर रखते हुए अतिरिक्त बल तैनात किए। अधिकारियों की प्राथमिकता इलाके में हिंसा को और फैलने से रोकना तथा सामान्य स्थिति बहाल करना है।
गोलीबारी में CRPF जवान घायल
आगजनी की घटनाओं के बाद सुबह करीब 9 बजे ताफौ नागा इलाके में दो समूहों के बीच गोलीबारी शुरू हो गई। इसी दौरान एक CRPF जवान घायल हो गया। उसे इलाज के लिए सेनापति जिला अस्पताल ले जाया गया। अधिकारियों के मुताबिक, जवान की हालत खतरे से बाहर बताई गई है।
घटना के बाद सुरक्षा बलों ने इलाके में अपनी मौजूदगी बढ़ा दी। पुलिस और प्रशासन की ओर से हालात पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
NH-2 पर प्रदर्शन और रास्ता प्रभावित
हिंसा और आगजनी के विरोध में स्थानीय लोगों ने सेनापति गेट के पास प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रीय राजमार्ग-2 पर लकड़ियां और टायर जलाकर कुछ समय के लिए सड़क को बाधित किया। इससे इम्फाल-दिमापुर मार्ग पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई।
हालांकि बाद में सुरक्षा व्यवस्था के बीच सड़क पर यातायात बहाल करने की कोशिश की गई। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाली गतिविधियों से दूर रहने की अपील की है।
गांव प्राधिकरण ने की घटना की निंदा
ताफौ कुकी विलेज अथॉरिटी ने आगजनी की घटना की कड़ी निंदा की है। प्राधिकरण ने इसे अस्वीकार्य बताते हुए प्रशासन से घटना की जांच करने और जिम्मेदार लोगों की पहचान कर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही लोगों और संगठनों से हिंसा, आगजनी और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों से बचने की अपील की गई है।
सुरक्षा बलों की बढ़ाई गई तैनाती
ताजा घटनाओं के बाद प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। प्रशासन का प्रयास है कि स्थिति को जल्द सामान्य किया जाए और किसी भी तरह की नई हिंसा को रोका जा सके। संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बलों की मौजूदगी बढ़ाने के साथ स्थानीय स्तर पर निगरानी भी तेज की गई है।
लंबे समय से तनाव की स्थिति
मणिपुर में मई 2023 से जारी जातीय तनाव के कारण राज्य के कई हिस्सों में लंबे समय से सुरक्षा चुनौती बनी हुई है। ऐसे में ताफौ और आसपास के इलाकों में हुई ताजा आगजनी तथा गोलीबारी ने एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है।
फिलहाल प्रशासन की नजर स्थिति पर बनी हुई है। अधिकारियों का कहना है कि इलाके में शांति बनाए रखने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों से भी अफवाहों पर भरोसा न करने और प्रशासन की ओर से जारी सूचनाओं पर ही विश्वास करने की अपील की जा रही है।
ताजा घटनाक्रम में कम से कम दो मकानों में आगजनी और एक CRPF जवान के घायल होने की पुष्टि हुई है। जवान की हालत खतरे से बाहर बताई गई है, जबकि सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ाकर इलाके में स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश जारी है।








