राजस्थान के झुंझुनूं जिले के ककराना गांव में सोमवार को बेहद गमगीन माहौल रहा। भारतीय नौसेना के जवान पूरणमल मेहरा, उनकी पत्नी ओमा मेहरा और उनके दो बच्चों के पार्थिव शरीर गांव पहुंचे, जहां चारों की एक साथ अंतिम विदाई हुई। एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत से पूरा गांव शोक में डूब गया।
चार पार्थिव शरीर गांव पहुंचे तो हर आंख हुई नम
मुंबई से चारों पार्थिव शरीर राजस्थान लाए गए। इसके बाद गुढ़ागौड़जी थाने से सेना के वाहन के जरिए उन्हें ककराना गांव ले जाया गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण अंतिम विदाई देने के लिए पहुंचे। गांव में माहौल बेहद भावुक रहा और परिवार के लोगों के साथ ग्रामीण भी शोक में नजर आए।
रिपोर्टों के मुताबिक, पूरणमल मेहरा और उनकी पत्नी का अंतिम संस्कार एक ही चिता पर किया गया, जबकि दोनों बच्चों को दफनाया गया। नौसेना के जवान पूरणमल को अंतिम विदाई के दौरान गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया। उनके पिता को तिरंगा सौंपा गया।
2015 में नौसेना में भर्ती हुए थे पूरणमल
परिजनों के मुताबिक, पूरणमल मेहरा वर्ष 2015 में जोधपुर से भारतीय नौसेना में भर्ती हुए थे। वर्ष 2020 में उनकी शादी सीकर जिले के खंडेला निवासी ओमा मेहरा से हुई थी। दंपती के दो बच्चे थे। परिवार मुंबई के नेवी नगर स्थित सरकारी आवास में रह रहा था।
परिवार के सदस्यों ने बताया कि पूरणमल से करीब छह दिन पहले फोन पर बातचीत हुई थी। इसके बाद परिजन उन्हें फोन कर रहे थे, लेकिन संपर्क नहीं हो पाया। बाद में मुंबई में चारों के शव मिलने की जानकारी सामने आई।
मुंबई में हुई थी मौत, जांच जारी
15 अगस्त को मुंबई के कोलाबा स्थित नेवी नगर के सरकारी आवास में पूरणमल और उनके परिवार के सदस्यों के शव मिले थे। पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है। प्रारंभिक जांच में परिवार से जुड़े कुछ पहलुओं और अन्य संभावित कारणों को देखा जा रहा है। अधिकारियों की जांच और पोस्टमॉर्टम व फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर मौत की परिस्थितियों को स्पष्ट करने की कोशिश की जा रही है।
मौके से किसी पत्र के मिलने की पुष्टि नहीं हुई है और बाहरी व्यक्ति की संलिप्तता भी अभी स्थापित नहीं हुई है। इसलिए मामले की अंतिम वजह को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
तिरंगा लेकर निकली मोटरसाइकिल रैली
चारों पार्थिव शरीर जब गांव की ओर ले जाए गए तो स्थानीय युवाओं ने हाथों में तिरंगा लेकर मोटरसाइकिल रैली निकाली। नौसेना के जवान पूरणमल को सैन्य सम्मान के साथ विदाई दी गई। इस दौरान गांव में देशभक्ति के नारों के साथ शोक का माहौल भी बना रहा।
पूरणमल तीन भाइयों में दूसरे नंबर के थे। उनके बड़े भाई भी सेना में कार्यरत हैं, जबकि पिता गांव में किराने की दुकान चलाते हैं। परिवार के लिए यह घटना बेहद गहरा सदमा लेकर आई है।
एक परिवार के चार सदस्यों की एक साथ अंतिम विदाई ने ककराना गांव को गम में डुबो दिया। फिलहाल मुंबई पुलिस मामले की सभी संभावित पहलुओं से जांच कर रही है और आगे की रिपोर्ट से ही घटना की परिस्थितियों की पूरी तस्वीर साफ होगी।








