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July 1, 2026 9:59 pm

29वें राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सम्मेलन 2026 का आगाज़: जयपुर बना भारत की डिजिटल गवर्नेंस की राजधानी

राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सम्मेलन
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जयपुर अगले दो दिनों तक देश में डिजिटल गवर्नेंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डेटा आधारित प्रशासन और भविष्य की तकनीक पर होने वाले सबसे बड़े राष्ट्रीय मंथन का केंद्र बन गई है। राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर (RIC) में बुधवार को 29वें राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सम्मेलन (National e-Governance Conference – NCeG 2026) का भव्य शुभारंभ मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने किया।

इस वर्ष सम्मेलन की थीम “विकसित भारत 2047 : एआई सक्षम, डेटा संचालित एवं सुरक्षित डिजिटल गवर्नेंस” रखी गई है। सम्मेलन का आयोजन भारत सरकार के प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग (DARPG), इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) तथा राजस्थान सरकार के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है।

देशभर से 2,700 से अधिक प्रतिनिधि, 200 से अधिक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय वक्ता, 1,100 से अधिक स्टार्टअप्स, 400 से अधिक शिक्षाविद, वरिष्ठ आईएएस अधिकारी, नीति-निर्माता और उद्योग जगत के विशेषज्ञ इस राष्ट्रीय सम्मेलन में भाग ले रहे हैं।


आज की सबसे बड़ी घोषणाएं

उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राजस्थान की डिजिटल गवर्नेंस को नई दिशा देने वाली कई महत्वपूर्ण पहलों का शुभारंभ किया।

लॉन्च हुई नई डिजिटल सेवाएं

  • राजस्थान लैंग्वेज मॉडल ट्रेनिंग हैकाथॉन
  • स्मार्ट राजस्थान परियोजना (स्वचालित नागरिक सेवा वितरण मंच)
  • राजस्थान इनोवेशन चैलेंज
  • ई-मित्र व्हाट्सएप सेवा

इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने “डिजिटल राजस्थान कॉफी टेबल बुक” का विमोचन भी किया।

उद्घाटन से पहले उन्होंने डिजिटल गवर्नेंस प्रदर्शनी का अवलोकन किया और विभिन्न स्टार्टअप्स एवं सरकारी विभागों द्वारा प्रदर्शित नई तकनीकों की जानकारी ली।


मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का संदेश: तकनीक का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे

मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीक केवल सुविधा का माध्यम नहीं बल्कि सामाजिक समावेशन और जनकल्याण का सबसे प्रभावी साधन बननी चाहिए।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डिजिटल इंडिया, जनधन-आधार-मोबाइल (JAM) ट्रिनिटी और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) ने सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे लोगों तक पहुंचाया और बिचौलियों की भूमिका समाप्त की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि—

  • UPI ने डिजिटल भुगतान व्यवस्था में क्रांति ला दी है।
  • AI, डेटा एनालिटिक्स और साइबर सुरक्षा आधुनिक प्रशासन की रीढ़ बन चुके हैं।
  • भविष्य की शासन व्यवस्था पारदर्शी, तेज, सुरक्षित और नागरिक-केंद्रित होगी।

राजस्थान की डिजिटल उपलब्धियां

मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की कई प्रमुख उपलब्धियों का उल्लेख किया।

राजस्थान संपर्क

राजस्थान संपर्क पोर्टल पर हर महीने लगभग

2.5 से 3 लाख शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि वे स्वयं भी राजस्थान संपर्क पर आने वाली शिकायतों की नियमित समीक्षा करते हैं।


AI एवं मशीन लर्निंग पॉलिसी 2026

राजस्थान सरकार ने

  • AI-ML Policy 2026
  • AI एवं क्वांटम कंप्यूटिंग मिशन

लागू कर प्रशासन, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और उद्योग में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उपयोग का रास्ता खोला है।


स्टार्टअप इकोसिस्टम में बड़ी छलांग

पिछले दो वर्षों में राजस्थान के स्टार्टअप सेक्टर में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

क्षेत्र पहले वर्तमान
स्टार्टअप 4,000 8,500+
निवेश ₹250 करोड़ ₹1,000 करोड़+
रोजगार 22,000 47,000+

राज्य सरकार ने

  • 9 इन्क्यूबेशन सेंटर
  • 65 आई-स्टार्ट लॉन्चपैड

स्थापित किए हैं, जिनसे 1.28 लाख से अधिक विद्यार्थी नवाचार और उद्यमिता से जुड़े हैं।


मजबूत हुआ डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में

  • 1,686 किलोमीटर ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क
  • हजारों सरकारी भवन डिजिटल नेटवर्क से जुड़े
  • 3,200 से अधिक ग्राम पंचायतों में 12,500 हाई-स्पीड इंटरनेट कनेक्शन
  • 79,000 से अधिक ई-मित्र कियोस्क
  • 900 से अधिक ऑनलाइन सरकारी सेवाएं

सफलतापूर्वक संचालित हो रही हैं।


भर्ती में AI आधारित पारदर्शिता

राजस्थान में सरकारी भर्ती परीक्षाओं में

  • AI आधारित फोटो सत्यापन
  • e-KYC

व्यवस्था लागू की गई है ताकि भर्ती प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बन सके।


