जयपुर। राजस्थान की अर्थव्यवस्था की गति बढ़ाने एवं राज्य के औद्योगिक विकास को नई दिशा देने के लिए रीको लगातार सक्रिय प्रयास कर रहा है। वित्तीय वर्ष 2026-27 की प्रथम तिमाही (1 अप्रैल 2026 से 30 जून 2026) में 1038 औद्योगिक भूखण्डों का आवंटन (ऑफर लेटर सहित) किया गया है, जबकि पिछले वित्तीय वर्ष की समान अवधि में 214 भूखण्ड आवंटित किए गए थे जिससे स्पष्ट है कि रीको ने भूखण्ड आवंटन में पांच गुना से अधिक वृद्धि दर्ज की है। रीको ने इस वित्तीय वर्ष के प्रथम तीन माह में लगभग 1364 करोड़ रुपये की भूमि उद्यमियों को आवंटित की है, जबकि पिछले वर्ष यह राशि 584 करोड़ रुपये थी।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मंशा के अनुरूप, रीको औद्योगिक क्षेत्रों के विकास एवं उद्यमियों को आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिये प्रतिबद्ध है। इसी क्रम में औद्योगिक आधारभूत ढांचे को मजबूत बनाने के लिए रीको ने विकास कार्यों पर भी बड़ा निवेश किया है। वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में 899 कार्यादेश जारी किए गए, जिनकी कुल राशि 385 करोड़ रुपये है। पिछले वर्ष इसी अवधि में 812 कार्यादेश जारी हुए थे, जिनकी राशि 221 करोड़ रुपये थी।
नए औद्योगिक क्षेत्रों के विकास के लिए भूमि उपलब्ध कराने में भी रीको ने उल्लेखनीय प्रगति की है। विभिन्न सरकारी विभागों से आवंटित कराई गई भूमि के भुगतान पर वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में 146 करोड़ रुपये व्यय किए गए, जबकि पिछले वर्ष यह राशि लगभग 64 करोड़ रुपये थी।
रीको प्रबंध निदेशक सुरेश कुमार ओला ने बताया कि भूखण्ड आवंटन, विकास कार्यों तथा नए औद्योगिक क्षेत्रों के विस्तार में आई यह तेजी राज्य में निवेश और रोजगार के नए अवसर सृजित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। रीको की यह उपलब्धि दर्शाती है कि रीको प्रत्येक वर्ष नए मानक स्थापित करते हुए राजस्थान के औद्योगिक विकास को नई गति और दिशा दे रहा है।








