देश में एक बार फिर आम जनता की जेब पर महंगाई का असर देखने को मिला है। लगातार दूसरे दिन CNG की कीमतों में बढ़ोतरी की गई है, जिससे वाहन चालकों और ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर अतिरिक्त बोझ बढ़ गया है। नई दरों के बाद अब सीएनजी से चलने वाले वाहनों का खर्च और अधिक बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, इस ताजा बढ़ोतरी के बाद CNG की कीमतों में प्रति किलोग्राम कुछ रुपये का इजाफा हुआ है। हालांकि अलग-अलग शहरों में रेट में थोड़ा अंतर देखा जा सकता है, लेकिन कुल मिलाकर सभी जगहों पर कीमतें ऊपर की ओर गई हैं। यह लगातार दूसरा दिन है जब CNG के दामों में संशोधन किया गया है, जिससे उपभोक्ताओं में नाराजगी देखी जा रही है।
टैक्सी, ऑटो और कैब चालकों पर इस बढ़ोतरी का सीधा असर पड़ा है। उनका कहना है कि ईंधन की लागत बढ़ने से रोजमर्रा की कमाई पर असर पड़ रहा है और किराए में बढ़ोतरी की मांग फिर से उठ सकती है। वहीं, निजी वाहन चालकों के लिए भी अब CNG आधारित यात्रा पहले से ज्यादा महंगी हो गई है।
ऊर्जा विशेषज्ञों के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में गैस की कीमतों में उतार-चढ़ाव और आपूर्ति से जुड़ी परिस्थितियों का असर घरेलू बाजार पर पड़ रहा है। इसी कारण CNG के दामों में समय-समय पर संशोधन किया जा रहा है।
सरकार और संबंधित कंपनियों की ओर से अभी तक इस बढ़ोतरी को लेकर कोई अलग से प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में कीमतों की समीक्षा जारी रह सकती है।
फिलहाल लगातार बढ़ती CNG कीमतों ने आम उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ा दी है और लोग वैकल्पिक ईंधन विकल्पों की ओर भी देखने लगे हैं।