साइबर सुरक्षा पर विशेष जोर

राज्य सरकार ने

  • आधुनिक साइबर लैब
  • साइबर रेंज प्लेटफॉर्म

स्थापित किए हैं।

इसके अलावा

25,000 से अधिक सीसीटीवी कैमरे सार्वजनिक स्थलों और शैक्षणिक संस्थानों में लगाए गए हैं।


उद्योग जगत के साथ राउंड टेबल बैठक

सम्मेलन के बाद मुख्यमंत्री ने उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ उच्च स्तरीय राउंड टेबल बैठक की।

उन्होंने कहा कि राजस्थान तेजी से देश का प्रमुख केंद्र बन रहा है—

  • Artificial Intelligence
  • Data Centres
  • Global Capability Centres (GCC)
  • Drone Technology
  • Geospatial Technologies

के क्षेत्र में।

उन्होंने कहा कि राज्य में

  • ग्रीन एनर्जी
  • उद्योग अनुकूल नीतियां
  • सिंगल विंडो क्लियरेंस
  • कम परिचालन लागत
  • युवा प्रतिभा

राजस्थान को निवेश के लिए सबसे उपयुक्त राज्य बना रही है।


राजस्थान में ₹43 हजार करोड़ से अधिक डेटा सेंटर निवेश

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य को

₹43,000 करोड़ से अधिक के डेटा सेंटर निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।

प्रमुख निवेशकों में शामिल हैं—

  • STT GDC
  • HG Ekayaa
  • Niyo Bolt
  • Jtudium

जयपुर में STT GDC द्वारा AI Ready Data Centre भी स्थापित किया जा चुका है।


भविष्य की डिजिटल रणनीति

मुख्यमंत्री ने आने वाले वर्षों के लिए कई नई प्राथमिकताओं की घोषणा की।

इनमें प्रमुख हैं—

  • AI Excellence Centre
  • Quantum Computing
  • Startup Friendly Procurement
  • Industry-Academia Partnership
  • AI आधारित प्रशासन
  • Data Centre Expansion
  • Research एवं Innovation Ecosystem
  • नई तकनीकों के माध्यम से रोजगार सृजन

उन्होंने उद्योग जगत से राजस्थान को केवल निवेश का नहीं बल्कि नवाचार का भागीदार बनाने का आह्वान किया।


आईटी मंत्री राज्यवर्धन राठौड़ ने क्या कहा?

सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने कहा कि शासन अब

Governance → e-Governance → AI Governance

की दिशा में आगे बढ़ चुका है।

उन्होंने कहा कि आज नागरिकों को

  • तेज सेवा
  • बेहतर सेवा
  • अधिकतम सेवा

की अपेक्षा है और AI तथा डेटा आधारित प्रशासन से यह लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।


मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास का संदेश

मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने कहा कि डिजिटल गवर्नेंस प्रशासनिक परिवर्तन का सबसे मजबूत आधार बन चुका है।

उन्होंने कहा—

  • डिजिटल तकनीक से पारदर्शिता बढ़ी है।
  • सरकारी सेवाएं पहले से अधिक तेज और प्रभावी हुई हैं।
  • AI, डेटा एनालिटिक्स और सुरक्षित डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित भारत-2047 की आधारशिला होंगे।
  • यह सम्मेलन सरकार, उद्योग, स्टार्टअप्स और शिक्षण संस्थानों को एक साझा मंच प्रदान कर रहा है, जहां भविष्य की डिजिटल गवर्नेंस की दिशा तय होगी।

सम्मेलन में उपस्थित प्रमुख गणमान्य

राजनीतिक नेतृत्व

  • मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
  • सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़
  • संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल

वरिष्ठ आईएएस अधिकारी

  • वी. श्रीनिवास — मुख्य सचिव, राजस्थान
  • एस. कृष्णन — सचिव, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारत सरकार
  • निवेदिता शुक्ला वर्मा — सचिव, प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग (DARPG), भारत सरकार
  • डॉ. रवि कुमार सुरपुर — शासन सचिव, सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग, राजस्थान

इसके अलावा विभिन्न राज्यों के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी, तकनीकी विशेषज्ञ, स्टार्टअप संस्थापक, उद्योग प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में युवा नवाचारक सम्मेलन में शामिल हुए।


29वां राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सम्मेलन केवल एक सरकारी आयोजन नहीं बल्कि भारत के डिजिटल भविष्य की दिशा तय करने वाला राष्ट्रीय मंच बनकर उभरा है। AI आधारित प्रशासन, डेटा संचालित निर्णय प्रणाली, सुरक्षित डिजिटल अवसंरचना, स्टार्टअप नवाचार और नागरिक-केंद्रित सेवाओं पर राजस्थान का जोर स्पष्ट संकेत देता है कि राज्य आने वाले वर्षों में AI, डेटा सेंटर, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और स्मार्ट गवर्नेंस का राष्ट्रीय नेतृत्व करने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। यह सम्मेलन “विकसित भारत 2047” के विजन को तकनीक और सुशासन के माध्यम से साकार करने की महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

Devender Singh
Author: Devender Singh

tv journalist with a 25 years of experience. Earlier worked for etv,indianews, sahara samay, bharat express etc

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