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June 15, 2026 1:26 pm

मशहद में सुपुर्द-ए-खाक होंगे अयातुल्ला अली खामेनेई, ईरान ने घोषित की दफन की तारीख

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ईरान ने अपने दिवंगत सर्वोच्च नेता Ayatollah Ali Khamenei के अंतिम संस्कार और दफन की तारीखों का आधिकारिक ऐलान कर दिया है। सरकारी मीडिया के अनुसार, खामेनेई की अंतिम यात्रा 4 जुलाई से राजधानी तेहरान में शुरू होगी, जबकि 9 जुलाई को उन्हें उनके पैतृक शहर और शिया मुसलमानों के प्रमुख धार्मिक केंद्र Mashhad में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।

ईरानी अधिकारियों के मुताबिक अंतिम संस्कार कार्यक्रम कई चरणों में आयोजित किया जाएगा। 4 जुलाई से तेहरान में श्रद्धांजलि समारोह शुरू होंगे, जिसके बाद 7 जुलाई को पवित्र शहर Qom में विशेष धार्मिक आयोजन किए जाएंगे। इसके बाद 9 जुलाई को मशहद में दफन की रस्म पूरी होगी।

चार महीने से अधिक समय बाद होगा अंतिम संस्कार

अयातुल्ला खामेनेई की मृत्यु 28 फरवरी 2026 को ईरान पर हुए हमलों के दौरान हुई थी। इस घटना के बाद देशभर में शोक की लहर दौड़ गई थी। हालांकि इस्लामी परंपराओं के अनुसार दफन जल्द किया जाता है, लेकिन युद्ध जैसी असाधारण परिस्थितियों और सुरक्षा कारणों के चलते अंतिम संस्कार कार्यक्रम को कई बार टालना पड़ा। यही वजह है कि उनकी मृत्यु के 100 दिनों से अधिक समय बाद अंतिम विदाई की तारीख तय की गई है।

मशहद क्यों है खास?

मशहद ईरान का दूसरा सबसे बड़ा शहर और शिया मुसलमानों का सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक केंद्र माना जाता है। यहां स्थित Imam Reza Shrine दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक स्थलों में से एक है। रिपोर्टों के अनुसार खामेनेई को इसी पवित्र परिसर के निकट दफनाया जाएगा, जिससे यह स्थान उनके समर्थकों के लिए एक महत्वपूर्ण स्मारक बन सकता है।

36 वर्षों तक ईरान का नेतृत्व

अयातुल्ला अली खामेनेई ने लगभग 36 वर्षों तक ईरान के सर्वोच्च नेता के रूप में देश का नेतृत्व किया। उनके कार्यकाल में ईरान ने मध्य पूर्व की राजनीति में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई और क्षेत्रीय प्रभाव को लगातार बढ़ाया। वे अमेरिका की नीतियों के मुखर आलोचक माने जाते थे और ईरान के परमाणु कार्यक्रम तथा क्षेत्रीय रणनीति के प्रमुख सूत्रधारों में शामिल थे।

लाखों लोगों के जुटने की संभावना

विश्लेषकों का मानना है कि खामेनेई की अंतिम यात्रा में लाखों लोग शामिल हो सकते हैं। तेहरान, क़ोम और मशहद में होने वाले समारोहों के लिए व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए जा रहे हैं। ईरानी प्रशासन को उम्मीद है कि देशभर से श्रद्धालु और समर्थक अंतिम दर्शन के लिए पहुंचेंगे।

राजनीतिक महत्व भी

खामेनेई के निधन के बाद ईरान की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। उनके उत्तराधिकारी के रूप में उनके पुत्र Mojtaba Khamenei ने नेतृत्व संभाला है। ऐसे में जुलाई में होने वाले अंतिम संस्कार समारोह केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि ईरान की नई राजनीतिक दिशा और सत्ता हस्तांतरण का प्रतीक भी माने जा रहे हैं।

ईरान के लिए यह केवल एक अंतिम संस्कार नहीं, बल्कि उस युग को विदाई देने का अवसर होगा जिसने पिछले तीन दशकों से अधिक समय तक देश की राजनीति, विदेश नीति और क्षेत्रीय रणनीति को आकार दिया।

Rashmi Repoter
Author: Rashmi Repoter

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