देश में साइबर ठगी के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं और अब अपराधी लोगों के मोबाइल फोन को निशाना बनाकर बड़ी रकम उड़ा रहे हैं। हाल ही में सामने आए एक मामले में साइबर अपराधियों ने एक महिला का फोन हैक कर उसके बैंक खाते से करीब 25 लाख रुपये निकाल लिए। इस घटना ने एक बार फिर ऑनलाइन सुरक्षा और साइबर जागरूकता को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के मुताबिक, महिला के मोबाइल पर एक संदिग्ध लिंक भेजा गया था। शुरुआत में यह लिंक किसी जरूरी अपडेट या बैंकिंग सेवा से जुड़ा हुआ लग रहा था। महिला ने जैसे ही उस लिंक पर क्लिक किया, साइबर ठगों ने उसके फोन का एक्सेस हासिल कर लिया। इसके बाद अपराधियों ने मोबाइल बैंकिंग, ओटीपी और निजी जानकारी का इस्तेमाल कर खाते से लाखों रुपये ट्रांसफर कर दिए।
साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि आजकल हैकर्स फिशिंग लिंक, फर्जी ऐप, स्क्रीन शेयरिंग ऐप और नकली कस्टमर केयर कॉल के जरिए लोगों को निशाना बना रहे हैं। कई बार लोगों को पता भी नहीं चलता कि उनका फोन हैक हो चुका है।
विशेषज्ञों के अनुसार, फोन हैक होने से पहले कुछ संकेत दिखाई देते हैं जिन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। इनमें फोन का अचानक धीमा हो जाना, बैटरी तेजी से खत्म होना, अनजान ऐप्स का दिखना, बिना इस्तेमाल के इंटरनेट डेटा खत्म होना, स्क्रीन का अपने आप ऑन-ऑफ होना, अजीब मैसेज या कॉल आना और बैंक खाते से अनजान ट्रांजैक्शन शामिल हैं। अगर ऐसे संकेत दिखें तो तुरंत सतर्क हो जाना चाहिए।
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और केवल आधिकारिक ऐप्स ही डाउनलोड करें। इसके अलावा मोबाइल और बैंकिंग ऐप्स में टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन जरूर चालू रखें। समय-समय पर पासवर्ड बदलना और मजबूत पासवर्ड का इस्तेमाल करना भी बेहद जरूरी है।
अगर किसी व्यक्ति को लगता है कि उसका फोन हैक हो गया है, तो तुरंत इंटरनेट बंद कर देना चाहिए, बैंक हेल्पलाइन से संपर्क करना चाहिए और सभी जरूरी पासवर्ड बदल देने चाहिए। साथ ही राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल और हेल्पलाइन नंबर 1930 पर तुरंत शिकायत दर्ज करानी चाहिए, ताकि समय रहते ट्रांजैक्शन रोके जा सकें।
साइबर अपराधियों के तरीके लगातार बदल रहे हैं और वे तकनीक का इस्तेमाल कर लोगों को आसानी से जाल में फंसा रहे हैं। ऐसे में जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव माना जा रहा है। छोटी सी लापरवाही बैंक खाते को खाली कर सकती है, इसलिए ऑनलाइन दुनिया में सतर्क रहना अब बेहद जरूरी हो गया है।








