देशभर में एक बार फिर पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। पिछले 10 दिनों में तीसरी बार ईंधन के दाम बढ़ाए गए हैं, जिससे महंगाई की मार और गहरी होती नजर आ रही है। ताजा बढ़ोतरी के बाद पेट्रोल 87 पैसे प्रति लीटर और डीजल 91 पैसे प्रति लीटर महंगा हो गया है। लगातार बढ़ती कीमतों का असर अब सिर्फ वाहन चालकों तक सीमित नहीं है, बल्कि ट्रांसपोर्ट, सब्जियों, राशन और रसोई गैस समेत रोजमर्रा की कई चीजों पर भी पड़ने लगा है।
तेल कंपनियों द्वारा 15 मई, 19 मई और अब 23 मई को लगातार कीमतों में बढ़ोतरी की गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण भारत में ईंधन महंगा हो रहा है। खास तौर पर ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव तथा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज क्षेत्र में अस्थिरता ने वैश्विक तेल आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
नई दरों के बाद कई शहरों में पेट्रोल की कीमत 100 रुपये प्रति लीटर के करीब पहुंच गई है, जबकि डीजल भी रिकॉर्ड स्तर पर बिक रहा है। राजधानी दिल्ली, मुंबई, जयपुर, पटना और भोपाल जैसे शहरों में वाहन चालकों की जेब पर इसका सीधा असर दिखाई देने लगा है। लोग सोशल मीडिया पर लगातार बढ़ती कीमतों को लेकर नाराजगी जाहिर कर रहे हैं।
पेट्रोल-डीजल महंगा होने का सबसे बड़ा असर ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर पड़ता है। ट्रक, बस और मालवाहक वाहनों का संचालन खर्च बढ़ने से सब्जियां, दूध, अनाज और अन्य जरूरी सामान की ढुलाई महंगी हो जाती है। इसका सीधा असर बाजार कीमतों पर पड़ता है और आम आदमी को ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ते हैं। कई ट्रांसपोर्ट यूनियनों ने भी चेतावनी दी है कि अगर ईंधन की कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं तो किराए और माल भाड़े में इजाफा करना पड़ेगा।
रसोई का बजट भी इससे प्रभावित हो सकता है। बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, ट्रांसपोर्ट लागत बढ़ने से खाने-पीने की वस्तुओं की कीमतें धीरे-धीरे बढ़ती हैं। सब्जियों, फलों, दालों और दूध के दामों में आने वाले दिनों में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। इसके अलावा कई शहरों में CNG की कीमतों में भी बढ़ोतरी हुई है, जिससे ऑटो और टैक्सी किराए महंगे होने की संभावना बढ़ गई है।
आर्थिक जानकारों का मानना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें इसी तरह ऊंची बनी रहीं, तो आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल के दामों में और बढ़ोतरी हो सकती है। इससे महंगाई दर पर भी दबाव बढ़ेगा और आम लोगों के घरेलू बजट पर असर पड़ेगा। फिलहाल जनता को उम्मीद है कि सरकार जल्द कोई राहत भरा कदम उठाएगी ताकि बढ़ती महंगाई से थोड़ी राहत मिल सके।








