उत्तर प्रदेश के अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की रकम में कथित चोरी का मामला सामने आने के बाद जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। पुलिस की पूछताछ में पता चला है कि बीते 40 दिनों के भीतर कथित तौर पर 70 बार चढ़ावे से रकम निकाली गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने चढ़ावे की गिनती की पूरी व्यवस्था में बदलाव कर दिया है। अब पहले की तरह दो शिफ्टों में गिनती नहीं होगी, बल्कि पूरी प्रक्रिया एक ही शिफ्ट में संपन्न कराई जाएगी ताकि निगरानी और पारदर्शिता बढ़ाई जा सके।
जांच में सामने आए चौंकाने वाले तथ्य
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं। जांच में यह सामने आया कि कथित चोरी की लगभग सभी घटनाएं शाम की शिफ्ट के दौरान हुई थीं। पहली शिफ्ट में चढ़ावे की गिनती के दौरान किसी भी प्रकार की अनियमितता या चोरी की घटना सामने नहीं आई।
यही वजह है कि मंदिर प्रशासन ने शाम की अलग शिफ्ट समाप्त कर पूरी गिनती की प्रक्रिया को एक ही शिफ्ट में करने का निर्णय लिया है। प्रशासन का मानना है कि इससे निगरानी बेहतर होगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं की संभावना कम होगी।
चार आरोपियों से हुई पूछताछ
पुलिस ने इस मामले में अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा और करुणेश पांडे से विस्तृत पूछताछ की है। पूछताछ और जांच के दौरान मिले इनपुट के आधार पर पुलिस ने पूरे घटनाक्रम की समय-सीमा और तरीके को समझने का प्रयास किया।
सूत्रों के मुताबिक, चारों आरोपियों ने अलग-अलग समय पर चढ़ावे से रकम निकालने की बात स्वीकार की है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस कथित हेराफेरी में और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं तथा चोरी की कुल रकम कितनी थी।
सबसे अधिक भूमिका अविनाश शुक्ला की
जांच में सबसे अहम भूमिका अविनाश शुक्ला की सामने आई है। पुलिस के अनुसार, उसने अकेले 50 से अधिक बार चढ़ावे से कथित तौर पर रकम निकाली। जांच में यह भी पता चला कि कई दिनों में आरोपियों ने एक ही दिन दो-दो बार चढ़ावे से पैसे निकालने की कोशिश की।
इतना ही नहीं, पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि 40 दिनों के दौरान पांच ऐसे दिन थे, जब कथित तौर पर एक ही दिन तीन-तीन बार चढ़ावे से रकम निकाली गई। इन खुलासों ने सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी प्रणाली पर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
बदली गई गिनती की व्यवस्था
घटना के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट और मंदिर प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की है। अब चढ़ावे की गिनती के दौरान निगरानी को और सख्त किया जाएगा। गिनती की पूरी प्रक्रिया सीमित कर्मचारियों और कड़ी निगरानी में एक ही शिफ्ट में पूरी होगी।
इसके अलावा, सीसीटीवी निगरानी, रिकॉर्डिंग और कर्मचारियों की जवाबदेही को भी और मजबूत किए जाने की तैयारी है, ताकि भविष्य में किसी भी तरह की अनियमितता की संभावना न रहे।
पुलिस की जांच जारी
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है। आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है और सभी वित्तीय रिकॉर्ड, ड्यूटी रोस्टर तथा सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है। यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं के विश्वास को बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसलिए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मुख्य बातें
- अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी का बड़ा खुलासा।
- 40 दिनों में कथित तौर पर 70 बार चढ़ावे से रकम निकाली गई।
- जांच में सामने आया कि सभी घटनाएं शाम की शिफ्ट के दौरान हुईं।
- अविनाश शुक्ला पर 50 से अधिक बार चोरी करने का आरोप।
- मंदिर प्रशासन ने चढ़ावे की गिनती की व्यवस्था बदली, अब एक ही शिफ्ट में होगी काउंटिंग।
- पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।








