संसदीय राजभाषा समिति की प्रथम उपसमिति ने भारतीय समुद्री विश्वविद्यालय, कोलकाता परिसर का किया निरीक्षण भारत, 30 जून 2026: संसदीय राजभाषा समिति की प्रथम उपसमिति ने हाल ही में भारतीय समुद्री विश्वविद्यालय (आईएमयू), कोलकाता परिसर का निरीक्षण कर राजभाषा नीति के क्रियान्वयन तथा शासकीय कार्यों में हिंदी के प्रगतिशील प्रयोग की समीक्षा की।
संसदीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व समिति के उपाध्यक्ष एवं लोकसभा सांसद श्री भर्तृहरि महताब तथा प्रथम उपसमिति के संयोजक एवं राज्यसभा सांसद डॉ. दिनेश शर्मा ने किया। प्रतिनिधिमंडल में श्री सत्यपाल ब्रह्मचारी, श्री किशोरी लाल शर्मा, श्री विश्वेश्वर हेगड़े कागेरी सहित समिति सचिवालय के वरिष्ठ अधिकारी एवं अन्य माननीय सांसद भी शामिल थे। निरीक्षण के दौरान समिति ने भारतीय समुद्री विश्वविद्यालय में राजभाषा नीति के कार्यान्वयन की विस्तृत समीक्षा की। समिति के माननीय सदस्यों ने शासकीय कार्यों में हिंदी के प्रगतिशील प्रयोग को बढ़ावा देने हेतु आईएमयू कोलकाता परिसर द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना की तथा राजभाषा के उपयोग को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव एवं मार्गदर्शन प्रदान किया।

इस अवसर पर भारतीय समुद्री विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. मालिनी वी. शंकर, प्रति-कुलपति डॉ. राजू बालाजी, कुलसचिव श्री के. सरवनन, आईएमयू कोलकाता परिसर के निदेशक रियर एडमिरल (सेवानिवृत्त) अमित बोस सहित विश्वविद्यालय के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। राजभाषा नीति के उद्देश्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए आईएमयू कोलकाता परिसर ने शासकीय पत्राचार, प्रशासनिक कार्यों तथा दैनिक कार्यालयीन गतिविधियों में हिंदी के प्रयोग को और अधिक बढ़ावा देने का संकल्प व्यक्त किया। साथ ही, विश्वविद्यालय ने समुद्री शिक्षा, प्रशिक्षण एवं अनुसंधान के क्षेत्र में उत्कृष्टता बनाए रखने की अपनी प्रतिबद्धता भी दोहराई। भारतीय समुद्री विश्वविद्यालय के बारे में भारतीय समुद्री विश्वविद्यालय (आईएमयू), जिसका मुख्यालय चेन्नई में स्थित है, की स्थापना 14 नवंबर 2008 को एक केंद्रीय विश्वविद्यालय के रूप में की गई थी।

इसकी स्थापना देश के सात प्रतिष्ठित समुद्री संस्थानों को एकीकृत कर विश्वस्तरीय समुद्री शिक्षा, प्रशिक्षण एवं अनुसंधान उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई। वर्तमान में विश्वविद्यालय चेन्नई, कोच्चि, कोलकाता, मुंबई, नवी मुंबई तथा विशाखापत्तनम स्थित परिसरों के माध्यम से स्नातक (यूजी), स्नातकोत्तर (पीजी) एवं पीएच.डी. कार्यक्रम संचालित करता है। इसके अतिरिक्त विश्वविद्यालय से संबद्ध 17 समुद्री प्रशिक्षण संस्थान भी कार्यरत हैं।








